देश के लिए कुर्बानी दी मनु ने ग्वालियर में - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, November 20, 2020

देश के लिए कुर्बानी दी मनु ने ग्वालियर में

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । किशनू बाबू शिवहरे महाविद्यालय में विमर्श विविधा के अंतर्गत जरा याद करो कुर्बानी के तहत छबीली से क्षात्र धर्म की वाहिका रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए प्राचार्य डॉ भवानी दीन ने कहा कि रानी केवल बुंदेलखंड ही नहीं अपितु पूरे देश की गौरव थी, वह एक महान वीरांगना थी,रानी मे गजब का सैन्य कौशल था । सबसे   पहले रानी ने महिला सेना के गठन पर न केवल विचार किया अपितु उसे जमीनी रूप प्रदान किया । बनारस में जन्मी रानी लक्ष्मीबाई का नाम मणिकर्णिका और मनु था ।  मां का कम उम्र में निधन हो गया था , इस कारण पिता उसे लेकर बिठूर आ गए, बाजीराव पेशवा के यहां अपनी सेवाएं दी और वहीं पर रानी लक्ष्मीबाई ने घुड़सवारी, तलवार चलाना और हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त किया ।  उसकी चंचलता के कारण ही उसे छबीली भी कहा जाता था  । रानी का विवाह मात्र चौदह वर्ष की


 अवस्था में झांसी के राजा गंगाधर राव से  हो गया । उसके बाद रानी लक्ष्मीबाई के  1851 मे एक पुत्र हुआ, जो कम उम्र मे नहीं रहा, राजा का1853 मे निधन हो गया और उसके बाद रानी लक्ष्मीबाई की झांसी को हड़प लिया गया ,उसी समय रानी ने कहा था कि मैं झांसी नहीं दूंगी और उन्होंने संगठन मजबूत कर गोरो से कड़ा मुकाबला किया । रानी ने दामोदर राव को गोद लिया था, भितर घातियों के कारण जनरल ह्यूरोज़ ने झांसी के किला पर कब्जा किया , तब रानी किले से बाहर निकल गई और पहुंच गई कालपी और ग्वालियर, उस समय के राजाओं ने रानी की बात नहीं मानी इसलिए उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा । रानी संघर्ष करते हुए ग्वालियर के निकट वीरगति को प्राप्त हुई । डॉ लालता प्रसाद, नेहा यादव ,अखिलेश सोनी , आनंद विश्वकर्मा, प्रदीप कुमार यादव, राजकिशोर प्रत्यूष, सुरेश , गणेश, देवेंद्र त्रिपाठी, राकेश यादव , गंगादीन मौजूद रहे । संचालन डॉ रमाकांत पाल कर रहे थे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages