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Wednesday, February 10, 2021

झोपड़ी में गुजर रहा जीवन, अब तक नहीं मिली मदद

आग लगने से एक वर्ष पूर्व खंडहर हो गया था आशियाना 

आर्थिक संकट के चलते नहीं मिल सका आवास योजना का लाभ 

बबेरू, के एस दुबे । आग लगने से आशियाना एक वर्ष पूर्व जल गया। पीड़ित परिवार को आस थी कि प्रशासन से कुछ इमदाद मिलेगी, लेकिन वह भी नसीब नहीं हो सकी। मसलन झोपड़ी बनाकर पीड़ित परिवार अपना जीवन बसर कर रहा है। तकलीफदेह बात तो यह है कि पीड़ित परिवार की मुट्ठी खाली होने की वजह से उसे आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल सका, ताकि उसे छत नसीब हो सके। प्रधान और सचिव से की गई फरियाद में आर्थिक संकट आड़े आ गया। खुले आसमान तले भगवान भरोसे पीड़ित परिवार झोपड़ी में जीवन बसर कर रहा है। 

पूरी तरह से ध्वस्त मकान

ब्लाक बबेरू के अंतर्गत ग्राम कुचेन्दू निवासी माता प्रसाद पुत्र स्व. चुनवाद के रिहायशी मकान में एक वर्ष पहले आग लग गई थी। इससे मकान जलकर खंडहर में तब्दील हो गया था और ग्रहस्थी की सामाग्री भी राख के ढेर में बदल गई थी। आर्थिक संकट के चलते मकान का निर्माण नही कराया। पशुबाड़ा में जानवरों के साथ रहकर किसी तरह से परिवार सहित गुजर बसर करते रहे। लेकिन बारिश ने भी कहर ढा दिया। पशुबाड़ा का मकान भी ध्वस्त हो गया। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर है। बीते छह माह से झोपड़ी बनाकर बूढ़ी मां को लेकर अपने परिवार के साथ गुजर बसर करने को विवश है। कई बार प्रधान सचिव से आवास के लिए गुहार
झोपडी में बसर करता गरीब परिवार

लगाई, लेकिन कोई भी इमदाद नही मिली। माता प्रसाद की बूढ़ी मां ने रो-रोकर बताया कि गरीबी में कोई सहारा नही होता है। प्रधान सचिव ने आवास के लिए रूपए मांगे। बताया कि घर में खाने के लाले पड़े हैं, ऐसे में आवास के लिए रुपया कहां से दें। मुट्ठी गर्म न होने पर प्रधान और सचिव ने आवास नही दिया। बल्कि जिनके पक्के मकान बने हैं, उनको आवास योजना का लाभ दिया गया है। माता प्रसाद ने बताया कि तीन बेटा और दो बेटी हैं। मेहनत मजदूरी करके किसी तरह से भरण पोषण करते हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) श्रीकान्त गुप्त का कहना है कि आपदा की सूची न आने से उसे लाभ नही मिल पाया है। 


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