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Thursday, November 26, 2020

गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 16 दिसंबर तक लगेंगे शिविर

जिलाधिकारी के निर्देश पर गोल्डन कार्ड बनाने की मुहिम तेज 

सीएमओ व एनआरएलम डिप्टी कमिश्नर को डीएम ने भेजा पत्र

आयुष्मान योजना 

बांदा, के एस दुबे । भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में तेजी लाने के लिए जनपद में विशेष अभियान शुरू किया जा चुका है, जिसमें गांव-गांव शिविर लगाकर लक्षित परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और एनआरएलएम के डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए हैं।  

गोल्डन कार्ड दिखाते लाभार्थी

जिलाधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने बताया कि योजना से वंचित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं को प्राथमिकता देते हुए गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। 25 नवंबर से शिविरों की शुरूआत की गई है। जनपद में 16 दिसंबर तक लगाए जाएंगें। इसके अलावा जिन गांवों में अभी तक एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं उन गांवों को भी विशेष तरजीह दी जाएगी। आशा वर्कर व एएनएम चिन्हित लाभार्थियों के घर जाकर उन्हें कैंप तक लेकर आएंगी। इसमें ग्राम प्रधान व कोटेदार भी सहयोग करेंगे। छूटे हुए लक्षित लाभार्थियों व प्रवासी मजदूरों के परिवार के प्रत्येक सदस्यों के कार्ड बनाए जाएंगे।

योजना के जिला कार्यक्रम समन्सयक डा. धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद ही फायदेमंद योजना है। पहले भी लोगों को इस योजना के बारे में काफी जागरूक किया गया है। अब विशेष अभियान चलाकर शिविर के जरिए लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। जनपद में 690580 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। अब तक 98425 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले के 2400 से अधिक लाभार्थीयो को योजना का लाभ मिल चुका है। जिसमें 1600 लाभार्थियों का इलाज जनपद के अंदर हुआ है।

अस्पताल में ऐसे मिल रहा लाभ

बांदा। मरीज अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपना गोल्डन कार्ड दिखाते हैं। इसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित करता है। मरीज के गोल्डन कार्ड की पुष्टि होते ही निशुल्क इलाज मिलना शुरू हो जाता है। इस योजना के तहत बीमार व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि इस योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा सकते हैं। 


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