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Thursday, December 31, 2020

20 20 बीत गया..........

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

........... वर्ष 2020 बीत गया पता ही नहीं चला क्योंकि कोरोना संक्रमित वर्ष होने के कारण 2020 का पता ही नहीं चला सिर्फ सुरक्षा सावधानी 2 गज दूरी के साथ घर रिश्ते परिवार सब अपने अपने को बचाने में लगा रहा आज कोरोना संक्रमित समय खत्म नहीं हुआ है। अब एक और को रोना ब्रिटेन के द्वारा भारत में घुस गया है यह करो ना बहुत ही घातक है तथा विशेषज्ञों ने बताया है यह करो ना बहुत ही तेजी से जो वर्तमान समय में कोरोना है उससे तीव्र गति से फैलने की उम्मीद है बड़ी कठिन समस्या है कोरोना चीन के वुहान से आया हुआ एक अघोषित युद्ध की तरह पूरे विश्व में विश्व युद्ध की तरह उससे भी अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमित कॉल इतना तेजी से चल रहा है परंतु लोगों की समझ में नहीं आ रहा है विभागों में बैठे हुए मूर्ख लो ग जो बहुत से कोरोना को मानते ही नहीं है ना ही मास्क लगाते हैं ना ही कोई दूरी का पालन किया जाता है ना ही किसी की बात सुनते हैं बस अपनी ही धुन में अपने मन की करते हैं। जब किसी को यह कोरोना संक्रमित हो जाता है तब उन्हें पता चलता है मेरे साथ क्या हुआ साक्षात मौत दिखाई देती है। यह ऐसा रोग है ऐसा संक्रमित है इसका भी कोई इलाज वैक्सीन नहीं बनी है ब्रिटेन में वैक्सीन बनी है जो 4 जनवरी से टीका लगना शुरू हो जाएगा। भारत भी वैक्सीन के करीब पहुंच चुका है लेकिन समस्या एक बहुत बड़ी है एक करो ना से छुटकारा मिला नहीं दूसरा नया कुरौना संक्रमित लोगों की खेप चली आ रही है ब्रिटेन से भारत सरकार को चाहिए ब्रिटेन से इस तरह के लोग आते हैं उनको रोका जाए पहले भी यह जब कोरोना संक्रमित लोग आए थे वहीं पर अंकुश लगा दिया जाता तो जो लाखों लोग खत्म हुए हैं पूर्ण विदेशी विमानों का बंद कर देते आना शायद बच सकते थे और सरकार ने पूरा प्रयास किया लॉकडाउन को लगाकर लेकिन समय से जो बाहर से करो ना आया है उसको रोकने की जरूरत थी उसको जहां था वहीं पर रोक दिया जाता तो मुझे लगता कोरोना भारत में इतनी तेजी से हर जिले कस्बे में नहीं फैलता, वर्ष 2020 कोरोना काल में कितनी जल्दी बीत गया पता ही नहीं चला लोगों को सोचने का मौका ही नहीं मिला कि हम क्या करें क्योंकि रोजी रोटी के लिए हर व्यक्ति को काम करना ही पड़ेगा लेकिन बहुत से विभाग ऐसे हैं, बहुत से सरकारी विभाग ऐसे हैं बहुत से प्राइवेट विभाग ऐसे हैं जहां पर पूरे नियम का पालन किया जा रहा है परंतु दुर्भाग्य की बात वह है। जहां पर कार्य करते हैं वहां पर कोरोना के रोकथाम के लिए सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन को कोई पालन नहीं करता है। अगर कोई करता है तो उसका मखौल उड़ाया जाता है। और कहा जाता है करो ना कुछ नहीं है सब खत्म हो गया है तुम बहुत मानते हो बहुत सेनीटाइजर का इस्तेमाल करते हो बहुत बचाव करते हो और लोगों से कहते हो मास्क लगाओ और खुद लगाए बैठे हो इतना डरते हो करो ना कब से खत्म हो गया है पता ही नहीं आपको इस तरह की बात की जाती है बड़ा दुख होता है पढ़ा-लिखा समाज जब इस धारणा को अपने स्वभाव में बैठा लेता है तो उसे समझाया नहीं जा सकता है। लेकिन कोई माने या ना माने मैं पूरा नियम का पालन करता हूं और जो पालन नहीं


