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Wednesday, December 2, 2020

जल्द पूरा करें मंदाकिनी पुर्नजीवित के अधूरे कार्य: डीएम

बिन्दुवार समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश

मप्र मझगवां के सीईओ ने दी जानकारी

दस ईको पार्क के लिए चिन्हित करें भूमि

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में मां मंदाकिनी नदी को वर्षभर प्रवाहमान एवं पुनर्जीवित के संबंध में उप्र, मप्र के संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।

जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिये कि मां मंदाकिनी गंगा के पुनर्जीवित के जो कार्य अभी शुरू नहीं कराए हैं उन पर तत्काल कार्य शुरू कराए। अधूरे कार्यो को पूरा करें। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जिन गांव में कार्य चल रहे हैं उसमें श्रमिकों की व्यवस्था संबंधित विभागों को कराएं। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई से कहा कि नालों पर छोटे-छोटे चेकडैम का प्राक्कलन बनाकर मनरेगा कन्वर्जेंस से कार्य हों। इसी प्रकार भूमि संरक्षण, वन विभाग भी मां मंदाकिनी नदी के जुड़ने वाले सभी नालों पर भी किए जाएं।

बैठक में निर्देश देते डीएम।

उन्होंने डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि जो भी मनरेगा के कार्य विभागों द्वारा कराए गए हैं उनकी गुणवत्ता की जांच अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड के साथ कराएं। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक हैंडपंप के पास सोक पिट अवश्य बनाएं। अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रो शशिकांत त्रिपाठी से संपर्क कर जो मां मंदाकिनी गंगा में वाटर ग्राउंड के कार्य कराए गए हैं उसमें जल स्तर का आकलन कराएं की कितनी जल की बढ़ोतरी हुई है। डीसी मनरेगा से यह भी कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत वाटर रिचार्जिंग के कार्य अधिक से अधिक पूरे जनपद में कराए जाएं। प्रत्येक ब्लॉक में शासकीय जमीन चिन्हित कर दस इको पार्क तथा गणेश बाग के पास राम कथा पार्क का सुंदरीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के अधूरे कार्य 15 दिन के अंदर पूर्ण करें। वन विभाग प्रत्येक कार्य पर वृक्षारोपण भी कराए। कहा कि भरतकूप के क्षेत्र के अंतर्गत जो भी नदी नाले आ रहे हैं उन पर भी कार्य योजना तैयार कराकर कार्य कराए जाएं। अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि जो सीवर प्लांट लगे हैं उनका निरंतर संचालन कराया जाए। अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी तथा खंड विकास अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में निरंतर मां मंदाकिनी गंगा की सफाई कराएं। शहर के नाले हैं उनकी टैपिंग की व्यवस्था के लिए जो शासन को पत्र भेजा गया है उसकी भी जानकारी कर अवगत कराएं कि किस स्तर पर लंबित है। कराए गए कार्यों का पूरा विवरण के साथ जियो टैगिंग भी कराई जाए। जिलाधिकारी ने शोधकर्ता प्रो शशिकांत त्रिपाठी से कहा कि मां मंदाकिनी नदी पर किए शोध का पूरा विवरण उप्र व मप्र के अधिकारियों को उपलब्ध करा दें। सुझाव जो दिए जाएंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा। सीईओ मझगवां मप्र अशोक मिश्रा ने बताया कि ब्रह्म कुंड आश्रम के पास उद्गम स्थल से मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत 636 कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें सोक पिट, तालाब, डपटेल, नालों की खुदाई आदि सहायक नालों में छोटी नदियों पर कार्य कराए जा रहे हैं। गत वर्ष भी कराए गए हैं। अन्य विभागों के पास कोई धनराशि नहीं है। मनरेगा के अंतर्गत ही कार्यों को कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मप्र के अधिकारियों से कहा कि चितहरा के पास जो नहर की टेल आ रही है उसका मूवमेंट मां मंदाकिनी गंगा से जोड़ें। जिलाधिकारी ने लूज बोल्डर चेकडैम, अवरोध वंड, सोक पिट, स्ट्रिप ट्रेंच, सामुदायिक तालाब, प्राकृतिक नदी नालों, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, बंधी निर्माण, चैकडैम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गैवियन स्ट्रक्चर, गली प्लग, अर्दन बंड आदि विभिन्न कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएफएस विकास यादव, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड बीबी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड प्रथम आशुतोष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी हिमांशु पांडेय, हरिराज सिंह, बाल गोविंद यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी नरेंद्र मोहन मिश्र सहित मप्र के अधिकारी व मां मंदाकिनी गंगा आरती ट्रस्ट के अश्वनी कुमार अवस्थी आदि मौजूद रहे।


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