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Monday, February 22, 2021

हमारी संगठनात्मक सोच हमें अन्य दलों से अलग करती है - कैलाश चौधरी

बाँदा, के0 एस0 दुबे - कृषि विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय किसान मेला के अवसर पर आए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने जिला भाजपा कार्यालय में किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण गोष्ठी को संबोधित किया। जहां उन्होंने कृषि बिल के अहम पहलुओं को रखते हुए भारत विरोधी तथा किसान विरोधी शक्तियों के झूठ से सावधान रहने का आह्वान किया।


    नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय में महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के उपरांत प्रारंभ की गई किसान मोर्चा की उक्त गोष्ठी में अपने संबोधन में जनपद के प्रभारी मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि हमारे यहां संगठनात्मक दृष्टि से 6 मोर्चों का गठन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा गठन अन्य किसी राजनीतिक दलों में नहीं है। यह भाजपा की संवैधानिक सोच के माध्यम से विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए किया गया। सभी को समान रुप से समान अधिकार देने की हमारी कार्यपद्धती और हमारी संगठनात्मक सोच हमें अन्य दलों से अलग करती है। मोदी सरकार की किसी भी योजना में कोई भेदभाव नहीं है। यह योजनाएं सभी के लिए बराबर अवसर प्रदान करती हैं। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं द्वारा कठिन परिश्रम और त्याग तपस्या के कारण ही आज 2 सांसदों वाली पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में हम सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के जमाने में जब चुनाव चिन्ह दीपक हुआ करता था उस समय विरोधी नारा लगाते थे "इस दिए में तेल नहीं- सरकार बनाना खेल नहीं" परंतु आज वही पार्टियां हाशिए में चली गई हैं। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास पर काम करते हुए सभी के लिए समान अवसर प्रदान कर रही है। जबकि पहले की सरकारें जाति, धर्म, परिवार को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाती थी। उन्होंने कहा कि देश में 10,000 एफपीओ के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का बीड़ा उठाया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में एक एफपीओ बनेगा। प्रत्येक फसल में किसानों को दो बार भुगतान प्राप्त हो सकेगा। नए कृषि बिल से किसान का एग्रीमेंट जो होगा वह फसल का होगा, खेत का नहीं। किसान बढ़ी हुई दर पर अपनी फसल कहीं भी, किसी भी जगह बेच सकता है। परंतु व्यापारी अगर एग्रीमेंट के खिलाफ जाएगा तो उसके विरूद्ध कानूनी कारवाही होगी। चौधरी ने कहा कि किसान ईमानदार होता है। किसान कभी गलत पैसा नहीं खाता इसीलिए किसानों के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर इस कानून को बनाया गया है। किसानों के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस कानून को विपक्षी दल काला कानून कह रहे हैं परंतु दुख की बात है कि आज तक यह नहीं बता पाए कि उसने काला क्या है। गोष्ठी को किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री राजेश सिंह सिंगर किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने भी संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामकेश निषाद द्वारा की गई जहां गोष्ठी के समापन अवसर पर सभी का आभार व्यक्त कर गोष्ठी समापन की घोषणा की गई। वहीं गोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री संजय सिंह द्वारा किया गया।
 

   इस अवसर पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड के पदाधिकारी अयोध्या प्रसाद सिंह, माता बदल प्रजापति तथा बीडी प्रजापति, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जगराम सिंह चौहान, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री अजय सिंह पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, बाल मुकुंद शुक्ला, लवलेश सिंह, अखिलेश नाथ दीक्षित, कल्लू सिंह राजपूत, विवेकानंद गुप्ता, प्रेम नारायण द्विवेदी, धीरेंद्र सिंह, पंकज रैकवार, ममता मिश्रा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष विजय विक्रम सिंह, कमलेश अवस्थी, मनोज पुरवार, संतू गुप्ता, धर्मेंद्र त्रिपाठी, आनंद स्वरूप द्विवेदी, राजर्षि शुक्ला, दिनेश यादव, नीरज पटेल, वंदना गुप्ता, राजेश सेन,  रूपा चौहान, राममिलन तिवारी, दीपक सिंह गौर, राम नरेश मिश्रा, अतुल मोहन, नरेंद्र तिवारी, देवेंद्र भदौरिया, डॉ मनीष गुप्ता, आत्माराम शुक्ला, आत्मस्वरूप विश्वकर्मा, सुखदेव प्रसाद, डॉक्टर रागिनी शिवहरे, राकेश गुप्ता, रामबाबू त्रिपाठी, अमित निगम, राजा दीक्षित, राहुल गौतम, सोहन सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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