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Sunday, January 10, 2021

भंडारे में श्रद्धालुओं ने छका प्रसाद

संतों को अंग वस्त्र भेंट कर दी गई विदाई 

पांच दिवसीय संत सम्मेलन व संगीतमय भजन कीर्तन का हुआ समापन 

तिंदवारी, के एस दुबे । ब्रह्मलीन स्वामी रामानंद सरस्वती जी की अष्टम पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय संत सम्मेलन व संगीतमय भजन कीर्तन कार्यक्रम का समापन रविवार को हुआ। भंडारे के आयोजन करने के बाद संतों को विदाई दी गई। 

जसईपुर के वीर पहलवान बाबा आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर रविवार को आश्रम के महंत स्वामी जयरामदास द्वारा संतो को प्रसाद खिला कर अंग वस्त्र भेंट कर विदाई दी गई। इस अवसर पर स्वामी जयरामदास ने कहा कि सफलता के लिए चार तत्वों को बहुत महत्व दिया गया है। यह चार तत्व हैं

अंग वस्त्र भेंटकर संतों को विदाई महंत स्वामी जयरामदास

आत्मबल, कौशल, ध्येय और आत्मविश्वास। आत्मबल सबसे महत्वपूर्ण है। स्वयं के बारे में आप जैसा सोचते हैं आप वैसे ही बनते हैं। यदि आप स्वयं को कमजोर समझते हैं तो कमजोर बनेंगे और यदि शक्तिशाली समझते हैं तो शक्तिशाली बनेंगे। सबसे पहले हमें आत्मबल के साथ आत्म सम्मान के भाव को स्वयं में जागृत करना होगा। यदि हम ऐसा कर सकेंगे तभी अपने जीवन की कोई सार्थक दिशा तय कर सकते हैं। लक्ष्य विहीन जीवन एक जीवित शव के समान है। आत्मविश्वास के बल पर हम दुर्गम से दुर्गम कार्य भी सहजता से कर सकते हैं। प्रकृति के समान ही मानव समाज के लक्ष्य के अभाव में समाज व राष्ट्र की उन्नति गति मंद पड़ जाएगी। अतः हमें अपने जीवन में एक निश्चित लक्ष्य को धारण कर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर कुरसेजा धाम के महंत स्वामी परमेश्वर दास महाराज, त्यागी जी महाराज सिंघौली, प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल सिंह, भाजपा नेता आनंद स्वरूप द्विवेदी, जगमोहन सिंह, बड़ेलाल सिंह पटेल, रविप्रकाश सिंह संजय, डा0 धनीराम यादव, शिवमोहन सिंह, संपत सिंह, अरुण सिंह पटेल, महा नारायण शुक्ला, अतुल दीक्षित, रामू पटेल, युधिष्ठिर सिंह, अरुण शुक्ला, छेदीलाल फौजी, प्रेम सिंह, जगमोहन विश्वकर्मा, मलखान वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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