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Thursday, October 8, 2020

कोरोना: जागरूकता एवं जानकारी ही बचाव का सर्वोत्तम तरीका

कोविड-19 जागरूकता कार्यक्रम के सफलता पूर्वक करने के लिए कुलपति ने दिए निर्देश 

बांदा, के एस दुबे । वर्तमान वैश्विक कोरोना महामारी के दृष्टिगत जागरूकता एवं जानकारी ही बचाव का सर्वोत्तम तरीका है। शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र हो, इसकी भयावहता बराबर है। जनमानस मे इस बीमारी के प्रति जागरूकता ही बचाव का प्रमुख साधन हो सकता है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, डा. यूएस गौतम ने विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के नेतृत्व में चलाये जा रहे कोविड-19 जागरूकता कार्यक्रम के सफलता पूर्वक कार्य करने पर पदाधिकारियो से कहीं। 

पदाधिकारियों को संबोधित करते अधिकारीगण

कृषि विश्वविद्यालय बांदा के डा. वीके सिंह, सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण के देखरेख मे राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाईयों द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के लिए किये जाने वाले कार्य के बारे मे विस्तार से बताया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डा. एके चैबे ने ग्रामीण महिलाओ एवं बच्चे को विशेष तौर पर स्वस्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिये अनुरोध किया। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न इकाईयो द्वारा अंगीकृत ग्रामों कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई-3 टीम द्वारा ग्राम लोधौरा मे जागरूकता के साथ-साथ मास्क का वितरण किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी, इकाई-3 व सहायक प्राध्यापक डा. चंद्रकांत तिवारी राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत गोद लिए गांव, लधौरा में कोविड-19 जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में महिलाओं और बच्चों सहित ग्रामीणों को मास्क वितरित किया गया। कोविड-19 महामारी के समय में उचित स्वच्छता बनाने के लिए साबुन से हाथ धोने की उपयोगिता को भी बताया गया। डा. तिवारी ने ग्रामीणो से कहा कि विश्वविद्यालय गोद लिये गये इस ग्राम मे समय समय पर विभिन्न कार्य करता रहेगा। ग्राम प्रधान, हरि किशन राजपूत ने लोगों से आगे आने और गांव को स्वच्छ और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। ग्रामीणों को कोविड-19 से बचाव के विभिन्न उपायों के बारे में बताया गया है और सामूहिक रूप से अपने क्षेत्र में काम करते हुए सतर्क रहने का सुझाव दिया गया। वानिकी महाविद्यालय, बीयूएटी, बांदा के डा. दिनेश गुप्ता और डा. अवनीश शर्मा, सहायक प्रोफेसर ने सक्रिय रूप से भाग लिया और इस आयोजन को सफल बनाया। 


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