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Monday, December 21, 2020

शीतलहर से पारा लुढ़का, जनमानस हलाकान

ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को उठानी पड़ रही दिक्कतें 

फतेहपुर, शमशाद खान । दिसम्बर माह का अन्तिम पखवारा चल रहा है। अब ठण्ड धीरे-धीरे अपने शबाब पर पहुंच रही है। पहाड़ी इलाको में बर्फबारी होने से शीतलहरी का प्रकोप शुरू हो गया है। जिसमें एकाएक मौसम में परिवर्तन आ गया है। सोमवार को दिन भर लोग शीतलहरी से जूझते नजर आये। स्वेटर, मफलर, टोपा सहित अन्य वस्त्रों से अपने आपको ढके हुए लोग सड़कों पर दिखे। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को स्टेशन पर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 

ठण्ड से बचने के लिए अलाव तापते लोग एवं खड़े मवेशी।

मौसम में हुए परिवर्तन से सुबह एवं रात्रि के तापमान में गिरावट होने का दौर जारी है। मौसम के मिजाज में आये इस बदलाव से ठण्ड व गलन में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो गयी है। जिसने आम जनमानस को बेहाल कर रख दिया है। मौसम बदलने के साथ लोगों को बाहर निकलने के लिये स्वेटर और जैकेट का सहारा लेना पड़ रहा है। जबकि रात्रि में शीतलहर के कारण हड़कम्पाऊ ठण्ड होने रात्रि में आने जाने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ठण्ड से बचने के लिये रेलवे स्टेशन व बस स्टाप समेत अन्य खुली जगहों पर रहने वाले गरीबों के पास पर्याप्त साधन न होने से वह अलाव का सहारा लेने को मजबूर है। सर्दी के बढ़ते प्रकोप का खामियाजा दूर दराज की यात्रा करने वाले व फुटपाथ पर रहने वाले निराश्रितों को सबसे अधिक भुगतना पड़ रहा है। लगातार पारा गिरने और गलन बढ़ने से सर्दी अपने चरम सीमा पर है। वहीं रात्रि के समय गिरने वाली ओस भी लोगों को जमकर नुकसान पहुंचा रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सर्दी के प्रकोप को देखते हुए लोगों को रात्रि के समय केवल जरूरत पर ही निकलने की सलाह दी गयी है। जबकि फुटपाथ पर जीवन जीने वाले गरीबांे को अपने जीवन यापन करने में ढेरों कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है।


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