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Thursday, October 29, 2020

पराली न जलाएं किसान, बढ़ता है प्रदूषण

कृषि विश्वविद्यालय की ओर से किया गया जागरूक 

बांदा, के एस दुबे । वैज्ञानिकों द्वारा नित्य नये प्रयोग एवं तकनीकी प्रसार के माध्यम से कृषि को और सृदृण बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके लिये तकनीकी को अपनाने तथा उससे संबन्धित जागरूकता लाने का भी प्रयास किया जाता है। इसी क्रम मे बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई  द्वारा गोद लिए गाँव मवई बुजुर्ग में वैज्ञानिको द्वारा रबी फसल की बुआई से पहले पराली न जलाने की अपली की गयी। 


किसानों को पत्रक वितरित करते विवि अधिकारीगण

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-एक के कार्यक्रम अधिकारी व सहायक प्राध्यापक डा. ओमप्रकाश ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत गोद लिए गाँव मवई बुजुर्ग में इसके लिये कृषको से संवाद स्थपित कर उचित कारगर उपाय तथा प्रबंधन कृषि वैज्ञानिको द्वारा बताया गया। वैज्ञानिको का मुख्य उद्देश्य उससे होने वाले मृदा, वातावरण तथा जीव जन्तुओ के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे मे बताना तथा जागरूक करना था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा किसानों से पराली न जलाने के लिये एक नारा पराली नही जलायेगे, हरियाली को बचायगे का संकल्प दिलाया।  

कृषि विश्वविद्यालय, बांदा के कुलपति, डा. यूएस गौतम ने कृषको से अपील की कि अपने खेत मे पराली का प्रबंधन कम्पोस्ट व केचुआं खाद बनाने के रूप मे करें। डा. गौतम ने कहा कि पराली प्रबंधन हेतु वेस्ट डिकम्पोजर अच्छा कार्य करता है। कृषको भी इसे अपनाना चाहिये। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के नेतृत्व में चलाये जा रहे कोविड-19 एवं पराली न जलाने की अपील जागरूकता कार्यक्रम के सफलता पूर्वक कार्य करने पर वैज्ञानिको को बधाई भी दी। ज्ञात हो की माननीय कुलपति जी के प्रेरणा से विश्वविद्यालय के वैज्ञानिको द्वारा विभिन्न ग्रामों मे समय-समय पर जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। 

इसी के क्रम में कृषि विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा मवई बुर्जुग  में कोविड-19 जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। वर्तमान वैश्विक कोरोना महामारी के दृष्टिगत जागरूकता एवं जानकारी ही बचाव का सर्वोत्तम तरीका है। शहरी क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्र हो इसकी भयावहता बराबर है। जनमानस मे इस बीमारी के प्रति जागरूकता ही बचाव का प्रमुख साधन हो सकता है। टीम द्वारा ग्राम चईतारा मे जागरूकता के साथ-साथ मास्क का भी वितरण किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डा. एके चैबे, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण केएस तोमर, कार्यक्रम अधिकारी डा. ओमप्रकाश ग्राम प्रधान गिरजा देवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामकिशोर सिंह के नेतृत्व में जागरूकता का कार्यक्रम आयेाजित किया गया। इस  कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, बुजुर्गो एवं बच्चो को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करते हुए मास्क की महत्ता एवं कोविड-19 महामारी से आत्मसुरक्षा की भी जानकारी दी। केएस तोमर ने राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के लिए किये जाने वाले कार्य के बारे में विस्तार से बताया। 


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