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Thursday, February 18, 2021

किसानों और पुलिस के बीच चला लुका-छिपी का दौर

रेल रोको आंदोलन को लेकर पुलिस रही तैनात 

कुछ देर के लिए रेलवे ट्रैक पर बैठ पाए किसान 

नारेबाजी कर किसानों ने किसान बिल वापस करने की मांग की 

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा 

बांदा, के एस दुबे । किसानों का आंदोलन किसान बिलों को वापस करने के लिए लगातार जारी है। शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर किसानों का पूर्व घोषित रेल रोको आंदोलन के चलते पूरा दिन अफरा-तफरी मची रही। एक तरफ पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही, वहीं किसान पुलिस को मात देकर रेल का चक्का जाम करने का पूरा प्रयास करते नजर आए। ट्रेन स्टेशन पर आई तो किसान रेलवे ट्रैक की ओर दौड़े। इधर पुलिस कर्मियों ने भी दौड़ लगा दी। चंद मिनटों के लिए ही सही किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में किसान नेताओं व अन्य किसानों को रेलवे ट्रैक से हटाया। इधर, कचहरी के समीप किसानों और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी के माध्यम से भिजवाने के लिए अधिकारी को सौंपा। 

रेलवे ट्रैक पर नारेबाजी करते बुंदेलख्ंाड किसान यूनियन के पदाधिकारी व किसान

कृषि बिलों को वापस लिए जाने के लिए किसान आंदोलित हैं। काफी दिनों से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर किसान संगठनों बुंदेलखंड किसान यूनियन और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और सैकड़ों की संख्या में किसान कई जत्थों में बंट गए। पहले तो किसानों का हुजूम कचहरी के समीप एकत्र हुआ। इसके बाद किसान इधर उधर होकर जत्थों में बंट गए। किसानों का हुजूम को देखते हुए पहले से ही पुलिस
जुलूस की शक्ल में किसान संगठन के पदाधिकारीगण

प्रशासन की ओर से सख्त व्यवस्था की गई थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया था और किसानों पर पैनी निगाह थी। तमाम स्थानों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी। स्टेशन जाने वाले रास्तों पर खासतौर से पुलिस की निगाह रही। एक यात्री ट्रेन स्टेशन पहुुंची तो इधर-उधर बंटे किसान दौड़कर रेलवे ट्रैक की ओर पहुंच ही रहे थे कि पीछे से पुलिस ने भी दौड़ लगा ली। चंद मिनटों के लिए ही सही किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे और पीछे से पहुंची पुलिस ने किसानों को जोर जबरदस्ती करते हुए ट्रैक से हटाया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि किसान बिल किसान हित में नहीं हैं, इनको तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। नारेबाजी के दौरान पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए सख्ती दिखाई। इसके बाद किसान कचहरी की ओर आए तो यहां पर भी पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा और भारतीय किसान यूनियन के के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक
प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल

अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि किसान बिलों को तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही एमएसपी पर गारंटी कानून बाया जाए। ज्ञापन में कहा कि खून पसीना एक करके अनाज पैदा करने वाला किसान जब बाजारों में अनाज भेजता है तभी देश के अन्य नगारिक भी अपना पेट भरते हैं। अब वही किसान भुखमरी की स्थिति में है। सरकार द्वारा लाए गए कानूनों का विरोध करते हुए किसान सड़कों पर हैं। कृषि प्रधान देश कहलाने वाला देश भारत जहां लगभग 80 करोड़ किसान निवास करते हें, केंद्र सरकार की नीतियों से किसानों के इस लोकतांत्रिक अधिकार को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा, गणेश प्रसाद शर्मा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, राकेश साहू कोषाध्यक्ष, अखिलेश, दिनेश कुमार निंरजन, अनूपा सिंह, बाला प्रसाद, योगेंद्र प्रसाद, रविंद्र कुमार रिसौरा, रमाशंकर तिवारी रिसौरा, ब्रम्हस्वरूप गौतम रिसौरा, संतोष कुमार जिला मंत्री, देवनाथ यादव, प्रदीप कुमार, रामकिशुन शर्मा मंडल सचिव, सुरेंद्र कुमार यादव, संतोष यादव, राजबहादुर प्रजापति, स्वामीदीन कोटार्य, कोतीलाल द्विवेदी, रामबली द्विवेदी घूरी बिसंडा, अजय कुमार अज्जू पटेल युवा मोर्चा, सुरेंद्र सिंह पप्पू पुरैनिया, राधारमण वाजपेयी, विनीत तिवारी प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा आदि शामिल रहे। जबकि भारतीय किसान यूनियन के मंडल सचिव बृजेश सिंह, मइयादीन सिंह, शैलेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, चुन्नू सिहं पचनेही, ध्रुव सिंह तोमर, अजीत पटेल, अनीता सिंह जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा, राजाबाई मंडल अध्यक्ष, वीरेंद्र सिंह, चंद्रभान सिंह जिला उपाध्यक्ष, विनोद कुमार सिंह मंडल सचिव, अवधेश सिंह पटेल समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे। 

अशोक स्तंभ तिराहा, स्टेशन का दूसरा गेट बना रहा पुलिस छावनी 

रेलवे ट्रैक पर बैठे बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल को उठाती पुलिस 

बांदा। किसानों के रेल रोको आंदोलन में सख्ती बरतने के लिए पुलिस पूरी तरह से सख्त नजर आई। पुलिस अधिकारियों ने एक दिन पूर्व ही किसानों को रोकने का पूरा खाका तैयार कर लिया था। गुरुवार को सुबह होते ही पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर फोर्स को तैनात कर दिया गया। अशोक स्तंभ तिराहा जहां पुलिस तरह से पुलिस छावनी बना रहा वहीं किसानों को गिरफ्तार कर ले जाने के लिए वाहन, दमकल आदि वाहन भी खड़े कराए गए थे। हालांकि किसानों को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं पड़ी। ठीक इसी तरह रोडवेज के आगे रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर पुलिस फोर्स तैनात रही। जगह-जगह पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी ताकि किसान वाहनों में छिपकर स्टेशन की ओर प्रवेश कर सकें। इसके साथ ही कचहरी परिसर को भी पुलिस छावनी बनाया गया था। किसानों द्वारा किए जाने वाले हो-हल्ला को ध्यान में रखकर किसी भी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी पुलिस विभाग ने कर रखी थी। बावजूद इसके किसानों और पुलिस के बीच रेलवे ट्रैक को जाम करने और ज्ञापन देने जाते समय तकरार हुई। 


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