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Wednesday, November 4, 2020

सतना डीएम बोले - मप्र क्षेत्र से सीमित तादाद में आने की श्रद्धालुओं से करेंगें अपील, तैयारियां पूर्ण

उप्र - मप्र के अधिकारियों के साथ हुई बैठक

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय, जिलाधिकारी सतना अजय कठसेरिया, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, सतना एसपी धर्मवीर सिंह की उपस्थिति में धनतेरस, दीपावली मेला, भैया दूज आदि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने संबंधी बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में उप्र-मप्र के अधिकारियों, साधु-संतों के साथ संपन्न हुई।

जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने कहा कि किसी भी दशा में कोविड-19 के प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए मेला को सकुशल संपन्न कराया जाए। मास्क लगाना अनिवार्य है। सैनिटाइजेशन कराया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी विभाग आपस में तालमेल अवश्य बनाकर मेला सकुशल संपन्न कराएं। कहा कि दीपदान के दिन रामघाट का लेजर शो बंद रखा जाए। पुल भी बंद रहे। नाव व पूजन सामग्री की दर अवश्य अंकित कराएं। हनुमानधारा की तरफ पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। कहा कि उप्र चित्रकूट में मेला क्षेत्र को नौ जोन तथा 18 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी

बैठक में मौजूद उप्र-मप्र के अधिकारी।

जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ अभी से ही क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करा ले। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए एंबुलेंस आदि व्यवस्थाएं पूर्व की भांति सुनिश्चित रखें। सुबह-शाम पूरे मेला क्षेत्र में सैनिटाइज अवश्य कराएं। जिला पंचायत राज अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में सफाई निरंतर कराते रहें। किसी भी दशा में अन्ना जानवर न घूमें। खोया पाया केंद्र, सीसीटीवी कैमरे आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। पार्किंग स्थल व पूरे मेला क्षेत्र में निरंतर पानी की व्यवस्था रहे। रामघाट पर मां मंदाकिनी गंगा पर मोटर बोट दोनों तरफ पर रहे। नावों में नंबर व सवारियों की क्षमता भी अंकित करें। पहचान पत्र बनाए जाएं। बैरिकेटिग अवश्य कराएं। खतरे के निशान व पोस्टर बैनर भी लगाया जाए। माइक से अलाउंस भी करते रहें। अधिक से अधिक गोताखोर रखें। प्रॉपर तरीके से मां मंदाकिनी गंगा की सफाई अवश्य कराते रहें। कहां की घाट में जिस दिन दीपदान हो उस दिन जलाए गए दीपों को हटाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि यूपीटी सीतापुर से रामघाट तक का सड़क निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण करा दें और जहां पर पार्किंग स्थल बनाए जाने हैं वहां पर स्लोप की व्यवस्था अवश्य कराएं। अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि परिक्रमा मार्ग में जो अंडरग्राउंड केबल का कार्य हो रहा है उसे 10 नवंबर के पहले प्रत्येक दशा में पूर्ण कर लिया जाए। तथा दोनों तरफ के विद्युत विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं पर तार व पोल अगर जर्जर है तो उन्हें तत्काल ठीक करा लिया जाए। प्रकाश व्यवस्था के लिए जनरेटर की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। मेला क्षेत्र में जो कंट्रोल रूम के नंबर है उन्हें आदान प्रदान अवश्य किए जाए। उन्होंने कहा कि दीपदान मेला की प्राचीन परंपरा है। इसमें कोरोना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। उन्होंने एआरएम रोडवेज को निर्देश दिए कि और बसों का संचालन तथा स्टेशन मास्टर से भी कहा कि स्पेशल ट्रेनों की भी मांग कर ली जाए। 

जिलाधिकारी सतना अजय कठसेरिया ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मैहर माता मंदिर पर भीड़ नहीं हुई थी। उसका मुख्य यह कारण था कि आसपास की क्षेत्र की जनता से जिला प्रशासन ने अपील की थी की भीड़ न हो। ऐसी व्यवस्था इस दीपावली मेला में भी करने की जरूरत है। भीड़ को देखते हुए मध्य प्रदेश द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के अधिकारी सभी व्यवस्थाओं में एक दूसरे का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के परिक्रमा परिक्षेत्र में नारियल, अगरबत्ती पर पूर्णतया रोक लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की तरफ 5 अस्थाई पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है। पीली कोठी पर भी वाहन नहीं आएंगे। परिक्रमा मार्ग सहित पूरे क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया है। सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई है। कहां की कोविड-19 को देखते हुए इस मेला में महामारी को ज्यादा फैलने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहकर मेला को सकुशल संपन्न कराएं। कहा कि मध्य प्रदेश की तरफ से 15 या 20 प्रतिशत ही श्रद्धालु आएंगे। यह अपील करेंगे।

पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने कहा कि टीम को सक्रिय रहकर मेला को सकुशल संपन्न कराना है। सभी विभाग जिन अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है वह पूर्व में ही भ्रमण कर देख लें। ताकि मेला के दौरान समस्या न हो। आपस में कम्युनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। रामघाट व परिक्रमा क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस व्यवस्था रहेगी। दुकानों पर खाद्य पदार्थों को लेकर छापेमारी की कार्यवाही अभी से सुनिश्चित की जाए। सिलेंडर का प्रयोग दुकानों पर न करनेे दें। पूरे मेला क्षेत्र का अतिक्रमण हटवाएं। तीर्थ क्षेत्र में किसी भी दशा में पटाखा नहीं बिकना चाहिए। दोनों जिले के उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर कार्यवाही सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक सतना धर्मवीर सिंह ने कहा कि विभाग समस्त व्यवस्थाएं अभी से ही सुनिश्चित कर लें। फूड प्वाइजनिंग पर नजर रखें। सभी अधिकारी, कर्मचारी ड्यूटी स्थल पर रहकर मेला को सकुशल संपन्न कराएं। सबसे महत्वपूर्ण स्थल रामघाट व परिक्रमा मार्ग का मुख्य प्रथम द्वार है। यहां पर अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। कोई समस्या नहीं होगी। इसके पूर्व दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास, निर्मोही अखाड़ा के मुन्ना तिवारी, मत्यगजेंद्रनाथ के पंडित महेंद्र शास्त्री, प्रदीप तिवारी, तुलसी गुफा के पंडित मोहित तिवारी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस पर जिलाधिकारी चित्रकूट व सतना ने कहा कि जो साधु संतों द्वारा सुझाव दिए गए हैं उनका भी प्रशासन अनुपालन कराएगा। बैठक में उप्र-मप्र के संबंधित अधिकारी व साधु-संत मौजूद रहे।


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