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Thursday, October 15, 2020

रामनगर के ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी हुई तेज

ब्लाक प्रमुख के भावी उम्मीदवार की जगह-जगह होर्डिग लगने से सियासतदारों में मची खलबली

चित्रकूट, देवदत्त यादव / दीपू पटेल । शासन द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण की कवायद शुरू होते ही विकास खण्ड रामनगर के ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर सियासत फिलहाल शुरू हो गई है लेकिन इस आगामी चुनाव की सबसे बड़ी सरगर्मी फिलहाल ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव को लेकर देखी जा रही है जहां जीत की गारंटी माने जाने वाले क्षेत्र से बीडीसी सदस्य बनने की जुगत लगाई जा रही है हर उस सम्भावना को तलाशने की कवायद शुरू है हर उस पहलू का विश्लेषण किया जा रहा है जो राजनीति में जीत हासिल करने का समीकरण मानी जाती हैं सियासी नजरिए से चुनावी जंग का आगाज फिलहाल छिड़ गया है जिसका अंजाम चुनाव परिणाम के बाद नजर आएगा

कौन बनेगा ब्लाक प्रमुख

पिछले चुनाव से सुर्खियों में आए रामनगर ब्लाक प्रमुख पद के आगामी चुनाव को लेकर जहां अटकलों का बाजार गर्म हो चला है वहीं दूसरी ओर छीबों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का केंद्र विंदु बने रामनगर के ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव में छीबों के साथ साथ पूरे ब्लाक के गांवों की दिलचस्पी रहती है इस आगामी चुनाव के लिए अभी से एक दावेदार की जगह जगह लगी हुई होर्डिंग ने सियासतदानों की नींद उड़ा दी है नजर आ रही होर्डिंग से क्षेत्र में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है हालांकि अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है लेकिन चुनाव आयोग की घोषणा के बाद इस पद पर सशक्त बीडीसी ब्लाक प्रमुख पद के लिए प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर सामने आ सकता है।

फिलहाल इस दौरान अपनी दावेदारी पेश कर आगामी चुनाव के लिए अपनी जीत हासिल करने के लिए हर उस सम्भावना को तलाशने की कवायद तेज कर दी है। कुल मिलाकर इस बदलते सियासी घटनाक्रम में एक बार फिर से पिछले चुनाव की यादें ताजा कर दी हैं लोगों को आशंका है कि कहीं पिछले चुनाव की तरह तो कहानी नहीं दुहराई जाएगी। चुनाव की सरगर्मियां फिलहाल तेज हो गई हैं जो होर्डिंग के रूप में जगह जगह पर साफ नजर आ रही हैं देखना होगा कि सियासत का सूरमा कौन बन कर उभरता है।

पिछले चुनाव से चर्चा में आयी रामनगर की ब्लाक प्रमुख सीट

पिछले ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव से जिले में चर्चा का विषय बनकर सियासत का चर्चित ब्लाक बनकर रामनगर उभरा है जहां ब्लाक प्रमुख बनाने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्यों तक की असल कीमत पिछले चुनाव में देखी गई थी। जिले के अन्य ब्लाक में ब्लाक प्रमुख के चुनाव में जहां बीडीसी सदस्य की कीमत सिर्फ चाय पान तक आँकी गई वहीं रामनगर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव में सियासी घटनाक्रम के बदलने से उम्मीदवारों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा ने दावेदारों को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा किया कि सियासत के सूरमा बने कूटनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले अपने ही दावपेंच में उलझकर रह गए दावेदार बने सियासत के सूरमा अपनी साख बचाने के लिए रामनगर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी जानकार बताते हैं कि इस चुनाव में जहां करोड़ों रुपए के वारे न्यारे हुए वहीं। स्थिति ये रही कि 5 लाख रुपए में भी बीडीसी सदस्य रामनगर में खोजने में भी नहीं मिल सके जब प्रतिष्ठा दांव पर हो तो सियासी सफर में ऐसा भी करना पड़ता है।

क्यों चर्चा में है रामनगर का ब्लाक प्रमुख पद

रामनगर ब्लाक प्रमुख पद का कुछ ऐसा इतिहास रहा है कि इस पद पर ब्लाक प्रमुख रामनगर के रूप में ज्यादातर छीबों के ही लोग काबिज रहे रामनगर में ब्लाक बनने से पहले ही चुनाव में छीबों के प्रथम ब्लाक प्रमुख के रूप में प0उमादत्त द्विवेदी चुने गए इनके ब्लाक प्रमुख बनने से लेकर वर्तमान ब्लाक प्रमुख बालमुकुंद पाण्डेय तक का सुनहरा सफर गाँव के सियासी सूरमाओं के सियासत का गौरवशाली इतिहास संजोए हुए है रामनगर के ब्लाक प्रमुख का पद छीबों के सियासी महत्वाकांक्षा का प्रतिबिंब है जो प्रतीक के तौर पर माना जाता है।


गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि पूर्व ब्लाक प्रमुख स्व0पण्डित उमादत्त द्विवेदी कहते थे कि “जब तक छीबों में सियासत है तब तक रामनगर ब्लाक प्रमुख के पद पर छीबों का ही सूरमा प्रतिष्ठित रहेगा। इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए इस चुनाव में ब्लाक प्रमुख पद के लिए छीबों के प्रेम नारायण पाण्डेय “राजा” पुत्र ब्यास नारायण पाण्डेय “पप्पू” लेखपाल ने अपनी दमदार दावेदारी पेश करते हुए अपनी होर्डिंग जगह जगह पर लगाने की कवायद शुरू की है चर्चा है कि क्षेत्र के तमाम लोगों का समर्थन भी इन्हें प्राप्त है उन्हीं के कारण ब्लाक प्रमुख के चुनाव में अपनी सशक्त दावेदारी पेश की है। हालांकि अभी सीट का आधिकारिक निर्धारण नहीं हुआ है लेकिन इस चुनाव में सामान्य सीट के रहने पर इस पद पर घमासान मचने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि इस बार रामनगर ब्लाक प्रमुख बनने के लिए चुनाव में बीडीसी सदस्यों की कीमत भी ज्यादा हो सकती है लेकिन इसका तापमान पिछले चुनाव की तरह चढ़ते हुए कहीं नहीं नजर आएगा। वहीँ कुछ राजनीतिक जानकार मानते हैं कि पिछले चुनाव में जिस प्रकार बीडीसी कीमतें बढ़ी हुई थी तो इस चुनाव में भी उनके हनक में कमी होने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि रामनगर का ब्लाक प्रमुख पद छीबों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है और यही वजह है कि सियासत में अपनी मजबूत पकड़ दिखाने के लिए रामनगर के ब्लाक प्रमुख पद पर छीबों का ही प्रभुत्व रहता है आरक्षित श्रेणी में सीट के आने पर भी छीबों के समर्थन करने पर ही बाहरी लोगों का प्रवेश होता है कुल मिलाकर ब्लाक प्रमुख रामनगर में छीबों का दबदबा कायम है। छीबों के समर्थन करने से एक दो बार बाहरी व्यक्ति भी इस ब्लाक प्रमुख पद पर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है जो छीबों के सियासी सूरमाओं की कूटनीतिक दूरदर्शिता को दर्शाती है, देखना होगा कि छीबों की सियासत का यह तिलिस्म रामनगर के ब्लाक प्रमुख के रूप में छीबों में कब तक काबिज रहता है।

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