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Thursday, January 14, 2021

जिले में धूमधाम से मना मकर संक्रांति पर्व

पतंगबाजी का दिन भर चला दौर

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मकर संक्रांति का पर्व मोक्षदायिनी एवं विशेष फलदायी होने के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने प्रातः से ही नदियों ने स्नान कर तिल, खिचडी का दान किया। पर्व के मद्देनजर विभिन्न स्थानों पर मेला का लोगों ने आनन्द उठाया। सुरक्षा व्यवस्था को पुलिस तैनात रही। तीर्थ स्थलों में भी जाकर खिचडी दान आदि पुण्य लाभ अर्जित किया।

गुरुवार को जिले में मकर संक्रांति पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। तीर्थ क्षेत्र में देवगंगा मंदाकिनी तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुरोहितों को तिल और खिचडी का दान देने के बाद मत्यगयेन्द्रनाथ शंकर भगवान का जलाभिषेक किया। कामदगिरि के दर्शन कर परिक्रमा लगायी। इसी क्रम में मुख्यालय के विभिन्न नदी घाटों में नगरवासियों ने स्नान कर मेले का लुत्फ उठाया। भरतकूप स्थित पवित्र कूप में जहां समस्त तीर्थों का जल है वहां चित्रकूट सहित अन्य कई जिलों के श्रद्धालुओं ने स्नान कर मकर संक्रांति पर्व मनाया। यहां पांच दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के दौरान विभिन्न संस्कृतियों का मिलन होता है। मेले में झूला, जादूगर, आदि अजब-गजब करतब दिखा कर लोगों को लुभा रहे हैं। इस दौरान जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी पाण्डाल लगाकर मेला व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी प्रकार अनुसुइया आश्रम, गुप्त गोदावरी, जानकीकुण्ड, स्फटिक शिला, हनुमान धारा, देवांगना, कोटतीर्थ, सूर्यकुण्ड आदि स्थानों समेत जिले के पहाडी, राजापुर, मानिकपुर, मऊ आदि तीर्थ स्थानों पर भारी तादाद में लोगों का जमावडा रहा। क्षेत्रों में लगने वाले मेले में लोगों ने विभिन्न प्रकार के सामग्रियों की खरीददारी की। मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने पतंग की खरीददारी कर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।

भरतकूप मंदिर में श्रद्धालु

व्यापारियों ने श्रद्धालुओं को खिलाई खिचड़ी 

चित्रकूट। धर्मनगरी में मकरसंक्रांति के अवसर पर परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पाण्डाल लगाकर खिचडी परोसी गई और तिल के लड्डू भी वितरित किये गये। इस पर्व के दौरान चित्रकूट के कई मठ-मंदिर आकर्षक ढंग से सजे रहे। मुख्यालय स्थित बस स्टैन्ड व रामघाट सीतापुर में व्यापारियों ने श्रद्धालुओं को खिचड़ी खिलाई। इस मौके पर राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री शानू गुप्ता, सुनील जायसवाल, शेशू जायसवाल, विनोद आर्य, पप्पू जायसवाल, शिवशंकर गुप्ता, विष्णु प्रसाद गुप्ता, संजय सोनी, अमित गुप्ता, रामप्रकाश केसरवानी, विष्णु केसरवानी, दशरथ केसरवानी, संतोष गुप्ता, ओम शंकर, शिवम केसरवानी, महेश जायसवाल, आशीष सोनी, मनोज सिंह, योगेन्द्र कुशवाहा, प्रमोद शिवहरे आदि उपस्थित रहें।

पतंग खरीदते बच्चे

पर्व से बदलते हैं ग्रह नक्षत्र, दान-स्नान का विशेष महत्व: नवलेश

चित्रकूट। मकर संक्रांति पर्व एक अनोखा संगम है। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश यानि संक्रमण करना ही ज्ञान, धर्म व भारतीय संस्कृति का संगम है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाता है। जिससे शीत ऋतु का प्रकोप शनै शनै कम होने लगता है। इसके अलावा दिन भी बढ़ने लगता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर्व पोषक भी है। अंर्तराष्ट्रीय भागवत प्रवक्ता आचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व दान और दया के भाव को एक-दूसरे में स्थापित करता है। उन्होंने बताया कि हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार मकर संक्रांति पर्व मोक्षदायी कहा जाता है। इस पर्व पर दान, स्नान व सूर्य उपासना के रूप में मकर संक्राति मनाने की मान्यता है। यह पर्व शौर्य पर्व के आधार पर मनाया जाता है। शेष सभी पर्व चन्द्रकलाओं के आधार पर माने जाते है। इसी कारण अलग-अलग महीनों और तिथियों में पडते हैं। मकर संक्रांति पर्व एक ऐसा पर्व है जो अधिकांशतः 14 जनवरी को ही मनाया जाता है। मकर संक्राति पर्व से प्रत्येक दिन एक-एक तिल दिन बढ़ने लगता है। इस पर्व पर तिल का दान देना विशेष महत्व रखता है। जिसके चलते श्रद्धालु इस पर्व के दिन तीर्थों में स्नान कर तिल और गुड का दान अवश्य करते हैं। इस दिन तिल खाने के महत्व होने से तिल का लड्डू बनाकर सर्वप्रथम दान कर सेवन किया जाता है। सूर्य नमस्कार करने से विशेष जीवनदायिनी ऊर्जा प्राप्त होती है।

खिचडी दान करते समाजसेवी।

साईपुर में चादर चढाई, किया खिचडी दान

चित्रकूट। मकरसंक्राति पर्व पहाडी क्षेत्र के साईपुर गांव में स्थित बाजार में पूर्व की भांति लोगों ने धूमधाम से मनाया। हजारों लोगों का तांता लगा रहा। हिन्दु-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रीतिरिवाज व आपसी भाईचारा के साथ पर्व मनाया। मेले में लोग जमकर लुत्फ उठाते हैं। विभिन्न सामग्रियों की खरीददारी की गई। चद्दर व खिचडी का दान किया। इसी क्रम में भरतकूप स्थित मंदिर में विशाल मेले का लोग आनंद लिया।


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