बेटियों को पढ़ाएंगें तो बनेंगी आत्मनिर्भर: डीएम - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Advt.

Wednesday, November 11, 2020

बेटियों को पढ़ाएंगें तो बनेंगी आत्मनिर्भर: डीएम

महिला हेल्प डेस्क में पीड़ित महिलाएं करें शिकायत

गांवों में स्वयं सहायता समूह के गठन के दिए निर्देश

समूह की महिलाओं को किया सम्मानित

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्राम्य विकास विभाग के तत्वावधान में मंदाकिनी गेस्ट हाउस कालूपुर में जनपद स्तरीय जागरूकता गोष्ठी का शुभारंभ जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर पर मिशन शक्ति के अंतर्गत जन जागरूकता का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। समूह की बहनों के लिए यह बहुत जरूरी था। आत्मनिर्भरता को स्वयं सहायता समूह में कार्य कर रही हैं। जिनके संसाधन नहीं हैं उन्हें भी बढ़ाएं। शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। समाज में महिलाओं के अत्याचार के प्रति शासन बहुत गंभीर है। गांव व घर में शोषण का शिकार हैं जो परेशान कर रहा है उस व्यक्ति को

संबोधित करते डीएम।

चिन्हित कर अवगत कराएं। सभी थानों पर महिला हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। समस्याओं को बताएं कार्यवाही अवश्य होगी। बेटियों को पढ़ाएंगे तो बेटी आत्मनिर्भर बनेगी। जब बेटी को नहीं पढ़ाएंगे तो बहू कैसे पढ़ी लिखी मिलेगी। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ को अपनाकर कार्य करें। जिस घर में बिटिया ने पढ़ लिया है तो वह कुल का कल्याण करेगी। बाल विवाह न करें। यह अपराध है। डीसी एनआरएलएम को निर्देश दिए कि जिन गांव में अभी समूह नहीं बने हैं वहां पर समूहों का गठन कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासन से चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनकर अपनी आमदनी को बढ़ाएं। जनपद में विभिन्न योजनाओं पर अच्छे कार्य किए गए हैं। गाय के गोबर से दीपक आदि का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार आगे बढ़कर काम करें। जिससे आमदनी दोगुनी हो सके। अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पाण्डेय ने कहा कि नारी शुरू से ही शक्ति का रूप रही है। इन्हें जागरूक करने की जरूरत समय-समय पर पड़ती है। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए पुलिस विभाग के कई हेल्प लाइन नंबर है। जिनका प्रयोग करें। दहेज प्रथा, प्रताड़ना आदि की धाराएं हैं। शिकायत दर्ज कर समस्याओं का निस्तारण करा सकती है। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित किए गए विभिन्न वस्तुओं के स्टाल को अवलोकन करते हुए सराहनीय कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र व शाल भेंट कर सम्मानित किया है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages