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Friday, November 6, 2020

गाय के गोबर को बनाये उद्यम का साधन -डा फूल कुमारी

 गाय के गोबर से बने दीपक से मनाये इको फ्रेंडिली दिवाली

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डा फूल कुमारी ने विकास खण्ड कुरारा के गाव पारा की स्वय सहायता समूह की महिलाओ को मोम बत्ती एवम् देशी गाय के गोबर से दिये बना कर इको फ़्रेंडिली दिवाली मनाने की तकनीकी सिखाई। गाय के गोबर से खाद, वर्मी कंपोस्ट और बायो गैस बनाने के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन गाय के गोबर से दिये बनाकर इस बार आत्म निर्भर बन सकती हैं महिलाएं। 

कैसे बनाऐ गोबर के दिये-

सामग्री- सूखा गोबर -ढाई किलो

प्री फिक्स -एक किलो या

मुल्तानी मिट्टी,साँचे

बनाने की विधि:

गाय के गोबर से दिया बनाने के लिए सबसे पहले गोबर को सुखा कर बारीक कर छान लेते है। अब गोबर में प्री फिक्स या मुल्तानी मिट्टी मिलाकर आवश्यकता अनुसार पानी मिला के आटे की तरह गूंथ लेते हैं । अब साँचे  में तेल लगाया जाता है और पेस्ट की छोटी छोटी लोई बना कर साँचे में भर कर मन चाहा आकर के दिये बना सकते हैं।अब इसे २-३ दिन धूप में सुखा  लिया जाता है और मन चाहे रंगो से सजा भी सकते हैं।प्री फिक्स या मुल्तानी मिट्टी गोबर को आपस में बाधने और चिकना बनाने का काम करता है। 


आत्म निर्भरता का उत्तम विकल्प-

डा फूल कुमारी ने बताया कि एक महिला एक घंटे में कम से कम 45-50 दिये बना सकती है । इस प्रकार यदि दिन में 7-8 घंटे काम करके लगभग 400 दिये बना सकती है, और एक दिये की लागत 90 पैसे से 1 रू के आस पास आता है। यदि एक दिये की कीमत 2 रू भी रखते हैं, तो एक दिन में कम से कम 400 रु की अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्म निर्भर बन सकती हैं। 

पौराणिक मान्यता के मुताबिक हिंदू धर्म में गाय के गोबर में लक्ष्मी  का वास माना जाता है,  इसलिए बनी वस्तुओ का उपयोग बहुत ही पवित्र एव  फलदायी माना जाता है। गोबर के दिये को उपयोग करने के बाद इसे जैविक खाद बनाने में उपयोग किया जा सकता है। साथ ही साथ गमले या किचन गार्डन मे कंपोस्ट के रुप में उपयोग किया जा सकता है। दिये के अलावा गणेश लक्ष्मी, स्वस्तिक,झूमर सजावट के सामान बना कर आत्म निर्भर बनने के साथ ही साथ गौ वंश और पर्यावरण  को भी संरक्षण किया जा सकता है। क्योंकि मिट्टी के दिये  को पकाने में वतावरण में होने वाले नुक्सान के स्थान पर गोबर के ईको फ़्रेंडिली सिद्ध होंगे। यदि गोबर का पेस्ट बनाते समय कपूर मिला दिया जाय तो पर्यवरण सुरक्षा के लिए बहुत अच्छा सावित हो सकता है।

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