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Wednesday, November 25, 2020

सरकार की प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में निगम कर्मियों ने दिया धरना

परिवहन निगम के कारोबार को समेटकर अस्तित्व को समाप्त कर रही सरकार: बाजपेयी

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसें चलाने से सम्बन्धित शासन के परिवहन अनुभाग-4 से प्रसारित अधिसूचना व परिवहन निगम के कारोबार को समेटकर उसके अस्तित्व को समाप्त करने की सरकार की प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में बुधवार को रोडवेज परिवहन निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहर के शान्तीनगर स्थित वर्कशाप में धरना दिया। 

धरने की अध्यक्षता करते हुए संयोजक बीएस बाजपेयी ने कहा कि सरकार की मंशा साफ जाहिर है कि वह निगम के कारोबार को समेटकर अस्तित्व को समाप्त कर रही है। जिसे निगम के अधिकारी व कर्मचारी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अन्य सामूहिक मांगों को लेकर यह धरना दिया गया है। उन्होने मांगों को गिनाते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से चल रही डग्गामार निजी वाहनों का

रोडवेज वर्कशाप में धरना देते निगम अधिकारी व कर्मचारी।

संचालन बंद कराया जाये, राज्यों का संचालन राज्य की सीमा के निकट उपलब्ध परिवहन निगम की डिपो इकाईयों तक ही अनुबंध योजना द्वारा किया जाये, परिवहन निगम द्वारा लखनऊ-कुबेरपुर-नोएडा सहित 206 अन्य मार्गों के राष्ट्रीयकरण हेतु प्रस्तावित प्रकरणों पर शीघ्र निर्णय कर इन मार्गों को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित किया जाये। परिवहन निगम की बसों के लिए भी निजी बसों के समान यात्रीकर की दरें निर्धारित की जायें, कोविड-19 के दृष्टिगत सरकार द्वारा जनहित में परिवहन निगम को आर्थिक पैकेज पदान किया जाये, 31 दिसम्बर 2001 तक नियुक्त संविदा चालकों-परिचालकांे को नियमित नियुक्ति प्रदान कर शेष संविदा चालकों व परिचालकों के चरणबद्ध नियमितीकरण की योजना बनाकर विनियमित किया जाये, सीधीभर्ती के सभी संवर्गों में रिक्त पदों को नियमित नियुक्ति द्वारा भरा जाये तथा प्राविधिक शाखा के सीधी भर्ती के पदों पर कई वर्गों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों एवं लिपिकीय संवर्ग के सीधी भर्ती के पदों पर निलिट के कर्मियों को नियमित नियुक्ति में वरीयता प्रदान की जाये। बकाया भत्ते की किश्तों का देय दिनांक से भुगतान कराया जाये एवं प्रदेश के कई अन्य निगमों की भांति परिवहन निगम कर्मियों को भी महंगाई भत्ते का भुगतान निदेशक-मण्डल से अनुमोदनोपरान्त किया जाये तथा लम्बित गम्भीर वेतन विसंगतियों का निवारण किया जाये। इसके अलावा अन्य मांगे भी शामिल हैं। इस मौके पर सचिव एमएल केशरवानी, जयचन्द्र प्रकाश, पीयूष पाठक, संजय कुमार, सुरेश सिंह चंदेल, सुभाष श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, अनूप श्रीवास्तव, सर्वेश यादव, विजय कुमार मिश्रा, सुरेन्द्र सिंह पाल, श्रीकांत शर्मा, प्रेमशंकर, महेन्द्र प्रताप, जय प्रकाश शुक्ला, राजकुमार, रियाज अली, मो0 आजम, इजहार अहमद, किरन कुमारी, जगलाल सरोज, श्रीमती लीलावती, आशा देवी, भाग्यवती, दीपशिखा आदि रहे। धरने का संचालन जयचन्द्र प्रकाश ने किया। 


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