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Friday, January 15, 2021

चित्रकूट के कण-कण में विराजमान हैं भगवान: जगदगुरु

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। भगवान कामतानाथ की तलहटी में आयोजित श्रीराम कथा के कथा व्यास पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां पर मां मंदाकिनी नदी की मंद मंद जल बहते हुए आगे निकलती है। मां सीता जी ने भगवान के चित्रों का एक ऐसा समूह तैयार किया था जो चित्र का संग्रह चित्रकूट बन गया। रामघाट मे चित्रकूट के राजाधिराज मत्तगजेंद्रनाथ जी भी है जो चित्रकूट की रक्षा करते हैं। भगवान कामदगिरी के चारों दिशाओं की विभिन्न हिस्सों में रक्षा करने वाले पूर्व द्वार की तरफ रक्षा इंद्र देव करते हैं। पश्चिम दिशा की रक्षा वरुण देव करते हैं। दक्षिण दिशा की रक्षा यमराज करते हैं। उत्तर दिशा की

कथा रसपान कराते जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज।

रक्षा कुबेर देव करते हैं। इस प्रकार चित्रकूट एक प्रसिद्ध मंदिर का समूह हैं। जहां कण-कण मे भगवान विराजमान है। आयोजित कथा के मुख्य  यजमान नीलेश मोहता धर्मपत्नी श्रीमती प्रीति मोहता हैं। कार्यक्रम में जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने प्रभात झा भाजपा नेता, अभय महाजन संगठन सचिव डीआरआई का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे, वित्त अधिकारी आरपी मिश्रा, कुलसचिव डा महेंद्र उपाध्याय, लेखाधिकारी एनबी गोयल, सुरक्षा अधिकारी डा मनोज पांडेय, डीन डा विनोद कुमार मिश्रा, पीआरओ एसपी मिश्रा, विधालय की प्राचार्या निर्मला वैष्णव आदि श्रोतागण मौजूद रहे। 


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