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Wednesday, November 4, 2020

महाराष्ट्र सरकार सत्ता के मदहोश में अर्णव गोस्वामी के साथ अन्याय.... ........

देवेश प्रताप सिंह राठौर

 (वरिष्ठ पत्रकार) 

आज पूरा भारत पत्रकारिता के ऊपर जो हमला किया है महाराष्ट्र पुलिस ने आज सभी भारत के मीडिया चैनल एवं प्रिंट मीडिया अरनव गोस्वामी के साथ खड़े होकर महाराष्ट्र सरकार को अपनी शक्ति का एहसास कराएं क्योंकि आज अरनव गोस्वामी के साथ जो हुआ है कल आपके साथ भी हो सकता है इसलिए देश के चौथे स्तंभ पर जिस तरह हमला किया गया है वास्तव में महाराष्ट्र सरकार ने उद्धव ठाकरे ने बाला साहब ठाकरे को कलंकित कर दिया। जिस तरह महाराष्ट्र पुलिस ने बुधवार सुबह रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णव गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल क्राइम ब्रांच उन्हें अपने ऑफिस लेकर गई है। अर्णव गोस्वामी पर 2018 में एक मां और उसके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।अर्णव गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तार करने आई पुलिस ने उनके साथ मारपीट की इसके साथ ही उनकी पत्नी की मां और पिता से भी मारपीट की गई।


साथ ही उनकी पत्नी और बच्चों के साथ भी मारपीट की गई।बताया जा रहा है कि यह मामला 2018 का है। 2018 में एक 53 साल के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाईक और उनकी मां ने आत्महत्या कर ली थी। कथित तौर पर आत्महत्या से पहले अन्वय नाईक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में लिखा था कि आरोपी अर्णव गोस्वामी और उनके दो साथियों ने उनका 5.40 करोड़ रुपए नहीं दिया जिसके चलते, मुझे आत्महत्या का कदम उठाना पड़ रहा है। इस पूरे मामले की जांच सीआईडी पहले से ही कर रही थी हालांकि अर्णव गोस्वामी इस मामले में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर चुके है।आपको बता दें अन्वय की पत्नी अक्षता ने मई 2020 में आरोप लगाया था कि रायगढ़ पुलिस इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस केस में न्याय की गुहार लगाई थी। हालांकि तब रायगढ़ के एसपी अनिल पारसकर ने कहा था कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। मेरा महाराष्ट्र सरकार के राजपाल से और भारत के प्रधानमंत्री जी से निवेदन है अरुण गोस्वामी को उनकी जीवन रक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त किया जाए क्योंकि जिस तरह से महाराष्ट्र सरकार रिपब्लिक भारत के चीफ प्रणव गोस्वामी के साथ जो कृत्य कर रही है उससे स्पष्ट होता है वह किसी हद तक जा सकते हैं। इसलिए भारत सरकार को चाहिए चौथे स्तंभ की रक्षा करने के लिए अर्णव गोस्वामी को सुरक्षा प्रदान की जाए यह आज पूरा देश एक स्वर में कह रहा है की अर्णव गोस्वामी की रक्षा होनी चाहिए देश में स्वतंत्र पत्रकारिता की छूट एवं उसके अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए यह देश की मांग है।

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