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Tuesday, December 8, 2020

भारत बंद का रहा मिला-जुला असर, प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग 

कांग्रेस, अधिवक्ता, सपा, बसपा समेत किसान संगठनों ने किया पुरजोर विरोध 

शहर में कांग्रेसियों, किसानों और बबेरू में सपाइयों को किया गया गिरफ्तार 

बांदा, के एस दुबे । केंद्र सरकार द्वारा कृषि संबंधी बनाए गए तीन कानूनों का विरोध कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके साथ ही बबेरू में सपाइयों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। किसान विरोधी कानून को लेकर राजनीतिक दलों के लोगों, किसान संगठनों और तमाम संगठनों के साथ ही अधिवक्ताओं ने कृषि अध्यादेशों का विरोध किया और भारत बंद का पूरी तरह से समर्थन किया। यह बात दीगर रही कि बाजार में बंद का मिला-जुला असर नजर आया। तमाम संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों समेत अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। बबेरू में सपाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जबकि शहर में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को भी गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही भाकियू के पदाधिकारियों को पुलिस ने एक स्थान पर रोके रखा। 

बाइक जुलूस निकालते बसपाई

किसान विरोधी कानूनों का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में भारत सरकार द्वारा कोविड के मध्य जल्दबाजी में बिना किसान संगठनों को बिना सहमति से पारित किए गए किसान विरोधी तीनों कानून वापस लिए जाने की मांग की। इसके अलावा किसानों की फसलों का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का दर्जा दिए जाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम मूल्य में किसानों की फसल क्रय
किसान संगठन के पदाधिकारियों रोके खड़ा पुलिस कर्मी

करने वाले आढ़तियों, मंडी समितियों व बिचैलियों के खिलाु आपराधिक कृत्य मानते हुए कानून बनाए जाने, किसानों को जुताई, बुवाई, सिंचाई सहित समस्त कृषि कार्यों के लिए डीजल 50 प्रतिशत मूल्य पर दिए जाने, किसानों के निजी ट्यूबवेलों को बिजली बिल मुक्त किए जाने, किसानों का मेडिकल बीमा कराए जाने, आंदोलन के दौरान किसानों पर लगाए गए समस्त मुकदमे वापस लिए जाने, आंदोलन के दौरान मृतक किसानों के परिवारीजनों
भारत बंद के दौरान बाजार में बंद दुकानें

को 50 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने, आंदोलन के दौरान घायलों किसानों को पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांगें शामिल रहीं। इस दौरान जयकरन, कैलाश सिंह, अभिलाष यादव, साधना द्विवेदी, राजेश दुबे, शंकर सिंह, प्रशांत सिंह, राममिलन सिंह पटेल, शिवकुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार, ऋषभ, युवराज आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन ने भी प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। किसान संगठन ने भारत बंद का समर्थन करते हुए तीनों कृषि काले कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की। किसान संगठन ने
अशोक स्तंभ तिराहे पर भ्रमण करते पुलिस कर्मी

सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त दिए जाने के साथ ही अन्य मांगें भी की। इस दौरान रामदास साहू जिला उपाध्यक्ष, सरोज कुशवाहा, दीपक सिंह, महेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, आफताब मुस्तफा, मनोज द्विवेदी आदि मौजूद रहे। इधर, हिन्दुस्तान किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि कृषि सुधार के लिए ब नाए गए तीनो काले कानूनों को शीतकालीन सत्र बुलाकर रद्द किया जाए। इसके साथ ही एमएसपी से नीचे खरीद पर दंड का प्रावधान किया जाए तथा एमएसपी को गारंटी के लिए एक
सब्जी मंडी इलाके में नजर आई चहल-पहल

कानून बनाया जाए। स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर टू प्लास फार्मूला लागू किया जाए। किसान आयोग का तत्कालन गठन किए जाने के साथ ही पराली जलाने पर बने कठोर नियम को तत्कालन खत्म किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी शामिल रहीं। इस मौके पर किसान संगठन के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद रहे। 


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