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Monday, January 4, 2021

आयुष टेलीमेडिसिन का हुआ शुभारंभ

राज्य मंत्री व डीएम ने नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को दिए प्रमाण पत्र

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयुष विभाग के नव चयनित 1065 आयुर्वेद, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण, पद स्थापना, संवाद एवं 142 योग वेलनेस सेंटर्स का उद्घाटन, उत्तर प्रदेश आयुष टेलीमेडिसिन का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया है।

मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग के प्रदेश में नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों, सांसद, विधायक, मंत्रीगणों आदि का स्वागत करते हुए कहा कि वास्तव में आयुष मिशन भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने का अच्छा माध्यम है। कोरोना काल में इसे बढ़ावा मिला है। पहले लोग काढ़ा को महत्व नहीं देते थे, लेकिन अब ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर नीति आयोग की बैठक तक में काढ़ा की मांग होती है। ऋतु परिवर्तन के साथ प्राचीन काल से कांढा का महत्व रहा है। इसके प्रति यूनानी, होम्योपैथी, आयुर्वेद के बारे में दादी के नुस्खे के रूप में किया जाता रहा है। लोग अपने-अपने घरों पर हल्दी, हींग, अदरक का प्रयोग करते हैं। आयुर्वेद व आयुष मिशन को समझें प्रधानमंत्री ने आयुष विभाग का गठन कर बढ़ावा दिया है। आयुर्वेद ने ही सर्जरी की विधा को दिया था। इसमें अमल नहीं किया गया और एलोपैथ की तुलना में पिछड़ गए। आयुर्वेद में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने नवनियुक्त

चिकित्सा अधिकारी को प्रमाण पत्र देते राज्य मंत्री, डीएम।

चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि सरकारी नौकरी मानकर औपचारिकताएं बंद कर दें। केंद्र व प्रदेश सरकार ने विश्वास कर इतनी बड़ी भर्ती की है। आयुर्वेद व होम्योपैथ को बढ़ाएं। ऐसी कोई भी जड़ी बूटी नहीं है कि जिसमें औषधि के गुण न हो। इसमें शोध करने की जरूरत है। पिछले 25 वर्षों में सबसे बड़ी नियुक्ति की गई है। परंपरागत आयुर्वेद पद्धति को बढ़ाएंगे तो लोगों को लाभ होगा। अपने क्षेत्र में लोगों को चिन्हित कर परंपरागत जड़ी बूटी के औषधि गुण की जानकारी करें। आसपास औषधियों का भंडार छिपा हुआ है। लोग समझ नहीं पाते हैं। ऋषि-मुनियों ने भी पौधों और जंतुओं पर औषधि गुण बताया है। इस फील्ड में औषधि के शोध के कार्य पर अधिक जोर होना चाहिए। प्रदेश में पहली बार आयुष मिशन को टेलीमेडिसिन से जोड़ा गया है। उसमें अलग-अलग बीमारियों को लेकर के विस्तृत कार्य योजना बनाई जाएगी। जितना अच्छा समाधान आयुर्वेद दे सकता है उतना अन्य चिकित्सा पद्धति पर नहीं। कहा कि देश के अंदर हेल्थ टूरिज्म का बहुत अच्छा कार्य हुआ है। उसमें बहुत ही अच्छे विशेषज्ञ हैं। इसके साथ-साथ योग की क्रिया को भी अपनाया जाए। उन्होंने नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि जिन जिलों पर तथा जिन चिकित्सालय पर तैनाती मिली है उसमें मन लगाकर जनता की सेवा करें और उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी चित्रकूट में राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। कहा कि आयुष, आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देते हुए लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, मेडिकल ऑफिसर डॉ मुकेश पांडेय सहित संबंधित अधिकारी व नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

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