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Wednesday, October 28, 2020

उपभोक्ता फोरम का फैसला

बाँदा, के0एस0दुबे - जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा दुर्घटना हितलाभ भुगतान न करने पर भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक पर ₹6000 जुर्माना ठोका पद्माकर चौराहा निवासी श्रीमती साधना सिंह पत्नी शिव प्रसाद द्वारा जनवरी 2019 में प्रबंधक भारतीय जीवन बीमा निगम बांदा और वरिष्ठ मंडल प्रबंधक इलाहाबाद को शिकार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी उसके पति भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दुर्घटना हित का लाभ नहीं दिया जा रहा है इस पर जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को नोटिस जारी की गई जिस पर उनके द्वारा जवाब दाखिल किया गया कि परिवार और निरस्त किए जाने योग्य हैं। 


जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और अनिल कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं की तथा पत्रावली का परिशीलन किया आयोग द्वारा परिवादिनी के अनुवाद को शिकार करते हुए शाखा प्रबंधक भारतीय जीवन बीमा निगम को आदेश दिया कि वह पति
शिवप्रसाद आलसी का दुर्घटना हितलाभ का भुगतान आदेश की तिथि से 1 माह के अंदर 6% वार्षिक ब्याज के साथ अदा करें इसके अलावा ₹1000 का खर्चा तथा ₹5000 अधिवक्ता फीस के लिए भी आदेश का अनुपालन होने पर परिवार के विरुद्ध अनुसार वादाखिलाफी की वसूली कर सकती है उक्त निर्णय की जानकारी उपभोक्ता आयोग के स्वतंत्र रावत द्वारा दी गई।

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