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Tuesday, November 10, 2020

दीपावली पर्व 14 नवम्बर

कार्तिक कृष्ण अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है ऐसी मान्यता है कि भगवान राम 14 वर्ष के वनवास एवं लंका विजय के उपरान्त अयोध्या लौटे थे। इस अवसर पर लोगों ने घरों में दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। तब से इसे दीपावली के रूप में मनाते है।

     दीपावली पर्व महालक्ष्मी पूजा का विशेष  पर्व है। कहते है कि अध्र्य रात्रि में महालक्ष्मी विचरण करती है दीपक जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती है और उस घर में निवास करती है। 14 नवम्बर दीपावली के दिन प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु के निर्मित दीपक प्रज्वलित करें । दीपावली के दिन दोपहर में पितरों के निर्मित यथा शक्ति दान दें और तर्पण करें। और दीपावली के सांयकाल शुभ लग्न में गणेश ,लक्ष्मी और कुबेर भगवान का पूजन करें। महानिशिथ काल में महाकाली का पूजन करना चाहिए। महाकाली पूजा से मनोकामनाओं की पूर्ति शत्रु भय से मुक्ति और मुकदमें में विजय प्राप्त होती है।


महालक्ष्मी मंत्र- ‘‘ऊँ श्रीं ह्नीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्नीं श्रीं महालक्ष्यै नमः’’।

कुबेर जी का मंत्र- ‘‘ऊँ श्रीं ऊँ ह्नीं श्रीं ह्नीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’’।।

दीपावली पर दक्षिणावर्तीं शंख, श्री यंत्र, गोमती चक्र, लक्ष्मी कुबेर यन्त्र, हल्दी की गांठ , लघु नारियल आदि को भी स्थापित करने से सुख सौभाग्य धन वृ़िद्ध होती है। ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, लखनऊ


लखनऊ में दीपावली पूजन शुभ मुर्हूत

14 नवम्बर दीपावली अमावस्या तिथि को शनिवार सौभाग्य योग और स्वाति नक्षत्र का संयोग है। अमावस्या तिथि 14 नवम्बर दिन में 2रू17 से प्रारम्भ होकर 15 नवम्बर को प्रात 10रू36 तक है  लक्ष्मी पूजा प्रदेाश, वृषभ लग्न और सिंह लग्न में करना श्रेश्ठ है और काली पूजा अमावस्या मध्य रात्रि में करना श्रेश्ठ है। दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन षुभ मुहूर्त प्रदोशकाल, स्थिर लग्न वृशभ एवं सिंह लग्न श्रेश्ठ होता है। इस वर्श षुभ मुहूर्त इस प्रकार हैः-

कुंभ लग्न- दिन 12ः37 - 02ः09 (व्यवसायिक स्थल में पूजा हेतु)  

प्रदोशकाल- सायंकाल 05ः12 - 07ः52 और वृशभ लग्न- सायंकाल 05ः16 - 07ः13 (घर में पूजा हेतु)

सिंह लग्न- रात्रि 11ः44- 01ः58 ( ईष्ट साधना सिद्धि के लिए )

महानिशिथ काल- रात्रिकाल  11ः25 - 12ः17 (काली पूजा तथा तांत्रिक पूजा के लिए )

ज्योतिशाचार्य एस. एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिश केन्द्र, लखनऊ

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