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Saturday, November 14, 2020

दीयों की रोशनी से जगमग हो गया सारा जहां

मुहूर्त के दौरान गणेश और लक्ष्मी माता की पूजा कर धन-धान्य की लोगों ने कामना की 

पूजन-अर्चन के बाद शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर, शौकीनों ने छुड़ाए पटाखे 

दो घंटे के अंदर करोड़ों रुपए की आतिशबाजी की सामग्री धुआं बनकर उड़ गई 

लोगों के घरों में जगमगाईं मेड इन इंडिया और मेड इन चाइना की विद्युत झालरें 

बांदा, के एस दुबे । प्रकाश पर्व दीपावली जिले में धूमधाम के साथ मनाई गई। शाम होते ही निर्धारित मुहूर्त में लोगों ने अपने घरों में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हुए धन-धान्य की बढ़ोत्तरी की कामना की। दीवाली की पूजा के लिए लोगों ने अपने घरों को रंग-पोतकर और बेहतर रंगोली बनाकर सजावट की थी। भगवान गणेश और मातारानी लक्ष्मी का आवाहन करते हुए लोगों ने अपने घरों में पूजा की और प्रसाद का वितरण किया। इसके बाद परंपरागत मिट्टी के दीयों की रोशनी से घर के कोने-कोने को रौशन किया। इसके बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। आधी रात तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा। करोड़ों रुपए की आतिशबाजी की सामग्री दो घंटे के अंदर धुआं बनकर उड़ गई। 

रात को आतिशबाजी करते बच्चे।

तकरीबन एक पखवारे से प्रकाश पर्व दीपावली की तैयारियां की जा रही थीं। शुक्रवार की देर रात तक लोग अपने घरों को लीपने-पोतने में लगे रहे। देर रात तक पूरी तरह से मकान को चमका दिया गया। इसके बाद बिजली की मेड इन इंडिया और मेड इन चाइना की झालरें मकान में सजा दी गईं। शनिवार की शाम को निर्धारित मुहूर्त पर लोगों ने पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना के दौरान माता लक्ष्मी और गणेश की पूजा-अर्चना करते हुए सुख शांति, वैभव और धन-धान्य की बढ़ोत्तरी की कामना करते हुए आवाहन किया गया। पूजा-अर्चना करने के बाद लोगों ने अपने घर के कोने-कोने में मिट्टी के दीयों में सरसों का तेल और घी भरकर जलाया और घर के सभी कोनों को रौशन किया। 

बुंदेलखंड में प्रकाश पर्व दीपावली बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोगों में मान्यता है कि पूजा-अर्चना करने के बाद दीवाली के लिए घर के सभी कोनों में दीया जलाने से मातारानी जगत जननी मां लक्ष्मी का वास होता है और घर में धन, वैभव की बढ़ोत्तरी होती है। दीवाली की शाम को मुहूर्त में गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद बच्चों ने आतिशबाजी का दौर शुरू किया। आतिशबाजी का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। महज दो घंटे के ही अंदर करोड़ों रुपए की आतिशबाजी की सामग्री धुआं बनकर उड़ गई। 


जीआईसी ग्राउंड में पहुंचा खरीददारों का रेला 

बांदा। शनिवार को सुबह से ही आतिशबाजी करने के लिए लोग जीआईसी ग्राउंड पहुंचे और अपने पसंदीदा पटाखे, राकेट, अनारदाना और अन्य आतिशबाजी की सामग्री की जमकर खरीददारी की। शाम तक आतिशबाजी की सामग्री की खरीददारी का सिलसिला लगातार चलता रहा। शाम को आतिशबाजी का दौर शुरू हो जाने के बावजूद लोग जीआईसी ग्राउंड में सजी पटाखों की दुकानों में खरीददारी करते नजर आए। देर रात तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा। 

पूजा के लिए फूलों की बिक्री की दुकानें भी सजाई गईं

घर में सजाई गई रंगोली, दीये से हुई रौशन 

बांदा। दीवाली के मौके पर लोगों ने अपने घरों में रंगोली सजाई थी। शाम को उसी रंगोली के स्थान पर गणेश और लक्ष्मी की पूजा अर्चना की गई। पूजा-अर्चना करने के बाद लोगों ने रंगोली के चारों ओर तथा घर के सभी कोनों में दीयों को रखकर रंगोली के साथ ही घर आंगन को भी रौशन किया। दीवाली के माके पर घरों की लिपाई पुताई करने के साथ ही रंगोली भी बनाई जाती है। रंगोली बनाए गए स्थान पर ही गणेश और लक्ष्मी माता की पूजना अर्चना की जाती है। 


गली-मुहल्लों में भी हुई पटाखों की बिक्री

बांदा। शहर के लोगों को पटाखे या फिर आतिशबाजी का अन्य सामान खरीदने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने शहर के जीआईसी ग्राउंड में आतिशबाजी की दुकानें लगवाई थीं। इस दौरान दमकल की एक गाड़ी मौके पर रही और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात रही। जीआईसी ग्राउंड के अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर तमाम दुकानदारों ने भी आतिशबाजी के सामान की जमकर बिक्री की। जबकि जिला प्रशासन की इस पर रोक थी। लेकिन नियम कानूनों को ताक में रखकर दुकानदारों में आतिशबाजी के सामान की बिक्री की। 



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