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Thursday, November 26, 2020

हड़ताल का शोर: बैंक और सरकारी कार्यालयों में ठप रहा काम

बैंकों में करोड़ों रुपए का कारोबार हुआ प्रभावित

बिजली कर्मचारियों ने सब स्टेशन में दिया धरना, नारेबाजी 

केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हुई हड़ताल 

 बांदा, के एस दुबे । केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बैंक, विद्युत विभाग, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, भारतीय जीवन बीमा निगम समेत तमाम सरकारी कर्मचारी संगठन और मजदूर संगठन हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते जहां बैंकों में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं विभिन्न सरकारी विभागों में कामकाज ठप होने से जरूरतमंद इधर उधर भटकते रहे। बैंकों के बाहर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया तो विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने काम बंद करके पीली कोठी स्थित बिजली सब स्टेशन में धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया। 

बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी

देश और प्रदेश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), आॅल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर फार इंडियान ट्रेड यूनियंस (सीटू), आॅल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-आॅर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-एम्प्लॉइड वुमेन्स एसोसिएशन (सेवा), आॅल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आॅफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) के संयुक्त के आह्वान पर गुरुवार को जिले के सभी राष्ट्रीकृत, ग्रामीण, कोआपरेटिव बैंकों के सभी अधिकारी, कर्मचारियों ने बैंक मुख्यालय के बाहर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने को लेकर आवाज बुलंद की। उनकी मांगों में अस्थाई, आकस्मिक व अंशकालिक कर्मियों का स्थायीकरण करने, बैंकों के निजीकरण संबंधी संशोधित विधेयक को वापस लेने, कर्मचारियों को समय से भत्तों का लाभ दिए जाने, मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने, बैंकों में पर्याप्त स्टाफ की भर्ती करने समेत महासंघ के 12 सूत्रीय मांग पत्र की सभी मांगें प्रमुखता से शामिल हैं। हड़ताली बैंक कर्मियों के मुताबिक एक दिन की ही हड़ताल से करीब 25 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। सरकार पर अड़ियल रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को विवश होंगे। इसी तरह इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जबकि भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान एलआईसी बिल्डिंग के बाहर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की। उनकी मांगों में वेतन निर्धारण, पेंशन बहाली, नई भर्तियां व सरकारी हस्तक्षेप आदि शामिल रहे। 

विद्युत कर्मियों ने धरना दे किया कार्य बहिष्कार 

बांदा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को जिले के सभी विद्युत अभियंताओं और कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर शहर के पीली कोठी पावर हाउस के बाहर धरना देकर कार्य बहिष्कार कर दिया। धरने में शपथ ली कि जो सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में निजीकरण को बंद कर पुरानी पेंशन नीति बहाल करेगी उसी को वोट देंगे। धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आंदोलन को संज्ञान में लेकर तत्काल

कार्य बहिष्कार के दौरान संबोधित करते बिजली कर्मचारी

इलैक्ट्रिकसिटी अमेंडमेंट बिल वापस लें। निजीकरण की सभी प्रक्रिया निरस्त निरस्त की जाए। ग्रेटर नोएडा का निजीकरण तथा आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए। केरल के केएसईबी लिमिटेड की तर्ज पर प्रदेश में भी सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए। बिजली कर्मचारियों की पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाए। तेलांगना की तरह ऊर्जा निगमों में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। नियमित पदों पर नियमित भर्ती की जाए। सभी संवर्गो की वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए। सभी संवर्गों को तीन पदोन्नति पद के समयबद्ध वेतनमान दिलाए जाने की मांग की। 

नारेबाजी से गूंज उठा कलेक्ट्रेट परिसर 

बांदा। भाकपा, सीपीआई माले, निर्माण मजदूर यूनियन, किसान सभा, कताई मिल मजदूर मोर्चा, स्टूडेंट फेडरेशन व लोकतांत्रिक जनता दल के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण भारत बंद और ट्रेड यूनियनों द्वारा की गई महा हड़ताल का समर्थन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों ने अशोक स्तंभ तले धरना दिया मजदूरों ने जुलूस

प्रदर्शन करते मजदूर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता

निकाल बोल मजूरे-हल्ला बोल का नारा बुलंद किया। मजदूरों का समूह कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा और जमकर नारेबाजी की। सिटी मजिस्ट्रेट को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यूनियन के जिला संयोजक रामप्रवेश यादव ने कहा कि मांगें शीघ्र पूरी न हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर रामप्रवेश यादव, डा.रामचंद्र सरस, जयकरण प्रजापति, फूलचंद्र वर्मा, चंद्रशेखर, बब्बू, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे। 

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