नोडल अधिकारी ने क्रय केन्द्र, गौशाला, कोविड, सिंचाई, विद्युत विभाग की बिन्दुवार की समीक्षा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, December 28, 2020

नोडल अधिकारी ने क्रय केन्द्र, गौशाला, कोविड, सिंचाई, विद्युत विभाग की बिन्दुवार की समीक्षा

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। प्रमुख सचिव परिवहन/जनपद नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह प्रथम की अध्यक्षता धान क्रय, गौशाला का संचालन, कोविड-19, सिंचाई व विद्युत विभाग के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

प्रमुख सचिव ने जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे से कृषि के संबंध में रवी व खरीफ फसलों के बारे में जानकारी की। धान क्रय के संबंध में डिप्टी आरएमओ संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 14 क्रय केंद्र संचालित हैं। जिसमें शासन से  15 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामवार रोस्टर के अनुसार धान बेचने के लिए किसानों को क्रय केंद्रों की व्यवस्था की गई है। प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी किसानों का समय से भुगतान कराया जाए। सभी क्रय केंद्रों में बोरा आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें व समय से डिलीवरी हो। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं हो तो अवगत कराएं। ताकि शासन से निस्तारण कराया जा सके। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिए कि जो नया सेंटर खोला जाना है उसे तत्काल खोलकर किसानों के धान का क्रय कराया जाए। प्रमुख सचिव ने मंडी सचिव से कहा कि जो मंडी में धान किसान बेच रहे हैं उसमें शासकीय दर से कम या अधिक में बेचा जा रहा है। इस पर मंडी सचिव ने बताया कि शासकीय दर से अधिक दामों

समीक्षा बैठक में निर्देश देते नोडल अधिकारी।

पर किसानों द्वारा मंडी पर धान बेचा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार से कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव तथा दवाओं आदि के बारे में विस्तृत जानकारी करते हुए निर्देश दिए कि कोविड-19 की जो वैक्सीन आ रही है उसमें प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्रेशन समय से करा कर बूथवार वैक्सीन लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पूरे वर्ष में चार फेज में कोविड वैक्सीन लगाने का कार्य जिला अस्पताल तथा प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जाएगा। इस पर प्रमुख सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि फेजवार रिपोर्ट दें कि किन लोगों को कब किस फेज पर वैक्सीन लगेगी विवरण सहित उपलब्ध कराया जाए। गौशाला संचालन की समीक्षा पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ केपी यादव ने बताया कि जनपद में 303 गौशाला की स्थापना की गई है। जिसमें 36 हजार से ऊपर गोवंश संरक्षित किए गए हैं। जिसमें किसानों की फसलों में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा वृहद गौशाला के भी निर्माण कार्य कुछ पूर्ण हो गए हैं और शेष पर कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ-साथ बधियाकरण भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुपोषित बच्चों के परिवारों को गौशाला से दुधारू गाय देने का कार्य जनपद में चल रहा है। जिसमें कुपोषित बच्चों व उनके परिवारों को लाभ हो रहा है। इसके साथ इन परिवार के लोगों को शासकीय जन कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने बताया कि गूगल मीट के माध्यम से प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार गौशाला संचालन की समीक्षा की जा रही है। जहां पर जो कमियां प्राप्त होती है तत्काल उनका निस्तारण कराया जाता है। प्रमुख सचिव ने  कहा कि इस जनपद में गोदान का अच्छा कार्य किया गया है। इसको और बेहतर किया जाए। ताकि लोग लाभान्वित हो सकें। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि पशु विभाग के माध्यम से एक वृहद गौशाला को आदर्श गौशाला बनाने का भी कार्य चल रहा है और जिन कुपोषित बच्चों के परिवार को गोबंश दिए गए हैं आने वाले समय में उनके गोवंशो का नस्ल सुधार का भी कार्य कराया जाएगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि गोबंश संरक्षण में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार को निर्देश दिए कि जिन कुपोषित बच्चों के परिवारों को गोवंश दिए गए हैं। उसमें कितने बच्चों के वजन में बढ़ोतरी हुई है। उसकी सूचना उपलब्ध कराएं। सिंचाई विभाग की समीक्षा में अधिशासी अभियंता सिंचाई श्री आशुतोष कुमार ने बताया कि जनपद में ओहन, बरुआ, रसिन व गुंता बांध है। चिल्लीमल पंप कैनाल व 8 छोटी-छोटी पंप कैनालों के माध्यम से सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। जिस पर प्रमुख सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों का संचालन सही तरीके से कराया जाए और किसानों की सिंचाई के लिए नहरों के माध्यम से टेल तक पानी पहुंचे यह सुनिश्चित करें। सिंचाई को लेकर किसानों को समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बुंदेलखंड में सिंचाई की व्यवस्था नहीं थी तो यहां पर दलहन, तिलहन की अच्छी खेती होती थी। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत पीके मित्तल को निर्देश दिए कि विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे। ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार का व्यवधान न रहे। अंत में जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने प्रमुख सचिव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो दिशा निर्देश दिए गए हैं उसका अक्षरशः पालन कराया जाएगा। बैठक में अपर उप जिलाधिकारी राजबहादुर, उप जिला अधिकारी कर्वी राम प्रकाश, मानिकपुर संगमलाल, राजापुर राहुल कश्यप, मऊ नवदीप शुक्ला, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages