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Friday, February 12, 2021

सहारा इंडिया के रीजन कार्यालय झांसी में रिकॉर्ड को जलाया गया क्यों.........................

............ सहारा इंडिया का ऑफिस आशिक चौराहा रीजन कार्यालय झांसी की छत के ऊपर करीब 10 एवं लगभग 20 दिन से स्टेशनरी जलाई जा रही थी जानकारी उपरोक्त तक  पहुंचाई गई परंतु उन पर कार्यवाही ना करते हुए उनको बचाने का कार्य किया जा रहा है ऐसा क्यों क्या वह रिकॉर्ड से भी को प्राप्त हो जाता तो सारा को क्या दिक्कत आ सकती थी बहुत सारे प्रश्न उठते हैं बनते हैं परंतु हकीकत क्या है क्यों रिकॉर्ड जलाया गया इस पर जांच कंपनियां अगर जांच करेंगी को स्पष्ट तौर पर सामने आएगा,ऐसा मुझे जानकारी प्राप्त हुई, इस पर मुझे काल्पनिक नाम रमेश ने बताया मैंने कहा मौखिक तौर पर कार्य नहीं होता है रिटर्न में आप हमें दिखाइए तो हम  सहारा इंडिया के प्रबंध तंत्र तक इस कृत्य को पहुंचाने का प्रयास करेंगे और उसके बाद भी कार्यवाही नहीं होती है तो हम आपका यह समाचार पेपर में छापेगे , और वही हुआ प्रबंध तंत्र तत्व जानकारी नहीं पहुंची मुझे ऐसा महसूस होता है लेकिन प्रबंध तंत्र के जो नीचे बैठे हुए लोग हैं डायरेक्टर सहारा इंडिया के टेरिटरी प्रमुख विजय वर्मा जी तक उक्त बात को रखा गया परंतु उन्होंने इस संदर्भ में कोई कार्यवाही नहीं करी सहारा इंडिया रीजन झांसी की छत के ऊपर रिकॉर्ड चलाने का तात्पर्य क्या है क्या कुछ ऐसे रिकॉर्ड है जो सेबी के द्वारा सहारा का नुकसान हो सकता है तथा यह आदेश ऊपर से प्राप्त हुआ हो कि यह रिकॉर्ड को शीघ्र से शीघ्र चला दो क्योंकि एक बार यह मसला सामने आया था तभी ना सहारा इंडिया के ऑफिस के कार्यकर्ता स्टाफ लोडर में रिकॉर्ड को भरकर ले गए और तालबेहट में जो एक पानी का डैम है वहां पर उन्होंने उसको जलाया और जलाने के बाद हवा इतनी तेज थी कि वह रोड ऊपर सब तितर-बितर होकर बिखर गए जिसकी सूचना सहारा इंडिया के ट्रिटरी को के मालिक श्री विजय वर्मा जी को दी गई तथा उस समय जोनल चीफ कानपुर सहारा इंडिया के  प्रदीप श्रीवास्तव जी उन्होंने सब रफा-दफा करवा दिया टेरिटरी प्रमुख विजय बर्मा के निर्देशानुसार रीजन के रीजनल  राजेश सिंह एवं जेपी इम्तियाज अली एवं झांसी के एचआर देखने वाले अशरफ स्पष्ट तौर पर वीडियो में अंकित हैं रिकॉर्ड को जलाते हुए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई क्यों पूछता है आज का कमजोर व्यक्ति क्या छोटे लोगों पर ही कार्यवाही सहारा इंडिया परिवार में होती है बड़े लोग कितना भी घात  पाच करें उसे क्या प्रबंध तंत्र उन्हें यह सब कराने का निर्देश देता है, क्योंकि उन लोगों पर


कार्रवाई नहीं होती है, संदेह के घेरेे में मैनेजमेंट की बात आती है, टेरिटरी प्रमुख श्री विजय वर्मा जी को दी गई उपाधि एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इसी तरह घात 5 करने वालों को ही ऐसे पद पर रखा गया है जो अन्याय करने वाले की मदद करें और सपोर्ट करें यहां पर सही और ईमानदार व्यक्ति की कोई आवश्यकता नहीं है। जब इस धारणा से कार्य होगा तो आप समझ ले जिन लोगों का पैसा जमा है इस तरह के अन्याय करने वाले लोग आज ऊंचे ऊंचे पद पर बैठे हैं तो क्या किसी का पैसा आसानी से मिलने की उम्मीद की जा सकती है। इतिहास गवाह है सिकंदर महान का नाम सुना होगा आप लोगों ने सिकंदर बहुत महान था उसने पूरे विश्व पर विजय प्राप्त कर ली थी लेकिन एक बात उसने कही थी जब मैं मरू तो मेरे हाथ फैला दिए जाएं आसमान की तरह जब वह मरा सिकंदर महान तो उसके हाथ फैला दिए गए और कहा चाय देखो यही सिकंदर है जिसने पूरे विश्व पर राज किया था आज हाथ फैलाए खाली हाथ जा रहा है जिसने पूरे विश्व को जीत लिया वह आज हाथ फैलाए खाली हाथ जा रहा है उसके पास कुछ भी नहीं है , यह सिर्फ उसने इसी लिए कहा थाा किआने वाली जनरेशन आने वाले समय में लोग इसे मिसाल के तौर पर याद करेंगेेेेेेेे सिकंदर जैसे महान  भी दोनों हाथ खाली होकर गया सिकंदर महान कहा जाता है। आज सहारा इंडिया परिवार में बहुत से बड़े अधिकारी से लेकर रीजनल मैनेजर सेक्टर मैनेजर तक अपनी तानाशाही मनमानी करते हैं और इन लोगों ने पूरे खानदान को सहारा इंडिया में लगवा रखा है। यह सहारा इंडिया परिवार का एक बहुत बड़ा सहारा इंडिया में परेशानी आने का मुख्य कारण है।क्योंकि जो बड़े-बड़े अधिकारी हैं उनके परिवार के उनके रिश्तेदार उनके नातेदार सब इस संस्था में अच्छे-अच्छे पदों पर कार्य कर रहे हैं वह किसी के साथ अच्छा कैसे करेंगे उनको वह और डर नाम की चीज नहीं है क्योंकि ऊपर उनके आका बैठे हैं वह सब ताका


