दूसरे व तीसरे माह की 527 गर्भवती महिलाओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, November 9, 2020

दूसरे व तीसरे माह की 527 गर्भवती महिलाओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

हीमोग्लोबिन, शुगर व एचआईवी की हुई जांच

स्वास्थ्य केंद्रों में मनाया गया पीएमएसएमए अभियान

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान

बांदा, के एस दुबे । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसए) के तहत जिला महिला अस्पताल सहित नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया हुआ। इसमें दूसरे व तीसरे माह की गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी, ब्लड प्रेशर समेत तमाम जांच निशुल्क हुईं।

निःशुल्क परीक्षण शिविर में मौजूद महिलाएं

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनडी शर्मा ने बताया कि 527 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। 15 को हाईरिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) के रूप में चिन्हित किया गया। उन्हें उचित खानपान की सलाह दी गई। अल्ट्रासाउंड, पेट, वजन, खून, पेशाब इत्यादि की मुफ्त जांच हुईं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कुशल यादव ने बताया कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को यह पीएमएसएमए मनाया जाता है। जिला महिला अस्पताल व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधाएं दी गईं। उनके एमसीपी (मातृ शिशु सुरक्षा) कार्ड भरे गए। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं में जोखिम की संभावना मिली उनके मातृत्व एवं शिशु सुरक्षा कार्ड पर लाल रंग की बिंदीध्एचआरपी (हाई रिस्क प्वाइंट) मोहर लगाकर चिन्हित किया गया। डीपीएम ने बताया कि चिन्हित महिलाओं को निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह दी गई है। मंडलीय परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार ने कमासिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर किया। जिला सलाहकार मातृत्व स्वास्थ्य अमन कुमार का कहना है कि गर्भवतियों को हाईरिस्क प्रेग्नेंसी ने बचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। 


यह हैं निःशुल्क सुविधाएं

- समस्त गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच- हीमोग्लोबिन, शुगर (ओजीटीटी) यूरीन, ब्लड गु्रप, एचआईवी, सिफलिस, वनज, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांचें।

- टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं।

- समस्त गर्भवती महिलाओं के गर्भ की द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एलोपैथिक चिकित्सक की देख-रेख में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण।

- हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित करना।

पोषण परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन हेतु काउंसलिंग। 


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages