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Tuesday, November 24, 2020

सरकारी भूमि की कमी के चलते कस्बे में नहीं हो पा रहे विकास कार्य

सरकारी कर्मचारियों की उदासीनता के चलते नहीं हो रही जमीन की नाप

धाता-फतेहपुर, शमशाद खान । क्षेत्र में सरकारी जमीन की कमी के कारण सही तरीके से विकास के काम नहीं हो रहे हैं। सबसे बडी ग्राम पंचायत धाता कस्बे में चाह कर भी सर्वजनिक शौचालय सहित अन्य विकास काम नहीं कर पा रहा है। सरकार के आदेश के बाद भी कस्बे में एक छह सीटर का सार्वजनिक शौचालय बनना है, लेकिन ग्राम पंचायत को सरकारी जमीन नहीं मिल रही है। सरकारी कागजों में धाता कस्बे के क्षेत्र मे आधी जमीन सरकारी है पर सरकारी उदासीनता के कारण सरकारी जमीन की जांच नहीं हो रही है। ऐसे में कस्बे में वृहद रूप से विकास कार्य नहीं हो सकता है। धाता ग्राम पंचायत अधिकारी कई बार लेकपाल को सूचित करके बुलाया गया लेकिन लेकपाल भी कस्बे दूर दराज इलाकों मे ग्राम समाज की जमीन बताते और फिर इधर उधर हीलाहवाली करके चले जाते हैं। जो भी जगह बताई जाती है। वह कस्बे और मार्केट भीड़ भाड़ इलाके से काफी दूर होती है।

प्रतिक्रियाएं व्यक्त करते कस्बे के लोग।

जुगलकेशवानी ब्यापार मण्डल महामंत्री का कहना है कि दीपराणायन तिराहे के पास इंटर काँलेज व ब्लाक ,बैंक, यात्री प्रतिक्षालय,और मुख्य दीपनारायण तिराहा है जंहा पर लोगो का हजारो की संख्या मे रोज आवागमन होता है अगर दीपनारायण तिराहे के आस पास बनता तो लोगो को ज्यादा सुविधाएं मिल पाती। विकास कार्यों के बाबत अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त करते हुए व्यापार मण्डल के अध्यक्ष ननका केशरवानी का कहना है कि धाता कस्बे में आईटीआई, शौर्या गृह, इसी तरह की कई योजनाएं आई थी लेकिन लेकपालों द्वारा जमीन न खोज पाने पर वापस हो गई। इसी तरह कस्बे मे सार्वजनिक शौचालय बनना है इसके लिए प्रशासन की तरफ से सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है जबकि कस्बे में काफी ग्राम समाज जमीन पड़ी हुई है। हमारा यही कहना है कि जहां भी शौचालय बने भीड़-भाड़ इलाके वाले स्थान पर बने। दीपराणायन तिराहे के आस पास बनता तो ज्यादा लोग सुविधाएं ले पाएंगे। इसी तरह मारकंडेय सिंह का कहना है कि दीपानारायण तिराहे के पास ही दूर-दूर से ज्यादा लोगों का आवागमन होता है। तिराहे पास ही अस्पताल पूरी तरह से खाली है। अगर उसी के कोने में बन जाता तो ज्यादा अच्छा रहता और अगर जमीन नहीं मिलती तो तिराहे के आस-पास बनता तो ज्यादा लोगों को सुविधाएं मिल पाती। वहीं मनोज सिंह का कहना है कि दीपनारायण तिराहे के आस-पास सरकारी बसे व प्राईवेट बसे टैंपो टैक्सी आदि गाडियों का ठहराव होता है। इस कारण यंहा ज्यादा मात्रा में भीड इकट्ठा होती है। यहां पर सार्वजनिक शौचालय न होने पर लोगों को इधर उधर कहीं कोनों में शौच के जाना पडता है। अगर दीपनारायण तिराहे के पास सार्वजनिक शौचालय बनता तो लोगांे को ज्यादा से ज्यादा इसका फायदा ले पाते। 

भीड़-भाड़ वाला इलाका है दीपनारायन तिराहा: वरूण

धाता-फतेहपुर। इस मामले में धाता ग्राम विकास अधिकारी वरूण सिंह कहना है कि कई लोगों का कहना है कि दीपनारायन तिराहे के पास शौचालय बने तो अच्छा रहेगा क्योंकि कस्बे के अंदर सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला इलाका यहीं आता है। इसी के अनुसार दीपनारायन तिराहे के पास पूरी तरह से अस्तपाल खाली होने पर अस्तपाल में बनने के लिए ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव लिखकर आज जिला स्वास्थ्य अधिकारी व उप जिलाधिकारी खागा को भेजा जाएगा। यह सार्वजनिक शौचालय छह सीटर का होगा। जिसमें पुरुष व महिलाओं का अलग-अलग टायलेट होंगा। यह ग्राम पंचायत की योजना है। इसे वैसे स्थान में बनवाया जाएगा जहां भीड़ भाड होती हो। जिससे लोग इसका फायदा उचा सके इसका उपयोग कोई भी कर सकेगा।

जल्द कराया जायेगा निर्माण: एसडीएम 

धाता-फतेहपुर। उप जिलाधिकारी खागा प्रहलाद सिंह का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय की भूमि के लिए वहां के हल्का लेकपाल व कानूनगों से बात करके जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कराई जाएगी। उन्होने कहा कि जल्द ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जायेगा। 


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