राजीव दीक्षित की हत्या या प्राक्रतिक मौत एक रहस्य आज तक............................................... - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, November 27, 2020

राजीव दीक्षित की हत्या या प्राक्रतिक मौत एक रहस्य आज तक...............................................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

..... राजीव दीक्षित जैसा बुद्धिजीवी अनु अभि व्यक्ति आयुर्वेदिक क्षेत्र का प्रखर विद्वान व्यक्ति की मौत आज तक रहस्य बनी हुई है। इतिहास के पन्नों को खंगाला तो कुछ राजीव दीक्षित के संदर्भ में प्राप्त हुआ है वह कुछ लिखने का प्रयास कर रहा हूं। राजीव दीक्षित कि जिस तरह मौत हुई जिस तरह परिवार वालों के विश्वास में ना लेते हुए बिना पोस्टमार्टम किए उनका दाह संस्कार कर दिया गया जिससे कुछ रहस्य राजीव दीक्षित के मौत के रहस्य सामने देखते हैं यह नेचुरल मौत नहीं है ना कोई बीमारी से मौत है यह क्या है ऐसा प्रतीत होता है।राजीव दीक्षित जिनका 29 नवंबर, 2010 को भिलाई के बीएसआर अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था. जिसके बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम किए ही उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर भेज दिया. दीक्षित के परिवार वाले भी उनकी मृत्यु के कारणों पर संदेह व्यक्त करते रहे. इसको लेकर परिवार ने पीएम ऑफिस से भी संपर्क किया. अब ताज़ा खबर ये कि जवाब में जल्द ही पीएमओ मामले की जांच के लिए दुर्ग पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने वाला है. एक शख्स, जो अगर जिंदा रहता, तो अब तक भारत में स्वदेशी और आयुर्वेद का शायद सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका होता. बाबा रामदेव से भी बड़ा. कहा जाता है कि इस शख्स को रामदेव प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते थे. ये शख्स, जिसके राष्ट्रवाद की कल्पना ‘स्वदेशी और अखंड भारत’ के इर्द-गिर्द बुनी गई थी. ये भारत की पूरी व्यवस्था को बदल डालने का हिमायती था.। पिछले 20 साल में वो कभी बीमार नहीं पड़ा अंगूठे पर मेथी का दाना बांधकर जुकाम ठीक कर लेता था. वो एक विवादास्पद मौत मरा. अब उसके कहे और लिखे पर बंदरबाट हो रही है.  नाम था राजीव दीक्षित, राजीव दीक्षित की मौत 29 नवंबर 2010 की रात छत्तीसगढ़ के भिलाई के


बीएसआर अपोलो अस्पताल में हुई थी। डाक्टरों के अनुसार उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जाता है। जी दीक्षित की मौत एक रहस्य बनी हुई है इस रहस्य का पर्दा खुला बड़ा मुश्किल है क्योंकि राजीव दीक्षित जी आयुर्वेदिक के संबंध में उन्होंने जो ज्ञान इस देश को दिया है मुझे लगता है विश्व के स्तर से लेकर अपने देश के स्तर में जहां कोई भी आयुर्वेदिक ब्रांड जो देश में चल रहे हैं उसके जो मालिक हैं उनसे सबसे ज्यादा प्रखर बुद्धि के ज्ञानी पुरुष राजीव दीक्षित है मुझे उनकी मृत पर संदेह व्यक्त हो रहा है आज मैंने उनके बारे में कुछ लिखना चाहा परंतु बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग जो अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए कुछ ऐसे कार्य करते हैं जिनसे उनको लाभ हो उन्हें कोई सत्य औसत से लेना देना नहीं है मैं भी मीडिया से जुड़ा हुआ हूं लेकिन अफसोस होता है आज का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विज्ञापन पर टिका हुआ है और जब विज्ञापन पर मीडिया जिंदा रहेगा तो सत्य के ऊपर निर्भर नहीं रह सकता आज यही मीडिया का हाल है इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से विज्ञापन को देखती है और विज्ञापन के तौर तरीके बहुत हैं कई मदों से पैसा पाने की चेष्टा रखने वाले मीडिया के लोग सत्य को असत्य बनाने में माहिर हो जाते हैं यही एक विज्ञापन के नाम से काला धन प्राप्त होता है। इसीलिए राजीव दीक्षित जैसे योग्य व्यक्ति जिन्होंने तमाम अपने आयुर्वेदिक आज भी उनके नुक्से आज भीम के वीडियो करोड़ों करोड़ों की संख्या में देश के लोग पालन कर रहे हैं जो दिशानिर्देश राजीव दीक्षित ने स्वस्थ शरीर रहने के लिए जो आयुर्वेदिक के तौर पर प्राकृतिक तौर पर और बहुत से जीवन चर्या पर जो उन्होंने दिया है वह हमेशा राजीव दीक्षित जैसे व्यक्त मृत्यु तो उनकी जरूर हो गई है लेकिन वह अनंत काल तक जब तक विश्व में मानव रहेगा राजीव दीक्षित जीवित रहेंगे यह मेरा विश्वास है और जो लोग इस जिन्होंने गंदा काम किया है या नहीं किया है उसे ईश्वर अवश्य दंड देगा क्योंकि ईश्वर इलाही में समय लगता है और पैसा मिलता है आवाज नहीं निकलती है और उससे उसका फल इस पर आवश्यक है जिसने यह किया है या नहीं किया है यह विषय इंस्टिगेशन राधा पर नहीं हुआ लेकिन उन्होंने देश के लिए जो अपनी एडवाइज दी है आयुर्वेदिक के क्षेत्र में अनुच्छेदों में बहुत बड़ी उपलब्धि देश को देकर गए हैं। इस देश में बड़ी विडंबना है जो व्यक्ति कुछ अच्छा बनने के लिए देश को बिना धन किसी की मदद करना चाहता है किसी के जीवन देना चाहता है किसी को आयुर्वेदिक के क्षेत्र में अपना नाम बिना पैसे के कमाना चाहता है उस नाम को राजीव दीक्षित जैसे लोगों को मृत्यु को एक प्रेस बना दिया जाता है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages