संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम करता है एचआईवी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, December 1, 2020

संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम करता है एचआईवी

विश्व एड्स दिवस पर हस्ताक्षर अभियान व गोष्ठी के जरिये किया गया जागरूक 

स्वास्थ्य विभाग व स्वयं सेवी संस्थाओं ने कराए आयोजन 

बांदा, के एस दुबे । विश्व एड्स दिवस पर मंगलवार को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग व सुमित्र सामाजिक कल्याण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही एचआईवी संक्रमित लोगों से कोई भेदभाव न करने और उन पर लांछन न लगाने की शपथ भी दिलाई गई। 

हस्ताक्षर अभियान के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने कहा कि एड्स यानि एक्वायर्ड इम्यूनों डिफिसिएंशी सिंड्रोम एक बीमारी है जो एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनों डिफिसिएंशी वायरस) से होती हैं और यह वायरस धीरे-धीरे व्यक्ति की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम कर देता है । इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में जिले में 98 लोगों के


संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।  इसमें 57 पुरुष, 36 महिलाएं व 5 बच्चे शामिल थे।  इस वर्ष अब तक 27  संक्रमित मिले हैं। इसमें 17 पुरुष, 9 महिलाएं व एक बच्चा शामिल है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयभान सिंह ने कहा कि मूलतः असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स के जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।  सावधानी बरतने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमसी पाल, ईएमओ डा. विनीत सचान, एआरटी नोडल डा. हृदेश पटेल, एआरटी मानीटरिंग आफीसर डा. बीपी वर्मा, जिला एड्स कार्यक्रम प्रबधंक बृजेंद्र साहू, स्टाफ नर्स सुमन पटेल, चंद्रेश गुप्ता सहित अजय कुमार साहू, संस्था के हितेंद्र कुमार, सुधांशू, आदि उपस्थित रहे। बबेरू ब्लाक के हरदौली गांव में स्वास्थ्य शिविर व गोष्ठी आयोजित की गई। 

एचआईवी एड्स के लक्षण 

- बुखार आना, शाम के समय पसीना आना, ठंड लगना, थकान महसूस होना, उल्टी आना, गले में खराश रहना, दस्त होना, खांसी होना, सांस लेने में समस्या होना, मांसपेशियों में दर्द होना, शरीर पर चकत्ते  पड़ना आदि। 

ऐसे करें बचाव

- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सुरक्षित शारीरिक सबंध बनाएं, खून को चढ़ाने से पहले जांच लें, उपयोग की  हुई सुइयों और टीके दुबारा न उपयोग करें, एक से ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करें, मां एचआईवी संक्रमित हो तो संस्थागत प्रसव ही कराएं। 


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages