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Sunday, October 25, 2020

दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन आज, तैयारियां पूरीं

प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से रहेगा सतर्क

जुलूस निकालने पर लगी रोक, फासले से निकलेंगे विमान 

बांदा, के एस दुबे  । सोमवार को जगत जननी मां जगदंबे की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ विजर्सन किए जाने की देवी भक्तों ने योजना बना रखी है। अलबत्ता एक दिन पूर्व ही दुर्गा कमेटी के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि विसर्जन को जुलूस की शक्ल में नहीं निकाला जाएगा। 100 मीटर के फासले पर दो-दो विमान चलेंगे। किसी भी प्रकार का शोरशराबा नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन बिल्कुल सतर्क नजर आ रहा है। 

केन नदी में विसर्जन घाट का निरीक्षण करते जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह व अन्य अधिकारीगण 

हमेशा की तरह महेश्वरी देवी चैराहे से होकर देवी भक्त विमान लेकर गुजरेंगे। इसके पूर्व उन्हें टोकन भी दिया जाएगा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर देवी भक्तों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। लेकिन प्रशासन और पुलिस की सख्ती के चलते देवी भक्तों की तमाम उम्मीदों पर पानी फिर जाने की संभावना है। चूंकि विसर्जन का काफिला जुलूस की शक्ल में नहीं निकलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने हर हाल में कोरोना गाइड लाइन का पालन कराए जाने की बात कही है। इधर, नवदुर्गा केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने भी पंडाल स्थापित करने वाले देवी भक्तों को सख्त हिदायत दी है कि प्रशासन की मंशा के अनुरूप ही कार्य किया जाए। अन्यथा की स्थिति में किसी भी परिस्थिति से पंडाल संचालन खुद ही निपटेंगे। इधर, शनिवार और रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने दुर्गा विसर्जन के लिए केन नदी घाट का जायजा लिया और मातहत अधिकारियों का आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर 

बांदा। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार का हो-हल्ला और किसी भी तरह का विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से चैकसी बरत रहा है। विसर्जन के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा। डायल 112 पुलिस और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी लगातार जुलूस की निगेहबानी करते रहेंगे। अबकी बार आयोजनों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन फिर भी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन में जा रहे देवी भक्तों के नाश्ते और पानी का इंतजाम किया जाएगा। 

रविवार को पूरा दिन खुले रहे देवी पंडालों के पट 

बांदा। शनिवार को महाअष्टमी पर देवी पंडाल संचालकों के द्वारा जगत जननी मा जगदंबे का भव्य श्रृंगार किया गया था। शाम को पूजा-अर्चन के बाद देवी पंडालों के पट खोल दिए गए। इसके बाद शनिवार की रात और रविवार को पूरा दिन देवी पंडालों के पट खुले रहे। दूरदराज गांवों और शहर के लोगों के द्वारा सुबह भ्रमण कर देवी पंडालों के दर्शन किए गए। जगत जननी मां जगदंबे की प्रतिमाओं का सोमवार को गाजे-बाजे के साथ विसर्जन किया जाएगा। 

बिछड़ने की घड़ी आते ही भावुक हो रहे देवी भक्त 

बांदा। जगत माता के दरबार में पूरे नौ दिनों तक पूजन-अर्चन कर मां के सानिध्य में रहने वाले देवी भक्त अब भावुक नजर आ रहे हैं। सोमवार को विसर्जन किया जाएगा, इसको लेकर देवी भक्तों की आंखें नम हो रही हैं। रविवार को हवन-पूजन के साथ देवी भक्तों ने हवन यज्ञ में आहुतियां दीं। विसर्जन की बेला को ध्यान में रखते हुए देवी भक्तों का मन भारी-भारी नजर आ रहा है। व्रत रखकर पूजन-अर्चन करने वाले देवी भक्तों ने जवारा विसर्जन कर व्रत का पारण किया। 

कन्या भोज और पूजन-अर्चन रविवार को भी चला 

बांदा। शारदीय नवरात्र में रविवार को भी कन्या भोज और पूजन-अर्चन का सिलसिला जारी रहा। जगत माता के दरबार में हाजिरी लगाने वालों की लंबी फेहरिस्त रही। रविवार को भी देवी भक्तों ने अपने घरों में कन्याओं को भोज कराया और मातारानी जगदंबे से अपनी मनोकामनाओं का पूरा करने की कामना की। मंदिरों में भी रविवार को प्रसाद का वितरण किया गया। अब सोमवार को जगत माता की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ विसर्जन किए जाने की तैयारी है। 


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