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Tuesday, October 20, 2020

महाविद्यालय प्रवक्ता के इकलौते पुत्र की अपहरण के बाद हत्या

घर से 100 मीटर दूरी पर पुआल के नीचे दबी मिली लाश 

परिजनों ने शव उठाने से पुलिस को रोका, मची अफरा-तफरी 

एसपी मौके पर पहुंचे, हत्या के खुलासे के आश्वासन पर माने परिजन 

बांदा, के एस दुबे । बिसंडा थाना क्षेत्र के चैसड़ गांव में रहने वाले भागीरथी महाविद्यालय के प्रवक्ता के इकलौते पुत्र की अपहरण करने के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। शव घर से 100 मीटर की दूर पर पुआल तले दबा मिला। शव देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। इलाके के सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव उठाने का प्रयास किया तो परिजनों और ग्रामीणों ने मामले के खुलासे तक शव उठाने से मना कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा के आश्वासन पर परिजन माने। 

मासूम प्रिंस (फाइल फोटो)

चैसड़ गांव निवासी गांव निवासी राजेश कुशवाहा भागीरथी महाविद्यालय में जाग्रफी के प्रवक्ता हैं। उनका बेटा सोमवार को सुबह 10 बजे लापता हो गया था। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। परिजनों ने ओरन चैकी से लेकर बिसंडा थाने तक गुहार लगाई। लेकिन बालक का पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह घर से 100 मीटर दूर तालाब के पास पुआल के समीप प्रिंस की चप्पलें पड़ी मिलीं। शक होने पर परिजनों ने पुआल हटाकर देखा तो प्रिंस की लाश पड़ी हुई थी। यह देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जंगल में लगी आग की तरह पूरे गांव में खबर फैली तो लोगों का हुजूम मौके पर पहुंच गया। घटना को लेकर लोगों में गुस्सा नजर आ रहा था। खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मामले का खुलासा नहीं किया जाएगा, तब तक शव नहीं उठाने दिया जाएगा। मृतक प्रिंस आदर्श कृषक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। खबर पाकर एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चैहान, सीओ बबेरू आंनद कुमार पांुडेय, फारेंसिक टीम, डाग एस्क्वायड भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को जल्द मामले के खुलासे का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर परिजन और ग्रामीण मानें। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। 

मासूम प्रिंस के शव पर रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण महिलाएं

पिता के पास सोमवार रात आया था धमकी भरा फोन 

बांदा। प्रिंस के पिता राजेश कुशवाहा ने बताया की सोमवार रात 8 बजकर 55 मिनट पर मोबाइल नंबर 7317573286 से मेरे फोन पर काल आई थी। उसमें कहा गया था कि आपको अपना बेटा चाहिए कि नहीं। पुलिस को मत बताना। बाकी जानकारी आपको सुबह दी जाएगी। इसके बाद पुनः एक घंटे बाद फिर फोन आया। कहा कि तुमको मना किया गया था कि पुलिस को सूचना मत देना, मगर तुमने पुलिस को सूचना दे ही दी।

बहुत बेदर्द थे हत्यारे, निर्मम तरीके से हुई हत्या  

बांदा। आठ वर्ष के मासूम प्रिंस की हत्या बहुत ही निर्मम तरीके से की गई। हत्यारे बहुत ही बेदर्द थे। मासूम प्रिंस की आंखों और मुंह में फेवीक्विक डाला गया। इसके बाद गले में रस्सी फंसाकर उसका गला घोंट दिया गया। गले में रगड़ के निशान भी मौजूद थे। प्रिंस की हत्या करने के पूर्व उसके साथ बेहरमी पूर्वक मारपीट भी की गई। पूरे बदन और तलवों में जख्म के निशान थे। 

विधायकगण व राजनीतिक दलों के लोग पहुंचे 

बांदा। घटनास्थल पर बबेरू विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य राजेश शिवहरे के साथ समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष विजयकरण यादव, अशोक श्रीवास, भरतलाल दिवाकर, शिवम शिवहरे मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन से घटना का जल्द खुलासा कर अपहरणकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही। 

चैसड़ गांव में परिजनों के बीच मौजूद समाजवादी पार्टी पदाधिकारीगण

हमारी किसी से रंजिश नहीं: राजेश 

बांदा। मृतक प्रिंस के पिता राजेश कुशवाहा रामऔतार भागीरथी महाविद्यालय चैसड़ में जाग्रफी के प्रवक्ता हैं। पांच बीघा खेती है। इनकी दो बीघे खेत बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में गई है। उन्होंने बताया कि हमारे गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं है। सुबह 10 बजे तक घर में खेल रहा था। अचानक कहीं गायब हुआ। हम लोगों ने प्रिंस को इधर-उधर काफी खोजा लेकिन प्रिंस नहीं मिला। थाना बिसंडा तथा चैकी ओरन मे शाम लगभग 3 बजे सूचना दी। बिसंडा थाना प्रभारी नरेंद्र प्रताप तथा चैकी इंचार्ज पीआर गौरव मय फोर्स के साथ खोजबीन के साथ रात को गांव की नाकेबंदी की, मगर सफलता नहीं मिल पाई। 

काश, चेत जाती पुलिस 

बांदा। प्रिंस की निर्मम तरीके से हत्या किए जाने के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ। परिवार के लोग तो बहदवास हालत में हैं। अपने बेटे का बेजान जिस्म देखकर उसकी मां बार-बार बेहोश हो जाती रही। परिजन भी बेहाल हैं। गौरतलब हो कि छह माह पूर्व एक युवक की निर्मम हत्या करने के बाद शव तालाब में फेंक दिया गया था, लेकिन उस मामले पर पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई और न ही उस मामले का खुलासा हो सका। अगर उस मामले पर पुलिस चेत गई होती तो कातिल दूसरी घटना अंजाम देने का दुस्साहस नहीं कर पाते। 



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