खंगार क्षत्रिय समाज ने मनाया जौहर दिवस - Amja Bharat

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Saturday, January 30, 2021

खंगार क्षत्रिय समाज ने मनाया जौहर दिवस

जनपद के बडोखर खुर्द में आयोजित किया गया कार्यक्रम

बांदा, के एस दुबे । शनिवार को ग्राम बडोखर खुर्द बांदा में चंदेरी नरेश महाराजा मेदिनी राय खंगार की धर्म पत्नी रानी मणिमाला के प्राणोत्सर्ग करने के लिये किये गये जौहर की पावन स्मृति में अखिल भारतीय खंगार क्षत्रिय समाज बांदा के तत्वाधान में रामकिशोर राना पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खंगार क्षत्रिय समाज की अध्यक्षता में जौहर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान समाज की नवगठित जिला कार्यकारिणी का मनोबल बढाते हुये सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मंचासीन सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी व अन्य पदाधिकारीगण

मालुम हो कि चंदेरी मध्य प्रदेश में अत्यन्त महत्व का एक ऐतिहासिक स्थल है। जहां पर 1520 से 1528 तक महाराजा मेदिनी राय ने अपनी सत्ता का संचालन किया था। महराजा ने बाबर एवं राणा सांगा के मध्य हुये खानवा के युद्ध में अपनी भारी सेना के बडी संख्या में सैनिक शहीद हुये थे। खानवा के युद्ध में राणा सांगा की ओर से महाराजा मेदिनी राय को अप्रितम वीरता के साथ युद्ध करते हुये देखकर महाराजा मेदिनी राय बाबा की आंखों में खटकने लगा था। अंत में 28 जनवरी 1528 को राजा मेदिनी राय एवं उनकी सेना ने बहादुरी एवं पराक्रम के साथ बाबर से युद्ध लड़ा। जब महाराजा मेदिनी राय की पराजय तथा मृत्यु लगभग सुनिश्चित हो गयी, बाबर की सेना किले के द्वार तक आ पहुंची, तब महारानी मणिमाला ने अपने सतीत्व, अस्मिता एव.ं धर्म की रक्षा के लिये अपने वीर सैनिकों एवं अपनी अबोध संतानों को तलवार से काटकर अग्नि को समर्पित कर दिया। इस बलिदान से किले के अन्दर इतना रक्तपात हुआ कि किले के दरवाजे पर खडे बाबर के पैरो के नीचे से खून की धारा बह निकली, तब उसे उक्त दरबाजा आज भी चंदेरी के खूनी दरवाजे के नाम से बिख्यात है। कार्यक्रम का कुशल संचालन परशुराम सिंह खंगार महोबा ने किया। उन्होने अपने कुशल संचालन में उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में अनीवृत्त भारतीय खंगार क्षत्रिय समाज बांदा के नवनिर्वाचित जनपद कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण कराते हुये उन्हे सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से लालाराम सिंह, रामकिशोर सिंह, रामकिशोर सिंह, रामऔतार सिंह, भोला सिंह, रामराज सिंह, रामकरन सिंह, सहदेव सिंह, मुन्ना सिंह, बलवान सिंह, ज्ञान प्रताप सिंह, यशवंत सिंह, नवल सिंह, पप्पू सिंह खंगार, बिंदा सिंह, जगपत सिंह, नन्दकिशोर, बिजली सिंह आदि उपस्थित रहे।


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