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Friday, October 2, 2020

अपराध अपराध है उसे जातिगत रूप देना सही नहीं. ....................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

( वरिष्ठ पत्रकार)

.........उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती से बलात्कार और हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राज्य के दूसरे इलाके में एक और ऐसी ही घटना हो गई है. बलरामपुर जिले में अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ दो युवकों ने दुष्कर्म किया और अस्पताल ले जाते समय पीड़िता की मौत हो गई. यूपी में एक और हाथरस, एक और दलित लड़की के साथ बलात्कार, मौत

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने कहा कि घटना जिले के गैसड़ी क्षेत्र में हुई जहां 22 वर्षीय दलित लड़की एक निजी कंपनी में काम करती थी. मंगलवार की शाम जब वह समय पर घर नहीं पहुंची तब उसके माता पिता ने उसकी तलाश शुरू की. पुलिस ने कहा कि लड़की के माता- पिता ने बताया कि लड़की बाद में एक ऑटो रिक्शा से घर पहुंची.। किसी भी जाति धर्म का व्यक्ति हो अगर उसके साथ गलत धारणा से बलात्कार या कुकर्म किया जाता है। उसे जात का रूप देना उचित नहीं होता है मीडिया वाले हाथरस के संबंध में दलित दलित कह कर के माइंड को डाइवर्ट करने का काम करते हैं  और जाति को अलग अलग करने का कार्य करते हैं दुष्कर्म दुष्कर्म है दुष्कर्म की कोई जात नहीं होती न्याय मिलना चाहिए जो बलरामपुर में हुआ हाथरस इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चिल्ला रही है। बलरामपुर की बात को ध्यान में नहीं दिया जाता है राजस्थान में क्या हुआ पूरा देश ने देखा आप ही के मीडिया के चैनलों ने हम भी मीडिया से जुड़े हैं हमने भी देखा परंतु तिल का ताड़ बनाने के लिए सिर्फ सरकार को बदनाम करना होता है। मैं सच्चाई के रास्ते पर किसी भी जाति धर्म नहीं देखना चाहिए उसे न्याय मिलना चाहिए ,अगर उसके साथ जायती दुष्कर्म हुई है, तो उसको कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए आज मैं देखता हूं कोई भी घटना दुर्घटना होती है सामान्य जाति के लोगों की कितनी घटनाएं होती रहती हैं कभी कोई मीडिया का चैनल यह नहीं कहता है सामान्य जात के लिए यह हुआ वह हुआ सामान्य जाति बेटियों के लिए यह हुआ वह हुआ कोई भी घटना इतनी गंभीरता से नहीं दिखाई जाती है। हाथरस में जो भी हुआ वह बेहद दुखद है। बलरामपुर में जो हुआ वह