झांकी करके सब ठीक करा देते हैं । विजय वर्मा जी टेरीटरी प्रमुख सहारा इंडिया के जो नियम की बात करते हैं मुझे जानकारी प्राप्त हुई है उनकी पुत्री सहारा इंडिया में कार्य करती है तथा उनका 5 प्रमोशन करा कर उन्हें कानपुर अपने घर पर ट्रांसफर कर दिया क्यों किया अगर कोई दूसरा व्यक्ति घर जाना चाहता है उसके घर के पास हो जाता है अगर वह काम करता है मेहनत करता है तो आपको ऑब्जेक्शन है ऐसा क्यों क्या यही परिवार है मूर्ख बनाने के लिए सिर्फ परिवार का रूप दे रखा है। सत्य कड़वा होता है और सत्य परेशान होता है सत्य विचलित होता है सत्य विचलित होने की स्थिति में संभालने की कुदरती ईश्वर रूपी माया उसे बचाती है। क्यों बचाती है क्योंकि कहा जाता है सत्य परेशान होता है पराजित नहीं हर कोई कहता है इस बात को नेता से लेकर हमारे  माननीय तेजस्वी प्रधानमंत्री जी ने भी यही कहा है लेकिन इसके बीच में जो परेशानियां व्यक्ति को होती 

है उसका दंड का भागी कौन है बहुत लोग आज हैं इस प्रश्न को जानना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है यह लेख मेरा सहारा इंडिया के प्रबंध तंत्र तक जाएगा तो मुझे उम्मीद है इस कृत को करने वालों को सख्त से सख्त कार्यवाही होगी और इनका स्थानांतरण एवं टर्मिनेशन यह मैनेजमेंट तय करेगा मुझे सिर्फ सच्चाई बताने का आप तक पहुंचाने का मीडिया का कार्य होता है वह मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी निभाई है। फोटो में दाएं तरफ एक हाथ आगे किए वह इम्तियाज अली सहारा इंडिया के उप रीजनल मैनेजर झांसी के हैं दूसरे जो दोनों हाथ भी आगे किए हैं वह अशरफ सहारा इंडिया झांसी रीजन के कर्मचारी और इम्तियाज अली के बहुत ही करीबी है। के सभी जिले के संदर्भ में मुख्यालय से जांच करने आए आशुतोष मिश्रा जी ने वहां पर आग लगने की बात को और स्टेशनरी वाउचर स्लिप जलाने की बात जेपी इम्तियाज अली अन्य लोगों ने स्वीकार किया लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है रीजनल केजेपी ओरिजिनल मैनेजर और अन्य लोगों ने छोटे कर्मचारियों को दबाव बनाकर मीटर लिखकर दे दिया अपने को बचाने के लिए जानकारी प्राप्त हुई है कि छोटे कर्मचारी जो संविदा में फोर्थ क्लास में हैं उनसे लिखवा कर दिया गया और वह लोग बहुत रो रहे थे कह रहे थे अगर इन लोगों की ना सुने तो नौकरी यहां नहीं हो पाएगी हम क्या करें ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है। अरे वीडियो और फोटो से स्पष्ट हो रहा है जब यह इस गिरफ्त में पहुंच जाते हैं सहारा की संपत्तियों को बिना परमिशन के जलाते हैं ऐसे लोग क्या कुछ नहीं कर सकते क्या आज वह सारा में लोगों की डिप्रेशन में जाने का कारण क्या है निरंतर मृत्यु दर बढ़ती जा रही क्यों बीमारियां निरंतर बढ़ती जा रही क्यों क्योंकि अन्याय चरम पर है। जो सहारा इंडिया में जांच प्रक्रिया है और जांच प्रक्रिया सिर्फ लीपापोती और बचाव एक दूसरे को करती है कोई स्पष्ट जांच नहीं होती है जो क्षेत्र का रीजनल मैनेजर या जूनियर प्रोग्रामर होता है सेक्टर मैनेजर अन्य लोग सब अपने को सेव करने के लिए छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा बना देते हैं।इसको ध्यान रखने की जरूरत है जांच एजेंसियों को ईश्वर से डरते हुए न्याय करने की जरूरत है बहुत से परिवार सहारा इंडिया में आज उस दहलीज पर खड़े हैं जहां पर आगे कुआं है पीछे खाई है,क्या करें इस असमंजस में पड़े हुए हैं। हमें जानकारी मिली लखनऊ सहारा इंडिया के टेरिटरी प्रमुख श्री विजय वर्मा जी लोगों से कहते हैं आपके पास तो बहुत ही पावर है बहुत लोग जानने वाले हैं जाइए जो मैं चाहूंगा वह होगा जाकर मुकदमा कर दीजिए जब ऐसे लोग बैठे किसी मुद्दे को हल नहीं करते हैं सिर्फ आवेश में आकर पद की गरिमा के विपरीत मुकदमा करने की बात कहते हैं इसे हम क्या कह सकते हैं।

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