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Saturday, October 24, 2020

साईबर थाने में पंजीकृत अभियोगों शीघ्र निस्तारित हो - के. सत्यनारायाणा

 बाँदा, के एस दुबे - पुलिस महानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा के. सत्यनारायाणा द्वारा पुलिस लाइन्स जनपद बांदा में रेन्ज स्तर पर गठित फारेन्सिक टीम, साईबर क्राइम पुलिस थाना, डाॅग स्क्वाड टीम के प्रभारियों/कर्मचारियों के साथ दिनांक-22.10.2020 को समीक्षा गोष्ठी की गयी।

गोष्ठी में बताया गया कि प्रायः देखने को मिलता है कि न्यायालय मे विचारण के दौरान अभियोगों में वैज्ञानिक साक्ष्यों के न होने के कारण गवाहों के मुकर जाने से अभियोग में सजा नही हो पाती है। अतः वैज्ञानिक साक्ष्यों की प्रतिपूर्ति हेतु परिक्षेत्र के जनपदों में गम्भीर अपराध की घटनाओं जैसे- हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, बलात्कार, मादक पदार्थो की बरामदगी व शस्त्र बरामदगी के अनावरण हेतु वैज्ञानिक/तथ्यपरक साक्ष्य संकलित करने के उद्देश्य से परिक्षेत्र स्तर पर गठित फारेन्सिक/फील्ड यूनिट टीम के अधिकारी/कर्मचारीगण को घटनास्थल पर तत्काल पहुचकर घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एक़ित्रत करने के सम्बन्ध मे समीक्षा गोष्ठी करते हुए गठित टीमों को निर्देश दिए गये।


पुलिस  महानिरीक्षक द्वारा टीम के प्रभारियों को निर्देशित करते हुए टीम के प्रत्येक सदस्य को कार्य विभाजन करते हुए,  यह भी निर्देशित किया गया कि जो व्यक्ति जिस कार्य में दक्ष हो (कार्य की पूर्ण की जानकारी रखता हो) उसको वही कार्य करने हेतु दिया जाएगा/कराया जाएगा। फुट  प्रिंट एवं फिगंर प्रिंट के कार्य एक व्यक्ति को दिया जाए। आई जी  द्वारा बताया गया कि टीमों के प्रभारियों/कर्मचारी गणों को अपने कार्य की पूर्ण जानकारी आवश्यक है, और जानकारी हेतु उन्हे समय समय पर प्रशिक्षित करके बैलिस्टिक का कार्य सर्विलांस टीम देखेगे, फील्ड यूनिट का कार्य प्रोफेशनल तरीके से करें। फारेन्सिक टीम का कार्य अति महत्वपूर्ण है। अतः टीम लगातार अध्ययन कर अपने ज्ञान को बढातें रहे जिससे कार्य करने में आपको सुविधा रहे। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि परिक्षेत्र के जनपदो में जब भी अपराध से सम्बन्धित शस्त्र बरामदगी होगी उसपर फारेन्सिक टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट बनायी जाएगी। जनपदों में घटित घटनाओं पर टीमें घटनास्थल पर पहुचकर घटनास्थल पर टेप लगाकर/बोर्ड लगाकर घटनास्थल को संरक्षित करेगीं, इसके पश्चात ही सैम्पल इकठ्ठा करेगीं साथ ही प्रत्येक घटनास्थल का एक फार्मेट तैयार किया जाएगा, यदि घटना में शस्त्र का प्रयोग हुआ है तोे बुलेट का इन्ट्री पोइन्ट व एक्जिट पोइन्ट जरुर देखें। घटना से सम्बन्धित एक प्रोफार्मा तैयार कर सभी यूनिट्स को दे दिया जाएगा, सभी घटनाओं में घटनास्थल की जनपदवार कलेक्शन की फाईल की इन्ट्री कम्प्यूटर पर की जाएगी। घटनास्थल की रिपोर्ट जरिये ई-मेल सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक व थाने को भेजी जाएगी। फारेन्सिक टीम को समय समय पर प्रशिक्षित करने हेतु बाहर से एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। एफ.एस.एल टीम साईबर थाने से लगातार सम्पर्क मे रहेगी और यदि साईबर से सम्बन्धित कोई बात की जानकारी होती है तो मिलकर कार्य करेगें। 

समीक्षा में साइबर अपराध आम जनमसानस के साथ कैसे घटित होता है व इसका अनावरण किस प्रकार किया जाता है इस संबंध में विस्तृत जानकारी व निर्देष दिये गये जो निम्नवत् है।

साइबर अपराध के तरीकेः- 1.जब किसी व्यक्ति का पैसा किसी पेमेन्ट गेट-वे में फंस जाता है या उससे कट जाता है तो व्यक्ति सबसे पहले गूगल पर जाकर उस गेट-वे के कस्टमर केयर का नम्बर ढूंढता है जहां पर साइबर अपराधियों ने अपने नम्बर गूगल सर्च इंजन पर फोन-पे, गूगल-पे, पेटीएम आदि के कस्टमर केयर अधिकारियों के नाम से डाल रखे होते हैं जैसे ही कोई व्यक्ति गूगल से प्राप्त इन नम्बरों से सम्पर्क करता है, तो उन अपराधियों द्वारा उस व्यक्ति को मैसेज के द्वारा एक स्की्रन शेयरिंग ऐप का  लिंक दिया जाता है (टीम व्यिुअर/क्विक सपोट/एनी डैस्क) जिससे उस व्यक्ति के फोन/कम्प्यूटर का पूरा स्क्रीन इन अपराधियों के कम्प्यूटर पर दिखने लगता है। जिसके पश्चात ये एक संबंधित गेट-वे का फोरम भरवा कर एकाउन्ट नम्बर, यूपीआई आईडी, व ओटीपी जान ले ते हैं, व आन लाइन आपके खाते से पैसा काट लेते है। 

2. फेसबुक द्वारा होने वाली धोखधडी आजकल सबसे आम है, इस अपराध में अपराधि फेसबुक मार्केट प्लेस पर किसी कार/बाइक का विज्ञापन देते है जो कि जिस वाहन की कीमत उस वाहन की वास्तविक कीमत से बहुत कम शो किया जाता है जिसके लालच में आकर ग्राहक विज्ञापन में दिये नम्बर पर संपर्क करता है जिसमें साइबर ठग अपने आपको आर्मी वाला बनकर व अपनी व्यवहारिक समस्या बताकर सौदा करता है ग्राहक को भरोसे में लेने के लिए वो अपना आधार कार्ड/कैन्टीन कार्ड व अन्य उपयोगी दस्तावेज ॅभ्।ज्ै।च्च्  के माध्यम से भेजता है। व दूरी का हवाला देते हुए आनलाइन पैसा भेजने के लिए कहता है। 

अपराधी द्वारा कहा जाता है कि आपको गाडी आर्मी के ट्रान्सपोर्ट से भेजा जायेगा जिसे लिए आपको पैसा देना होगा यदि आपको गाडी पसन्द नहीं आती है तो आप गाडी वापस भेज दे आपका पैसा वापस हो जायेगा। इस प्रकार लालच में आकर व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाता है। ऐसे अपराधों के अनावरण हेतु महोदय द्वारा आवश्यक तरीके व निर्देश दिये गये।

समीक्षा में साईबर थाने में पंजीकृत अभियोगों के शीघ्र निस्तारित करने हेतु निर्देश दिए गए तथा लंबित विवेचनाओं पर शीघ्रता से कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे न्यायालय में अभियोगों के विचारण के दौरान अधिक से अधिक सजा दिलवायी जा सके।

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