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Wednesday, November 18, 2020

विनाश काले विपरीत बुद्धि

(देवेश प्रताप सिंह राठौर )

............वरिष्ठ पत्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का हाल ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ जैसा हो गया है। सोमवार को जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या बिहार हमेशा श्रम संसाधन का एक्सपोर्टर बनकर ही रहेगा या कभी उत्पादक राज्य भी बनेगा? केन्द्र सरकार विशेष राज्य का दर्जा देने के मानकों को तत्काल बदले। लकीर का फकीर बनने से समावेशी विकास नहीं हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर बिहार बहुत जल्द विकसित प्रदेशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। लोकसभा के अगले चुनाव में जनता हमें इतनी शक्ति देगी कि जो भी प्रधानमंत्री हो उसे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना ही पड़ेगा। यह पूछे जाने पर कि राजद अध्यक्ष ने विशेष राज्य के दर्जे की बजाए विशेष पैकेज को व्यवहारिक बता रहे हैं, लालू प्रसाद ना तो बिहार का भला चाहते हैं और ना ही कभी बिहार के बारे में सोचते हैं।अगर सोचते तो उनकी सरकार थी, कुछ तो करते। बिहार का नेता होने का दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति अगर विशेष राज्य के दर्जा का विरोध करता है तो इसे विनाश काले विपरीत बुद्धि ही कहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा जन-जन की आवाज है। हम इसे वर्ष 2006 से ही उठा रहे हैं। विधानमंडल में सर्वसम्मति से इसका प्रस्ताव


पारित किया गया था। राजद अध्यक्ष के बयान से यही लग रहा है कि उनकी पार्टी ने बस यूं ही प्रस्ताव का समर्थन कर दिया था।विशेष पैकेज तो पूरी तरह अलग मुद्दा है। विशेष पैकेज तो दसवीं पंचवर्षीय योजना से ही मिल रहा है। केन्द्र में एनडीए की सरकार में रहते हुए इसे हमने ही उठाया था। बिहार हर साल बाढ़ से तबाह होता है। यहां की आबादी बहुत अधिक है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर यहां सार्वजनिक और निजी पूंजी निवेश बढेम्गा। उद्योग स्थापित होने पर लाखों लोगों के लिए रोजगार का इंतजाम हो सकेगा। अगर यह दर्जा नहीं मिला तो विकास दर की वर्तमान रफ्तार बरकरार रखने पर भी बिहार को इसके राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने में 25 साल लगेंगे। जब विनाश काल होता है तो आदमी की बुद्धि भी उसी तरह हो जाती है जब व्यक्ति में आत्मसम्मान की भावना जागृति होती हैं तो उसके अंदर कई और अन्य गुण अपने आप आ जाते हैं, जिस व्यक्ति के अंदर आत्मसम्मान की भावना का विकास हो जाता हैं वो जीवन में महान और अच्छे कार्य ही करता हैं. इस पोस्ट में आत्मसम्मान पर बेहतरीन विचार दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े. आत्मसम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता हैं.

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