कानपुर बाल दिवस व दीवाली विशेष:- एन जी ओ युवा सोच कलम का हक एक नई पहल ने बच्चो के साथ बाटी खुशी व राहत कोष सामग्री - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Advt.

Monday, November 16, 2020

कानपुर बाल दिवस व दीवाली विशेष:- एन जी ओ युवा सोच कलम का हक एक नई पहल ने बच्चो के साथ बाटी खुशी व राहत कोष सामग्री

एन जी ओ युवा सोच कलम का हक  ने अपनी टीम के साथ 14 नवंबर बाल दिवस के अवसर पर गाँव राम देवरा में बच्चो को खिलौने,किताब,राशन,कपड़े,व राहत कोष सामग्री बाटी  साथ ही  14 नवंबर बाल दिवस के दिन दिवाली का शुभ अवसर भी पड़ा दिवाली के शुभ अवसर पर एनजीओ द्वारा विधि विधान से कार्यक्रम स्थल पर दिवाली की पूजा अर्चना की गई पूजा अर्चना के बाद बच्चों को मिठाई भी बांटी गई साथ ही फैसन डिजाइनर सन्ध्या वर्मा व विभम तोमर, राहुल प्रताप सिंह ने बताया हम सभी बहुत खुशी के साथ यहाँ बाल दिवस मनाने के लिए एकत्र हुये हैं। मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार रखना चाहती/चाहता हूँ। बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का भविष्य भी होते हैं। हम पूरे जीवन भर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य संबंधियों के जीवन में बच्चों की भागीदारी और योगदान को नजअंदाज नहीं कर सकते।

बच्चे सभी के द्वारा पसंद किए जाते हैं और बिना बच्चों के जीवन बहुत ही नीरस हो जाता है। वे भगवान का आशीर्वाद होते हैं और अपनी सुन्दर आँखों, मासूम गतिविधियों और मुस्कान से हमारे दिल को जीत लेते हैं। बाल दिवस प्रत्येक वर्ष पूरे संसार में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।

बाल दिवस

कानपुर कार्यालय संवाददाता:- साथ ही टीम में साथ है सदस्यों ने कहा यह विभिन्न देशों में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है हालांकि, यह भारत में 14 नवम्बर को मनाया जाता है। वास्तव में 14 नवम्बर महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री (पं. जवाहर लाल नेहरु) का जन्म दिवस है हालांकि, बच्चों के प्रति उनके लगाव और स्नेह की वजह से इस दिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। वे एक राजनीति नेता थे फिर भी, उन्होंने बच्चों के साथ बहुत ही कीमती वक्त बिताया और उनकी मासूमियत से वो बहुत प्यार करते थे। बाल दिवस का उत्सव मस्ती और उल्लास की बहुत सारी गतिविधियाँ लाता है। इस दिन का उत्सव बच्चों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की याद दिलाता है, जिसमें बच्चों का कल्याण, उचित स्वास्थ्य, देखभाल, शिक्षा, आदि शामिल है। बच्चों को चाचा नेहरु के आदर्शों और बहुत सारा प्यार और स्नेह दिया जाता है। यह बच्चों के गुणों की प्रशंसा करने का अवसर है।

बच्चों को किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव की ईंट माना जाता है। बच्चे छोटे होते हैं किन्तु राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं। वे आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक हैं क्योंकि देश का विकास उन्हीं के हाथों में है। बाल दिवस उत्सव उन अधिकारों की भी याद दिलाता है, जो बच्चों के लिए बनाये गए हैं और उनसे बच्चे लाभान्वित हो भी रहे हैं, या नहीं। बच्चे कल के नेता हैं इसलिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों से आदर, विशेष देख-रेख और सुरक्षा की आवश्यकता है। हमारे राष्ट्र में बहुत तरीकों से परिवार के सदस्यों, संबंधियों, पड़ौसियों या अन्य अजनबियों के द्वारा उनका शोषण किया जाता है। बाल दिवस का उत्सव परिवार, समाज और देश में बच्चों के महत्व को याद दिलाता है। 

बाल दिवस व दीवाली के शुभ अवसर पर पूरे कार्यक्रम में फैसन डिजाइनर संध्या वर्मा के साथ विभम तोमर, राहुल प्रताप सिंह,अनुराधा कुशवाहा,सौरभ कुमार, अनुपम सिंह, शुभम तोमर आदि लोग उपस्थित रहे

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages