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Saturday, October 24, 2020

सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका मटिहा गाँव

माता रानी के दर्शन को सुदूर गांवों से आते लोग 

अमौली-फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद के मटिहा गांव में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी नवदुर्गा देवी की प्रतिमा की स्थापना की गयी। कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग को विशेष ध्यान में रखते हुए सारी व्यवस्थाएं बनाई गई। चैरसिया मित्र मंडल की टीम में गाँव और क्षेत्र के लगभग सभी लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लगभग 13 वर्षों से जुड़े हैं। इसकी वजह से सभी के दिल में आज मंडल का एक विशेष स्थान बन चुका है। सभी ग्रामवासियों को प्रत्येक वर्ष चैरसिया मित्र मंडल द्वारा आयोजित होने वाले नवरात्रि महापर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है।

पण्डाल में खड़े श्रद्धालु।

सभी युवाओं का एकसाथ एकजुट होकर रहना, सम्मिलित रूप से कार्यों का संचालन करना लोगों में अलग ही ऊर्जा का संचार करता है। शनिवार को अष्टमी एवं नवमी के दिन माँ भगवती का विशाल भंडारा एवं मूर्ति विसर्जन के साथ ही साथ प्रतिदिन रात्रि आरती के बाद बंटने वाला प्रसाद व भक्ति गीतों पर घंटों होने वाला श्रृद्धालुओं का नृत्य शुरुआत से ही इसके आकर्षण का केंद्र रहा है। इस वर्ष कोरोना के चलते थोड़ा फीका जरूर रहा, किन्तु शानदार रहा। सुबह 5 बजे से ही बिना कुछ कहे मंडल का प्रत्येक सदस्य उनको दिए गए कार्यों में लग जाते हैं और यही सिलसिला रात्रि 12 बजेतक बरकरार रहता है। समिति संरक्षक उदयनारायण एवं सूरजपाल, संस्थापक अभिमन्यु चैरसिया, केशनपाल, लक्ष्मीनारायण, राधेश्याम, सोमनाथ, धर्मेंद्र आदि एवं प्रमुख कार्यकर्ता के तौर पर ड़ॉ. शैलेन्द्र, इंजी. दिलीप, योगी, शिवकुमार, राजेश, आकाश, ड़ॉ.विकास, दिलीप, हरीश, नितेश, प्रेमचन्द, सुमित, कुलदीप, शुभम, पूजा, पारुल, काजल, प्रतीक्षा, सेजल, सोनी आदि लोग 9 दिनों तक माता की सेवा में पूरी तरह से समर्पित रहते हैं। इन नौ दिनों में किसी न किसी रूप में सभी जाति व धर्म के लोगों का सहयोग व साथ रहता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दूर-दूर से चलकर श्रृद्धालुगण माँ दुर्गा जी के दर्शन हेतु आते हैं एवं माता रानी का प्रसाद ग्रहण कर जीवन को सुखी, समृद्ध एवं सफल बनाने हेतु दुआएँ करते हैं।


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