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Saturday, October 24, 2020

बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचारी चरम पर.............

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)....... 

आज बात करते हैं उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा अधिकारियों के संबंध में क्योंकि जो सुविधा शुल्क का कार्य चल रहा है वह बहुत ही पहले से शिक्षा विभाग में व्याप्त था, आज योगी जी की सरकार है विभागों में डर है रिश्वत अन्य चीजें पर कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक बड़ा ध्यान देता है, लेकिन रिश्वत लेने का तरीका कर्मचारियों ने अपना रूप बदल दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग एक ऐसा विभाग है जहां पर अगर जांच के दायरे में बेसिक शिक्षा अधिकारियों के और वहां के स्टाफ बाबू के सहायक शिक्षा अधिकारियों के निष्पक्षता पूर्ण जांच कराई जाए मैं विश्वास दिलाता हूं भ्रष्टाचारी के आंकड़े आपको बहुत सारे प्राप्त होंगे, एक नाम है नाम नहीं छापना है, काल्पनिक नाम अनीता द्वारा सीसीएल जोक चाइल्ड केयर अवकाश होता है वैसे शिक्षा विभाग को किसी महिला को 2 वर्ष देने का प्रावधान है पूरी सर्विस में बच्चा जब तक 18 वर्ष तक यह लाभ प्राप्त होता है। काल्पनिक नाम अनीता ने बताया 1 महीने सीसीएल के एक महीना अगर हमें सीसीएल लेना है ₹5000 हमें देने पड़ते हैं। अगर आपको मेडिकल की आवश्यकता है तो मेडिकल की भी लेने पर उसमें भी कुछ धन मेडिकल पास करने के लिए देना पड़ता है। मैंने


कहा आप इस समय योगी जी की सरकार है आप भ्रष्टाचारी से लड़ी है और ऐसे लोगों को रिश्वत मत दीजिये लेकिन उनका कहना था 1 दिन हो तो देखा जाए क्या करें भाई साहब यह लोग बहुत परेशान करने लगेंगे जब जान जाएंगे कि इन लोगों ने हमारे खिलाफ कार्रवाई की है तो हम उसी स्थिति में नौकरी करना हमारे लिए दिक्कत करेगा क्योंकि यह रोज स्कूलों की जांच करेंगे और उस जांच में कोई ना कोई आरोप लगाकर हमें निलंबित करने का अधिकार बेसिक शिक्षा अधिकारी को है। क्योंकि शिक्षा विभाग में कर्मचारियों का बेसिक शिक्षा अध्यापकों का पूर्ण अधिकार नौकरी ज्वाइन करने का और निलंबित करने का अधिकार जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राप्त होता है। मेरा योगी जी से विशेष निवेदन है इस समाचार के माध्यम से मैंने समाजवादी पार्टी की सरकार जब थी उस समय लखनऊ के डीएम श्री अनुराग यादव जी हुआ करते थे और लखनऊ के उस समय बेसिक शिक्षा अधिकारी सर्वदा नंद जी थे जो जिलाधिकारी अनुराग यादव जी के सहपाठी थे, सदानंद पर गलत तरीके से स्थानांतरण गलत तरीके से नियुक्तियों को जिलाधिकारी को विश्वास में लेकर कार्य किए हैं इस प्रकार की जानकारी सूचना प्राप्त हुई है। जब यह मामला तेजी से उठा जिला अधिकारी जो लखनऊ के अनुराग यादव जी थे उनको झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया जब जिलाधिकारी अनुराग यादव जी झांसी के जिला अधिकारी बने अपने सहपाठी और चाहते बेसिक शिक्षा अधिकारी को उन्होंने ट्रांसफर झांसी का बेसिक शिक्षा अधिकारी बना दिया जब मुझे जानकारी प्राप्त हुई फिर यहां पर भी इन्होंने अनुराग यादव जी जिलाधिकारी के अपने सहपाठी का फायदा उठाते हुए सर्वदा नंद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यहां पर कई एक नियुक्तियां मानक के विपरीत की उस पर जांच चल रही है यह भारत देश है यहां से चलती है परिणाम नहीं निकलता है। वैसे शिक्षा विभाग आज एक बहुत बड़ा व्यवसाय बन गया है जहां पर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना बड़ा मुश्किल है इतनी अधिक फीस है और शिक्षा इतनी अच्छी नहीं है। मैंने अपने जीवन में तीन विषय पर हजारों आर्टिकल लिखे हैं 19 साल के कार्यकाल में बहुत पुराना रिश्ता है मेरा पत्रकारिता से लेखनी से जुड़े रहने का मैंने हमेशा भ्रष्टाचारी और अन्याय और चिकित्सा व्यवस्था, शिक्षा में भ्रष्टाचार एवं अधिक मात्रा में प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का अभिभावकों का उत्पीड़न होना शिक्षा के आधार पर स्कूलों में फीस बहुत अधिक ली जाना यह सब मैंने लिखा है और फाइलें बनी हुई है दसियों फाइलें बनी हुई है बहुत सारे रिकॉर्ड हैं परंतु मेरे लिखने से कोई फायदा नहीं होता है मेरे ही लिखने से नहीं कि बहुत सारे जो पत्रकार हैं समझते हैं इस चीज को कि भ्रष्टाचारी वास्तव में शिक्षा जगत में और स्वास्थ्य चिकित्सा के संबंध में अधिक व्याप्त है। कुछ लोग इमानदारी के साथ लिखते हैं वह उसी में एक व्यक्ति में हूं मेरा मिशन भ्रष्टाचारी के खिलाफ चलता है आज मैं सत्य की आवाज उठाता हूं तो मुझे परेशानी होती है यह बिल्कुल सत्य है । वैसे बहुत से विभाग पूर्व सरकारों में जिस तरह से गुंडाराज चलता था वह आज नहीं है आज हर व्यक्ति वह ग्रस्त है रिश्वत लेने से डरता है परंतु एक कहावत हिंदुस्तान के लिए कही गई है हिंदुस्तान जुगाड़ में बड़ा माहिर है दुबलीकेट बनाने में बड़ा माहिर है किसी का कोई ना कोई तोड़ निकालने में बड़ा माहिर है। उन्होंने सुविधा शुल्क का तोड़ निकाल लिया तरीका बदल दिया है लेकिन भ्रष्टाचारी इतनी जल्दी इस देश से जाने वाली नहीं है जिसकी जड़ें 65 वर्षों से पूरे देश के जमीनों में हर जगह जगह फैली हुई है उन जोड़ों को समाप्त करना मुश्किल है इसमें बहुत समय लगेगा उसके लिए वर्तमान सरकारों को मौका देने की जरूरत है समय देने की जरूरत है उम्मीद है कुछ ना कुछ भ्रष्टाचारी पर अंकुश अवश्य लग सकता है अगर आज की वर्तमान सरकारें केंद्र और राज्य की मौका अधिक समय तक दिया गया तो भ्रष्टाचारी समाप्त होने की स्थिति में आ सकती है। लेकिन इस देश का यह दुर्भाग्य है जो अच्छा कार्य करता है उसको करने नहीं देते हैं क्योंकि हर व्यक्ति के अहंकार भरा हुआ है। ईर्ष्या द्वेष ता भरी हुई है।

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