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Wednesday, November 25, 2020

सरेशाम खेतों से किसान का अपहरण, पकड़ छोड़कर भागे अपहर्ता

किसान के बेटे ने देखा तो मचाया शोर, दौड़ पड़े ग्रामीण और की घेराबंदी 

मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने भी नाकाबंदी की

बदौसा, के एस दुबे । असलहाधारी बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए खेत की रखवाली करने गए किसान को धर दबोचा। उसकी आंखों में पट्टी बांधने के बाद हाथ बांध दिए और असलहे के बल पर लेकर जाने लगे। पास में ही मौजूद बेटे ने देखा तो शोर मचाया। ग्रामीण दौड़ पड़े। खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ नाकाबंदी की तो अपहर्ता पकड़ छोड़कर भाग निकले। तब कहीं जाकर परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली। 

किसान के अपहरण के बाद गुमशुम हालत में बैठे परिजन

मंगलवार देर शाम पचपेड़िया गांव निवासी सन्तोष पुत्र रामसजीवन (45) अपने खेतों में बने पुरवा खेतों की रखवाली करने गया था। लगभग साढ़े आठ बजे अचानक पहुंचे चार लोगों में एक ने किसान पर बंदूक की नाल लगा दी और हाथ बांधने के बाद ले जाने लगे। बड़े पुत्र कल्लू ने बताया कि वह 50 मीटर दूर खेत किनारे अपने दोस्त के पास खड़ा था। तभी पिता को देखा तो उनकी आंखों मे पट्टी और हाथ पीछे बंधे हुए थे। यह देखकर उसने गांव वालों को आवाज लगाई। बताया कि दो लोगो के हाथ में बंदूक एक के हाथ में भाला और एक के हाथ में तमंचा था। कल्लू ने बताया कि उसके पिता को अपहर्ता पीट भी रहे थे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चारो अपहर्ताओं को घेरने का प्रयास किया, लेकिन खेतो में खड़ी ज्वार, अरहर की आड़ में पता नही चल सका। सूचना पर पहुंची अतर्रा, बदौसा, फतेहगंज की पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन की, लेकिन कोई पता नही चल सका। लगभग 6 किलोमीटर दूर कबरा पुरवा के नजदीक अपने आपको चारो तरफ से घिरता देख अपहर्ता किसान को छोड़ कर भाग गए। अगवा किए गए किसान से पुलिस पूछतांछ कर रही है। भतीजे बुद्धबिलास ने बताया कि रात भर गांव वालों के साथ पुलिस भी लगी रही। लगभग 2 बजे रात में चाचा मिले हैं। बताया कि पुलिस रात में ही चाचा को पूछताछ सहित बयान लेने की बात कह कर अपने साथ ले गई थी। इधर, किसान का अपहरण क्यों किया गया, पुलिस इस बात की जानकारी करने का प्रयास कर रही है। इधर, मृतक के पुत्र देवांश सिंह ने बताया कि खदान संचालकों ने दो दिन पहले बिना किसी गलती के खदान संचालकों ने उसके पिता को खदान से हटा दिया। कहा कि जिला अस्पताल लेकर आने वाले एक व्यक्ति ने उसके पिता को फोन करके बालू खदान बुलाया था। आशंका जताई कि साजिश के तहत विषाक्त पदार्थ खिलाकर उसके पिता की हत्या की गई है।


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