भी दुखद है, मीडिया सिर्फ एक पहलू को लेकर तिल का ताड़ बनाने में लग जाती है हकीकत को जानो चैनलों में हूं हल्ला मचाने से चैनल मैं लोग सच्चाई की उम्मीद करते हैं देश के 130 करोड़ आबादी वाले में बहुत से राज्यों में बहुत से अपराध होते हैं मीडिया वहां नहीं पहुंच पाती और ना ही मीडिया जाने का प्रयास करती है। यह कोई बलात्कार दुष्कर्म का किस्सा कोई नया नहीं है दिल्ली में कितनी घटनाएं दुर्घटनाएं हुई निर्भया कांड किया 7 साल 3 महीने के चला उसके बाद दोषियों को फांसी दी गई मेरा कहना है घटना को राजनीतिक रूप नहीं देना चाहिए किसी जाति धर्म से जोड़कर दुष्कर्म को नहीं जोड़ना चाहिए राहुल गांधी कांग्रेश के मुखिया हाथरस में उनको दिखाई देता है, वहां जाते हैं उन्हें रोक लिया जाता है जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं राजस्थान जैसे राज्य में पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र और बहुत से छोटे मोटे राज्य घटनाएं दुर्घटनाएं आम बातें होती रहती हैं वहां पर राहुल गांधी को समय नहीं जाने का है। क्या राहुल गांधी वहां नहीं जा सकते थे यह राजनीति अपनी उजड़ी हुई फिजा को बनाने के लिए गलत तरीके से मीडिया के सहयोग से तिल का ताड़ बनाते हैं जबकि हकीकत यह है योगी जी की सरकार ने जितने गुंडे मवाली ओं को इन साडे 3 साल में उन्हें उनकी जगह पहुंचाया है वह काम किसी भी सरकार ने नहीं किया। मैं भी एक पत्रकार हूं सच कहना मेरा फर्ज है और सत्य को सामने रखना भी मेरा फर्ज है ।आज बसपा प्रमुख मायावती ने कहा योगी जी सरकार चलाने में सक्षम नहीं है सुश्री मायावती की सरकार के समय क्या कोई घटना दुर्घटना अत्याचार बलात्कार नहीं हुए क्या सपा की सरकार में अत्याचार बलात्कार नहीं हुए। आज योगी जी सरकार ने गुंडे मवाली ओं को जीना दूभर कर दिया है इतना बड़ा प्रदेश है हर व्यक्ति को सुरक्षा देना संभव नहीं है लेकिन कोई घटना दुर्घटना बलात्कार या कोई ऐसी चीज सामने आती है उसे जाति धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए शेख समाचार के तौर पर उस शक्ति के तौर पर न्याय की बात करना चाहिए यह नहीं कहना चाहिए दलित की बिटिया के साथ अत्याचार हुआ क्या दलित की बिटिया बिटिया है और जो सामान्य जाति के हैं उनके बच्चे उनकी बिटिया को गलत हुआ दुष्कर्म हुआ या पुलिस क्या मीडिया के लोगों ने उस पर ध्यान दिया नहीं यह जाति धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का काम मीडिया ना करें मीडिया कोई भी अपराधी को अपराध की सजा दिलाने का काम करें। आज उत्तर प्रदेश में एफ आई आर इस संख्या पूर्व सरकारों की अपेक्षा बहुत ज्यादा है यह तो टीवी चैनल में लोग बैठकर बताते हैं कि सबसे ज्यादा भारत में अपराध उत्तर प्रदेश में एफआइआर है इस f.i.r. पर आपने कभी ध्यान दिया और सरकारों ने सपा बसपा ने गुंडे मवाली ओं को पाला खनन माफिया हर जगह माफियाओं का गुंडे मवाली यों को खुलेआम छूट थी उन पर f.i.r. नहीं की गई थी योगी जी ने आकर उन सब को हवालात में पहुंचाया और जो ज्यादा खतरनाक थे तो उनको जहां से आए थे उसी जगह पहुंचा दिया इसलिए अपराधों की एफ आई आर की संख्या बढ़ी है अपराधियों पर अंकुश लगाएं रही बात दुष्कर्म और कुकर्म की जिन लोगों ने किया है उनकी मैं कठोर से कठोर जो सजा प्राप्त होनी चाहिए प्राप्त हो लेकिन इसे राजनीति और जातिगत मुद्दा ना बनाकर विपक्षी पार्टियों के साथ  नहीं दिया उन्हें वल प्रदान कर रही है। क्योंकि अगर मीडिया दलित दलित करेगी तो फिर मीडिया ही इसका जाति को जातिगत राजनीति पर आने में अहम योगदान दे रही है‌। घटना दुर्घटना किसी जात की हो दोषी हो उसे सजा मिलनी चाहिए उसे जात का रूप देकर जातिगत राजनीति विपक्षी पार्टियों को मौका अवसर