करता है उससे दूरी बना कर बात करने की बात कहता हूं। परंतु जहां से यह संस्था शुरू हुई है वहां पर कोरोना संक्रमित का पूरा ध्यान रखा जाता है वहां के कर्मचारी भी पूरा ध्यान रखते हैं वहां का पूरा स्टाफ और कोरोना के नियमों का पालन करता है। परंतु बाहर के लोग इस चीज को नहीं मानते है।......... वर्ष 2020 बीत गया है ईश्वर से उम्मीद करते हैं वर्ष 2021 अच्छा अच्छा होगा कोरोना से किस देश को मुक्ति मिलेगी और सभी लोग पुरानी जिंदगी पुराने जैसे समय से जीने लगेंगे आज हर चीज लाने और ले जाने में भए से आदमी ग्रस्त है। एक से एक अच्छे पैसे वाले लोग इस को रोना संक्रमित से मौत के मुंह में चले गए हैं। जिसमें प्रदेश के मंत्री से लेकर केंद्र के मंत्री तक अन्य राज्यों के बहुत सारे मंत्री कोरोना  में मौत हो चुकी है। अभी हाल ही में झांसी के सबसे बड़े आरटीओ के अधिकारी कोरोना संक्रमित में मौत हो गई है। बहुत से लोगों को जानता हूं जिनकी मौतें कोरोना संक्रमित से हो गई है जनपद उन्नाव में ज्ञानेंद्र जी की 50 साल में कोरोना संक्रमित से मौत हो गई हमारे बड़े अच्छे मित्र थे उन्नाव में कई एक ईटों के भट्टे हैं पेट्रोल पंप हैं आज वह इस दुनिया में नहीं है अपार पैसा होने के बावजूद कुरोना से नहीं बच पाए ऐसी ऐसी मिसाले हैं परंतु लोग जब इस चीज को समझने का प्रयास नहीं करता है हम उसे क्या कह सकते हैं पढ़े लिखे हो कर नासमझ लोग इस तरह की बात करते हैं दुख होता है उनकी शिक्षा पर जहां पर पूरा विश्व हिला रखा है करुणा के कारण लेकिन उन्हें लोगों को एहसास नहीं होता  वह मद मस्त है। जब कोई विपत्ति उनके समझ आएगी तब ने एहसास होगा वास्तविकता क्या है।......... हम आप सभी से निवेदन करना चाहते हैं अपनी लेखनी के माध्यम से जो वर्ष 2020 बीत गया है उसको भूल जाै नए वर्ष से यह प्रतिज्ञा करें की 2020 में जो करो ना काल के रूप में कटा है वह 2021 ना हो हम सब लोग अपनी पुरानी जिंदगी में एक दूसरे के सभी मिलकर रहकर जी सके और जब तक कोरोना संक्रमित हैं हम लोग सरकार के द्वारा दिए गए नियमों का पालन करें। मेरे पास ही पोस्ट आई थी मेरे मित्र ने भेजी थी वह मित्र अल्पसंख्यक है जो अब अल्प संख्यक नहीं रह गए, मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी जिसमें श्री अमिताभ बच्चन जी को श्रीमती रीता अंबानी जी को सीतामढ़ी जी के पुत्र को अनिल अंबानी जी को और बहुत सारे लोगों के साथ बिना मास की के फोटो को भेजा था कि यह लोग जिओ की ट्यून में दिखाते हैं कि मांस 2 गज दूरी अमिताभ बच्चन बोलते हैं 2 गज मास्क जरूरी पर यह लोग मास्क नहीं लगाए हैं ना ही कोई दूरी बनाए हुए हैं मैं उस पोस्ट को जानता था मैंने अपने मित्र को लिखा मित्र यह कोरोना संक्रमित समय की पोस्ट नहीं है यह 2 वर्ष पहले की पोस्ट है जो आपने सेंड फेसबुक में की है। मैंने लिखा मित्र इस तरह की अफवाह मत फैलाओ आप भी नियम का पालन करो इसको जाति धर्म सेना जोड़ो मर्ज किसी की जात देखो नहीं आता है आपकी जो फेसबुक में सेंड किया है उसका अभिप्राय यह है कि यह लोग मास्क नहीं लगाए हैं तो हम भी लोग मास्क ना लगाएं यह संदेश आपका ठीक नहीं है यह पुरानी पोस्ट है। आप भी अपने परिवार से प्यार करते हो पूरा देश अपने परिवार से प्यार करता है आप भी नियम का पालन करो औरों को भी नियम का पालन कराओ आपने उन्नाव में देखा है कितने लोग करुणा से मृत्यु के मुंह में जा चुके हैं। इसमें एक नाम ज्ञानेंद्र का आता है जो बहुत ही बड़े धनकुबेर थे वह भी चले गए कुरौना के कारण जीवन में संकट आते हैं जाते हैं पर किसी जाति धर्म को जोड़कर संकट को नहीं तोड़ना चाहिए कोई भी चीज अगर देश में कहीं जाती है जिसका अभिप्राय हर जाति के लोगों के लिए सुनिश्चित होता है उसे मानने की जरूरत है। इसको द्वेष ता के रूप में नहीं देखना चाहिए। समा जाना हमारा काम है और समझना आपका काम है समझो तो अच्छा है ना समझो वह भी अच्छा है जी का भाग्य बदला नहीं जा सकता है। जो सिर्फ एक दस्ता के कारण कोई चीज नहीं मानता है तो उसे  समझाने का प्रयास उचित नहीं होता है।क्योंकि वो सिर्फ करो ना को नरेंद्र मोदी योगी जी की देन बताते हैं ऐसे लोगों को समझाना संभव नहीं है। लेकिन पुणे 2021 में आप सब लोग अपने ज्ञान को बढ़ाएं और अच्छा बीते कोरोना से मुक्त पाए हम सभी लोग पुरानी जिंदगी जैसे जीते थे फिर वापस आए हैं जो दूरियां बनी थी वह नज़दीकियों में तब्दील हो इसी उम्मीद के साथ 2021 की कामना करता हूं कि आप सभी लोग स्वस्थ रहें दीर्घायु रहें और रोग मुक्त रहें हमारी नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं आप सभी को प्रदान हो उम्मीदों के साथ वर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं आप सभी को स्वीकार हो जो लिखने पढ़ने में किसी को तकलीफ हुई हो उसके लिए प्रार्थी क्षमा चाहता है।

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