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Monday, February 22, 2021

समझौते की खेती से किसान कमा सकता है मुनाफा: केन्द्रीय मंत्री

कृषि विवि में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेले में बोले केंद्रीय राज्यमंत्री कैलाश 

समझौते से खेती कर किसान कमा सकता है अधिक मुनाफा 

इस वर्ष तकरीबन तीन करोड़ नए किसान क्रेडिट कार्ड बने 

बांदा, के एस दुबे । बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय मेले के अंतिम दिन केंद्रीय राज्यमंत्री कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कैलाश चैधरी ने संबोधित किया। समापन सत्र में मंत्री ने कहा कि कान्ट्रैक्ट फार्मिंग पर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसानों को अच्छा बाजार उपलबध हो रहा है। समझौते की खेती करते हुए किसान अधिक मुनाफा कमा सकता है। वर्तमान में 1.30 करोड़ बजट किसानों की समृद्धि के लिए वर्तमान सरकार ने आवंटित किया है। 75 हजार करोड़ सीधे किसानो के खातों में जा रहे है। इस वर्ष लगभग 3 करोड़ नये किसानो के केसीसी बने हैं। हमारी सरकार 10 हजार नए एफपीओ बनाने का लक्ष्य रखा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी

श्री चैधरी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय कुलपति डा. यूएस गौतम के नेतृत्व में कम समय में ही किसानों को तिल और अलसी की अच्छी किस्में दी हैं। यहां के वैज्ञानिकगण शोध मे अच्छा कार्य कर रहे हैं। इसका लाभ बुन्देलखंड के किसानो को अवश्य उठाना चाहिये। कार्यक्रम के शुभारंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. यूएस गौतम ने स्वागत किया। बताया कि विश्वविद्यालय पिछले 2.5 वर्षो मे शिक्षा, शोध और प्रसार में कैसे नए आयाम हासिल किए हैं। हमारे वैज्ञानिको ने जैविक खेती को आगे बढ़ाने के लिये बुन्देलखण्ड जैविक कारिडोर किसानो की समृद्धि एवं तकनिकी ज्ञान के प्रसार के लिये 100 गांवो को गोद लिया है। इसी तरह से विश्वविद्यालय ने आइएफएस माडल विकसित कर क्षेत्रानुकूल तकनीकी के प्रसार मे अहम भूमिका निभाई है। डा. गौतम ने कहा कि आज बुन्देलखंड का किसान इस विश्वविद्यालय को एक अवसर के रूप में देख रहा है। यहां के पढ़े छात्र उद्यमी, उच्च संस्थान मे शिक्षा, अच्छे पैकेेज पर रोजगार पा रहे हैं। बीज उत्पादन का लक्ष्य पूर्ति कर इस वर्ष पांच हजार कुंतल रखा है। निश्चित तौर पर यहां के किसान इससे लाभान्वित होंगे।  

स्टाल का अवलोकन करते मंत्री, साथ में कुलपति व अन्य

क्षेत्रीय मेले समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे राज्यमंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान लाखन सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि यह विश्वविद्यालय इस बुन्देेलखण्ड की कृषकों के भाग्य बदल रहा है। इस अवसर का लाभ कृषकों को ही मिलेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि जब कही भी किसान मेला गोष्ठी, प्रशिक्षण, एवं संबंधित कार्यक्रम आयोजित हो रहा हो तब ऐसे समय किसानों को प्रतिभाग अवश्य करना चाहिए। वैज्ञानिक दिन रात मेहनत कर कृषकों के लिये कार्य कर रहे हंै। डा. बीजेन्द्र सिंह कुलपति नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या ने अपने वकत्वय में कहा कि प्रदेश मे ऐसा आयोजन कम ही देखने को मिलता है। डा. एसके सिंह निदेशक, कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयो से यह विश्वविद्यालय कम समय मे बहुत ही ख्याती प्राप्त की है। श्री डीएस चैहान, सीजीएम नाबार्ड लखनऊ ने कहा कि नाबार्ड ने हमेशा किसानो के साथ कार्य किया है। हम विश्वविद्यालय के साथ मिल कर किसानों के उज्जवल भविष्य के लिये अच्छा कार्य करेगे। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद ने कहा कि देश और प्रदेश के किसान कैसे आत्मनिर्भर बनें, इसके कृषि वैज्ञानिक निरंतर प्रयास कर रहे है। सरकार के बहुत सारे निर्णय कृषक हित मे एवं आत्म निर्भर किसान एवं आत्म निर्भर भारत के लिये कार्य कर रही है। सांसद बांदा-चित्रकूट आरके सिंह पटेल ने कहा कि वर्तमान भारत एवं उत्तर प्रदेश सरकार यह निरंतर प्रयास कर रही है कि किसानो को उसके उत्पाद का अच्छा समर्थन मूल्य प्राप्त हो। बुन्देलखण्ड के किसानो को खेती के तरफ मोड़ना अति आवश्यक है। यहां के किसान दुग्ध उत्पादन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। केन्द्र और प्रदेश की वर्तमान सरकार बीज, उर्वरक तथा कृषि यंत्रो पर भारी छूट दे रही है। 

कार्यक्रम में मंच पर डा. अतर सिंह, निदेशक अटारी कानपुर, बलराम कछवाह अटारी जोन-3 के प्रवन्ध समिति के नामित सदस्य, राजेश सिंह सेंगर, भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री एवं सदस्य उप्र, शिवशंकर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय किसान मोर्चा, डा. प्रियरंजन प्रसाद सिंह, संस्थापक अध्यक्ष द-एडीआर सेन्टर नई दिल्ली की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय मे टीएसपी परियोजना के कृषक समूहों को ट्रैक्टर वितरित किए गए। मेला परिसर आने से पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कैलाश चैधरी एवं समस्त गणमान व्यक्तियों ने विश्वविद्यालय में विभिन्न स्थलों पर भ्रमण किया। इसमे आईएफएस माडल, संरक्षित खेती, सेडा फार्म, टिशु कल्चर लैब तथा परिसर में संचालित विभिन्न गतिविधियों को अवलोकन किया। कार्यक्रम मे विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. जीएस पंवार ने सबको सम्मानित किया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव तथा सह निदेशक प्रसार डा. नरेन्द्र सिंह ने तीन दिवसीय मेला में आए हुए सभी लोगों, वैज्ञानिकों, किसानो, मीडिया के प्रतिनिधियो, छात्र छात्राओ तथा परोक्ष और अपरोक्ष रूप से जुड़े लोगो को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डा. बीके गुप्ता ने किया। 


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