टीका टिप्पणी करने का मिल जाता है । अपनी बिगड़ी हुई जमीन को जनता उनसे जो छीन गई है वोट बैंक पीछे खिसक गए हैं सत्ता से छिन गई है वह सब अपने फायदे के लिए गांव जाते हैं। दलित कहकर उसका नाम लेकर और देखने जाते हैं हिंदुस्तान में कितनी घटनाएं होती हैं क्या राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश की ही घटना दिखाई देती हैं। कभी देखो जाकर पश्चिम बंगाल में जाओ छत्तीसगढ़ में जाओ राजस्थान में देखो जाके महाराष्ट्र में देखो और बहुत से राज्य हैं जहां पर दुष्कर्म की लाइनें लगी हुई है परंतु हा न्याय दिलाने के लिए आप नहीं पहुंच पाते हैं और यहां दलित जाति गति राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं यह चीज राजनीतिक तौर पर गलत है ।मैं हाथरस बलरामपुर के दुष्कर्म पर निंदा करता हूं‌। और सरकार से मांग करता हूं दोषियों को दोष सिद्ध होने परंतु उन्हें कड़ी से कड़ी सजा फांसी दी जाए क्योंकि यह सिलसिला रुकना चाहिए शक्ति से, पर यह सब होना संभव नहीं है। क्योंकि आज का वातावरण बहुत ही गंदा हो चुका है जब तक हर वक्त हर इंसान जागरूक नहीं होगा तब तक ऐसी दिक्कतें आती रहेगी। भारत के इतिहास में उत्तर प्रदेश के राज्य बनने के समय से आज तक गुंडा मवाली अगर सबसे ज्यादा जेल गए हैं वह मारे गए हैं वह योगी जी की सरकार में योगी जी ने किसी गुंडे को किसी अपराधी को जो इनामी बदमाश थे उन्हें जेल में पहुंचाया या ऊपर पहुंचाया यह काम योगी जी ने किया है। कोई भी घटना दुर्घटना को जातिगत रूप ना देते हुए उसे एक मानवीय रूप देना चाहिए और सब लोग मिलकर उसे इंसाफ दिलाएं न्याय मिले और सरकार उस पर सच्चाई से कार्य करें और दोषियों को दंडित करें ना जी राजनीति जातिगत के आधार पर किसी व्यक्ति की तुलना बलात्कार या हत्या नहीं करनी चाहिए यह मानवता के खिलाफ है। पायल घोष मुंबई की फिल्मी एक्टर ने फिल्म निर्माता निर्देशक कश्यप पर जो आरोप लगाए हैं 5 साल से उनका शोषण हो रहा है आज उन्होंने मुंबई में दुष्कर्म का मामला उठाया और निर्माता-निर्देशक कश्यप को जेल पहुंचाने यह रास्ते भेजने की तैयारी होने लगी, इसी का कोई भी सोशल 5 साल तक करता रहा तब आप ने पुलिस में इसकी कार्रवाई क्यों नहीं की पायल घोष 5 साल तक का सफर उत्पीड़न का शिकार रहे और उन्होंने पुलिस तक शिकायत नहीं की इस तरह के जो भी केस होते हैं वह केस सच्चाई में देखे जाए तो यह शुरुआत में तो इन लोगों के संबंध अच्छे होते हैं बाद में संबंध बिगड़ जाते हैं उसे बाद में और शोषण का रूप देकर गलत उपयोग करते हैं मैं इसलिए रख रहा हूं वह भी व्यक्त 5 साल तक लगातार किसी का शोषण नहीं कर सकता बिना उसकी मर्जी के अगर या भी है तो पुलिस जैसे आज आप ने पुलिस को बताया 5 साल पहले भी आपको पुलिस कार्रवाई करनी चाहिए थी कि कश्यप द्वारा हमारे साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है जो ठीक नहीं है जीवन के 5 साल बहुत होते हैं 5 साल शोषण करने का मतलब बहुत लंबा समय तक हमारी मेलजोल बनी रही और जब हमारे बीच खटास पैदा हुई तब वह शोषण  नजर आने लगा भारत का कानून भी एक तरफा चलता है इससे दोनों पहलू पर देख कर के इंसाफ के तराजू को बराबर रखकर उसको देखें फिर निर्णय ले क्या यह संभव है कोई किसी का 5 साल तक लगातार शोषण कर सकता है मेरे हिसाब से नहीं जब तक किसी की सहमत नहीं होगी किसी भी माई केलाल की हिम्मत नहीं है किसी को छू भी सके। वेदंतु एक बात फिर वही आती है हम लोग लकीर के फकीर हैं। सच्चाई से बहुत दूर है, अन्याय किसी जाति धर्म पर हो अन्याय न्याय होता है उसे सजा मिलनी चाहिए परंतु जातिगत नाम देकर देश को बांटने का काम नहीं होना चाहिए यह मेरी सोच है।

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