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Friday, December 4, 2020

शत्रु में वो तेज नहीं जो मिटा सके, बस देश के जयचन्दों पर वार होना चाहिए

कवि सम्मेलन में कवियो ने बांधा समां

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कोरोना महामारी के बीच धर्मनगरी में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिला मुख्यालय स्थित जेपी इंटर कालेज में प. राजधर परहित सेवा संस्थान और तुलसी काव्य मंच के संयुक्त तत्वावधान में कोविड नियमावली को ध्यान में रखते हुए कवि सम्मेलन में जनपद समेत दिल्ली के कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई।

प्रस्तुतियां देते कवि।

युवा कवि अतुल उपाध्याय ने प्रस्तुति जब बाल्मीकि का वेश धरे हर घर मे रावण बैठे हो ने खूब वाहवाही बटोरी। गजलकार अम्बिका मिश्र ‘प्रखर‘ की पंक्ति तुम भी ठहरे हो तुम्हे भी गर कोई याद आया हो, चले आना तुम पास मेरे, गर तुम्हारा दर्द गाया हो। कवि सुनील नवोदित की पंक्ति रखोगे धैर्य मन मे तो बलाएं जीत जाएंगी, भरोगे आस जीवन मे सदाएं जीत जाएंगी। जय अवस्थी ने शत्रु में वो तेज नही जो हमे मिटा सके, बस देश के जयचन्दों पर वार होना चाहिए प्रस्तुति दी। कवियित्री शशि यादव की प्रस्तुति कवि बनकर नही रहना तुम्हे शमशीर बनना है ने तालियां बजाने में मजबूर किया। इस दौरान रुक्मणि सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष अतुल रैकवार, शिवसागर सिंह, शिवांश पाण्डेय, प्रकाश मिश्रा, अमित द्विवेदी, गौरव करवरिया, पप्पू जायसवाल आदि उपस्थित रहे।


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