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Sunday, October 18, 2020

अभिभावक की सहमति के बाद ही बच्चे को बुलाये विद्यालय में

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । 19 अक्टूबर  से स्कूलों/ कालेजों के खोले जाने के संबंध में  विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार कक्षा 9 ,10 व 11, 12 के विद्यार्थियों के पठन पाठन हेतु 19 अक्टूबर से विद्यालय खोले जाने हैं ।इसके लिए विद्यालय दो पारियों में संचालित किए जाए । प्रथम पाली में कक्षा 9 ,10 एवं द्वितीय पाली में कक्षा 11 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाए । एक दिन में प्रत्येक कक्षा के अधिकतम 50 फीसदी  विद्यार्थियों को ही बुलाया जाय । शेष 50 फीसदी विद्यार्थियों को अगले दिन बुलाया जाए ,ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित हो सके। विद्यार्थियों को उनके माता-पिता /अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही पठन-पाठन हेतु बुलाया जाए । किसी विद्यार्थी को विद्यालय आने के लिए बाध्य ना किया जाए । उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बचाव के उपाय के बारे मे


विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए तथा कोविड-19  प्रोटोकॉल के अनुसार ही सभी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए । विद्यालय खोले जाने से पूर्व विद्यालयों को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए तथा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए । विद्यालय में सैनिटाइजर, हैंडवाश , थर्मल स्क्रीनिंग तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । यदि किसी विद्यार्थी ,शिक्षक या अन्य कार्मिकों को खांसी ,जुकाम, बुखार के लक्षण दिखे, तो उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने  हेतु समुचित कार्रवाई की जाए। विद्यालयों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखी जाए ।विद्यालय में प्रवेश के समय तथा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। इस हेतु शिक्षकों/ कार्मिकों की ड्यूटी लगा दी जाए ,एक साथ सभी विद्यार्थियों को ना छोड़ा जाए। विद्यालय में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार है ,तो उनका प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि विद्यार्थी स्कूल बस से विद्यालय आता है, तो उसमें निर्धारित क्षमता एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए । विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को 6 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था की जाए तथा इसे प्रोत्साहित किया जाए । जिनके पास आनलाइन पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं है ,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाए। यदि विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन करना चाहता है तो उसे यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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