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Thursday, December 31, 2020

श्रीराम बारात की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर

संत तुलसी पब्लिक स्कूल में आयोजित हो रही रामकथा 

बांदा, के एस दुबे । संत तुलसी पब्लिक स्कूल में आयोजित रामकथा में छठें दिन गुरुवार को कथावाचक रामकृष्ण वेदांती महाराज ने श्रीराम जी की बारात व विवाह का प्रसंग बड़े ही सुंदर ढंग से सुनाया। प्रतिदिन की तरह सुबह रामायण का संगीतमयी पाठ हुआ। उसके बाद गायत्री परिवार द्वारा पंच कुंडीय महायज्ञ का आयोजन ग्राम अरबई की बहनों द्वारा रामराज के नेतृत्व में किया गया। इसमें स्कूल के छात्रों व शिक्षकों के साथ गायत्री परिवार के लोगों ने हवन कर जन कल्यण की कामना की। चित्रकूट से पधारे कथावाचक वेदांती जी महाराज ने एक दिन पूर्व 30 दिसंबर को सीता स्वयंवर व धनुष भंग की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का धनुष जो भगवान परशुराम जी ने जनक जी के यहां रखा था। 

कथा सुनाते कथावाचक रामकृष्ण वेदांती

कथावाचक ने बताया कि जनक जी ने यह प्रतिज्ञा की थी कि जो भी इस धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसका विवाह पुत्री सीता के साथ कर दूंगा। सीता का स्वयंवर किया गया, जिसमें दूरदराज से भूप, महीप पधारे और वो सब इस धनुष को हिला तक नहीं पाए, जिससे जनक जी को बहुत दुख हुआ और उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि धरती आज वीरों से खाली हो गई है। यह सुनकर अपने गुरुदेव की आज्ञा लेकर भगवान श्रीराम ने जैसे ही धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई वह टूट गया। चारों तरफ पुष्पवर्षा होने लगी। सीता विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम जी को जयमाला पहनाते अपने पिता जनक जी के प्रण को पूरा किया। जनक जी ने गुरुवर के आदेश से इस पूरी बात की जानकारी अयोध्या के महाराज को भेज दी। यह समाचार सुनते ही दशरथ जली अति प्रसन्न हुए और उन्होंने अयोध्या से बारात जनकपुरी ले जाने की तैयारियां शुरू कर दीं। बारात जैसे ही जनकपुरी पहुंची, धूमधाम से स्वागत तिकया गया। इसके बाद श्रीराम चंद्र जी के विवाह की कथा का बड़े ही सुंदर ढंग से वर्णन किया गया। सभी श्रोतागण कथा सुनकर भावविभोर हो झूम उठे। 

मौजूद श्रोतागण

कथा के आयोजक कुमार परिवार के अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन कथा अपरान्ह ठीक दो बजे से शाम छह बजे तक आयोजित हो रही है, जिसमें सभी लोग कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। यह कथा 4 जनवरी तक चलेगी। मंगलवार 5 जनवरी को सुंदरकांड का संगीतमय पाठ एवं विशाल भंडारे का आयाजन किया जाएगा। इसमें सभी भक्तजनों से आग्रह है कि वह इस पुनीत कार्य में निःसंकोच अपनी सहभागिता दें। 


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