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Thursday, November 5, 2020

अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में महाराष्ट्र सरकार का फूंका पुतला

फतेहपुर, शमशाद खान । आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में एक टीवी चैनल के मुख्य सम्पादक अर्णब गोस्वामी की महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किये जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पटेलनगर चैराहे पर महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को समाप्त करने की साजिश करार दिया। 

महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता।

गुरूवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पटेलनगर चैराहे पर एकत्र हुए और एक टीवी चैनल के मुख्य सम्पादक अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी की कड़ी निन्दा करते हुए महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन किया। वक्ताओं ने कहा कि अर्णब गोस्वामी को बुधवार की सुबह उनके निवास स्थान से गिरफ्तारी की गयी। जो आपातकाल के दिनों की भांति मौलिक स्वतंत्रता पर एक अभूतपूर्व हमला है। दुर्भावनावश हुई इस अवैध गिरफ्तारी ने देश में प्रेस स्वतंत्रता पर कुठाराघात किया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया गया यह कृत्य मीडिया स्वतंत्रता तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को समाप्त करने की साजिश है। अर्णब गोस्वामी ने पालघर में भीड़ द्वारा साधुओं की हत्या सहित महाराष्ट्र में घट रही विभिन्न अवांछित घटनाओं पर राज्य सरकार को आईना दिखाया था। इन सब घटनाओं की रिपोर्टिंग पर बदले की भावना से काम करना लोकतांत्रिक सरकारों के लिए अशोभनीय है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा जांच के बाद 2018 में हुए आत्महत्या के एक बंद हो चुके मामले को पुनः केवल बदला लेने के लिए सरकार द्वारा खोला जाना निश्चित रूप से महाराष्ट्र सरकार के अलोकतांत्रिक चेहरे को उजागर करता है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा अर्णब गोस्वामी के साथ की गई मारपीट व उनके परिवार के सदस्यों साथ किया गया दुव्र्यवहार आपातकाल के दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के क्रूर दमन की भयावह याद दिलाता है। अभाविप के प्रदेश मंत्री तरुण बाजपेई ने कहा कि अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी महाराष्ट्र में मौलिक स्वतंत्रता के हनन तथा राज्य सरकार के बढ़ते अलोकतांत्रिक चरित्र को उजागर करता है। सावधानीपूर्वक जांच के बाद बंद कर दिए गए मामले को पुनः खोलकर अर्णब की गिरफ्तारी केवल उन्हें परेशान करने के उद्देश्य को स्पष्ट करती है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मीडिया की निडर तथा प्रभावशाली आवाज को धमकाने की कोशिश मात्र है। यह आपातकाल के बुरे दिनों की याद को फिर से ताजा करने वाला है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अर्णब गोस्वामी की शीघ्र रिहाई और असहमति के अवैध अपराधीकरण को रोकने की मांग करती है। इस दौरान जिला सह संयोजक गौरव शुक्ला, प्रान्त कार्यकारणी सदस्य शिवम गुप्ता, अंकित जायसवाल, शिवांशु द्ववेदी, अखिलेश चैहान सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।


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