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Tuesday, December 8, 2020

भारत बंद: कृषि बिल के विरोध में हुए प्रदर्शन

जिले में कुछेक दुकाने रहीं बंद, हिरासत में लिए गए लगभग 105 प्रदर्शनकारी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। भारत बंद के आवाहन पर विभिन्न संगठनो ने मुख्यालय में प्रदर्शन किया। दुकाने खुली रहीं। कुछेक प्रतिष्ठान जरूर बंद दिखाई दी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस ने 105 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही की है।

मंगलवार को कृषि बिल के विरोध में किसान संगठनों समेत राजनैतिक पार्टियों के भारत बंद के आवाहन पर सपा, कांग्रेस पार्टी समेत किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया है। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। पुरानी बाजार से लेकर पटेल तिराहे तक व कचहरी परिसर में भारी पुलिस मुस्तैद रही। इतना ही नहीं पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, महासचिव फराज खान, गुलाब खां सहित दर्जनों सपाईयों को घर से हिरासत में लेकर कोतवाली में नजरबंद कर दिया। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल, सुशील श्रीवास्तव आदि कार्यकर्ताओं को हिरासत में कोतवाली ले गए। दोपहर बाद कांग्रेस नेत्री रंजना

सपाई, कांग्रेसियों को गिरफ्तार करती पुलिस

पाण्डेय के नेतृत्व में रामेन्द्र गौतम, कृष्णराज पटेल, पवन रजक, विनय कुमार पाल, जितेंद्र सोनकर, घनश्याम गौतम, रविंद्र, विजयमणि त्रिपाठी, भगवानदीन समदरिया, प्रभाकर मिश्रा, अरविंद कुमार, महेंद्र सिंह, राजाबेटी, विमल, राकेश वर्मा, हरिहर सहाय विश्वकर्मा, लवकुश केसरवानी आदि दर्जनो कांग्रेसियों ने बस स्टैन्ड से प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पटेल तिराहे में धरना शुरू कर दिया। तभी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड किसान विकास समिति के अध्यक्ष अनिल प्रधान कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर सरकार विरोधी लगाए। पुलिस ने इनको भी हिरासत में ले लिया। इस मौके पर पुलिस व किसान नेताओं के बीच नोकझोक भी हुई। इसी क्रम में सरदार सेना सामाजिक संगठन के तत्वावधान में किसानों के समर्थन में बुन्देलखण्ड प्रभारी मीरा भारती की अगुवाई में कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली भेजा है। भारत बंद का जनपद में खास असर नहीं दिखा। दुकानें खुली रहीं। कुछेक दुकाने जरूर बंद दिखाई दिए। डीएम शेषमणि पाण्डेय व एसपी अंकित मित्तल ने मुख्यालय में भ्रमण कर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिवक्ताओ से पुलिस की हुई नोकझोक

चित्रकूट। किसान आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ता सुरेश तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने भी भारत बंद का समर्थन करते हुए कचहरी परिसर से जुलूस निकाला। केन्द्र व प्रदेश सरकार समेत पुलिस प्रशासन के खिलाफ

प्रदर्शन करते अधिवक्ता व सीपीआई

जमकर नारेबाजी की। तहसील के सामने सड़क पर खड़े होकर विरोध जताया। ब्लाक गेट के समीप पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो झड़प हुई। इसके बाद वापस कचहरी पहुंचकर सभा कर किसानों के हित में बिल बनाने की मांग की है।

पुलिस ने लाठियां फटकार लौटाया

चित्रकूट। सीपीआई के जिला सचिव अमित यादव एड, सीपीएम के जिला सचिव देवीदयाल यादव, उप्र किसान सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रुद्रप्रसाद मिश्र एड. के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता कचहरी परिसर से जुलूस


निकालकर ब्लाक गेट तक पहुंचे। जहां मुस्तैद पुलिस बल ने लाठियां फटकारते हुए वापस कर दिया। इस मौके पर शिवमोहन यादव, चुनकूराम पाल, सत्यहरण यादव, महेन्द्र सिंह, का. गिरधर आदि मौजूद रहे।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा मुख्यालय

चित्रकूट। मुख्यालय स्थित पटेल तिराहा पुलिस छावनी में तब्दील रहा। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एएसपी प्रकाश स्वरूप पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, सदर एसडीएम रामप्रकाश, नगर क्षेत्राधिकारी रजनीश यादव, शहर कोतवाल अरुण कुमार पाठक, तहसीलदार संजय अग्रहरि ने कमान संभाल रखी थी। किसी भी प्रदर्शनकारी के नजर आते ही तत्काल हिरासत में ले लिया गया। 

डीएम-एसपी ने जायजा लेकर दिए निर्देश

चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर कानून, शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कर्वी शहर में विभिन्न स्थानो पर पैदल मार्च कर आमजन व

सीपीएम के पदाधिकारी

दुकानदारों से वार्ता की। नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। डियूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है।

तिरहार क्षेत्र में भारत बन्द का नहीं रहा असर

चित्रकूट। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरुद्ध देश का किसान लामबन्द होकर कृषि कानून को वापस लेने के लिए दिल्ली की सीमा में डटा हुआ है। भारत बन्द किसान संगठनों के आवाहन पर तहसील क्षेत्र में कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बन्द बेअसर रहा। कस्बे के प्रतिष्ठान सुबह से ही प्रतिदिन की भाँति खुल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने बन्द का विरोध भी किया। तिरहार क्षेत्र के वृहद, सीमान्त एवं लघु किसानों में अशोक चतुर्वेदी हस्ता,

जायजा लेते डीएम-एसपी।

संजय उपाध्याय, राजेश द्विवेदी, आदित्य मिश्रा, हरिश्चन्द्र मिश्रा नैनी, देव त्रिपाठी, भोला त्रिपाठी सुरवल, कमलेश कुमार पाण्डेय कनकोटा, शिवमोहन, धीरेन्द्र सिंह बेराऊर, रमेश तिवारी, रमेश मिश्रा, वेदप्रकाश मिश्र, नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी सुरसेन गाँव के तमाम किसानों ने भारत बन्द की घोर निंदा करते हुए कहा कि आंदोलन स्वार्थी संगठनों के द्वारा किसानों के नाम पर राजनैतिककरण कर अच्छा काम कर रही केंद्र सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। इस क्षेत्र का कोई भी किसान आन्दोलन बन्द का समर्थन नहीं करेगा। यह किसान आन्दोलन न होकर विपक्षी आन्दोलन है।

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