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Wednesday, October 7, 2020

बलरामपुर गैंगरेप हिंदू दलित पीड़ित छात्रा की मौत पर विपक्ष चुप क्यों ?

देवेश प्रताप सिंह राठौर

 ( वरिष्ठ पत्रकार )

हम आपको बलरामपुर लेकर चलते हैं बलरामपुर में जिस तरह दलित छात्रा की अल्पसंख्यकों के लोगों ने जो घिनौना कार्य किया है ,उसे आज तक एबीपी न्यूज़ और बहुत से इलेक्ट्रॉनिक चैनल वहां पर और बेटी के साथ न्याय के लिए क्यों आवाज उठाने बलरामपुर नहीं गए, मैं आपको सच बताता हूं यह लोग वहां पर इसलिए नहीं गए वहां पर हिंदू दलित की बेटी की जिस तरह गैंग रेप करके हत्या हुई उसमें जो आरोपी हैं वह मुसलमान जात के हैं अगर बलरामपुर में मीडिया और और सारा विपक्ष अन्य लोग वहां दल के जाते तो वहां पर हिंदू मुस्लिम बट जाता जिस कारण योगी जी की सरकार मजबूत होती इसलिए उन्होंने बलरामपुर को छोड़कर हाथरस पकड़ा जबकि हाथरस में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है ,जिसको विपक्ष बात का बतंगड़ बना रहा है।हकीकत पूरा देश जानता है कि हाथरस में इस तरह की घटना कोई नहीं हुई है और रही बात हिंदू धर्म के अनुसार रात में दाह संस्कार नहीं होता है , यह सत्य है,परंतु जहां पर संवेदनशील स्थित होती है परिस्थितियों को देखते हुए दंगा फसाद ना हो तो इसमें सुरक्षा की दृश्य यह निर्णय लेने का अधिकार वहां के जिला प्रशासन जिम्मेदार व्यक्ति के लोगों को है वह तथा स्थित को  निर्णय ले सकते हैं। क्योंकि देश को दंगे से जो पूर्व सरकार ने दंगे कराती है आई है सरकार बनाती आई अब उन्हें यह


मौका हाथरस के नाम से प्राप्त हुआ इसको विपक्ष भुनाना चाहता है वोट बैंक की राजनीति के तहत , हकीकत यही है वोट बैंक सेकने का कार्य कांग्रेश और अन्य क्षेत्रीय दल उत्तर प्रदेश के हाथरस के बहाने अपना वोट बैंक लाने का प्रयास कर रहे हैं। मेरा उन मीडिया वालों से कहना है जो इलेक्ट्रॉनिक चैनलों से कहना है कि बलरामपुर आप लोग क्यों नहीं गए बलरामपुर में इतनी गंभीर स्थिति जो घटना घटित हुई है जिसमें जिस रेप में शाहिद, हबीब और साहिल दरिंदों को क्यों नहीं निर्भया की तरह इन्हें मौत की सजा क्यों नहीं दी जाए इस तरह क्यों नहीं मांग की जा रही है।आज मैं देख रहा हूं कि बलरामपुर की घटना मीडिया वालों ने बिल्कुल कान में तेल डाल रखा है क्योंकि वहां पर मुस्लिम व्यक्ति ने एक दलित हिंदू बेटी के साथ बलात्कार किया वहां पर है हिंदू मुस्लिम बट ना जाए और योगी जी की सरकार फिर मजबूत हो ना जाए यह एक सोची-समझी हाथरस की उन लोगों की सोच है जिन्होंने हाथरस को इतना तूल पकड़ा की अन्य जो मुख्य घटनाएं थी बलरामपुर जैसी घटनाओं को दबाने का कार्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने किया मैं उन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वालों से कहना चाहता हूं आप न्याय के किए सत्य के पथ पर चलकर कार्य करें क्योंकि मीडिया पूरे देश का आईना है, जब आईने में चेहरा गलत दिखाई देगा तो लोग प्रश्न उठाएंग बलरामपुर चाहिए और वहां पर जिस तरह से घटना घटित हुई है दलित हिंदू बेटी के साथ वहां पर न्याय दिलवाने की बात करें तो आप की राजनीत आपकी सोच आपकी सत्यता मीडिया समझेंगे देशवासी की सत्य का साथ देश के प्रति होना चाहिए ना की राजनीति में इतनी गंदी सोच के साथ जो पार्टियां कार्य करती हैं। उनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है कुछ समय के लिए राजनीति लगती तो जरूर है लेकिन अंत जैसे जनता दल का हुआ है जैसे जनता पार्टी का हुआ है उसी तरह पार्टियां समाप्त हो जाती है।बलरामपुर की घटना कोई छोटी घटना नहीं है वहां पर हिंदू बेटी छात्रा को मुसलमान कैथरीन दोने बलात्कार किया अल्पसंख्यकों की बात आ रही है इसलिए विपक्ष वाले बलरामपुर नहीं जा रहे हैं। क्योंकि कहीं हिंदू-मुस्लिम के बीच वोट बैंक योगी के पक्ष में ना चला जाए हकीकत यही है जो मैंने आपको संक्षेप में लिखकर आप तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा हूं। दुष्कर्म की पुष्टि के बाद छात्रा का जांच के लिए भेजा गया है। अनुसूचित जनजाति छात्रा की मां को डीएम ने छह लाख 18 हजार 750 रुपए का चेक अहेतुक सहायता के रूप में दिया है। घटना में अन्य लोगों के शामिल होने के आरोप की जांच पुलिस कर रही है। बुधवार देर रात परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में छात्रा की अंत्येष्ठि कर दी। मौके पर पुलिस बल तैनात है। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र निवासिनी 22 वर्षीय छात्रा घर से सुबह दस बजे घर से करीब दो किलोमीटर दूर बिमला विक्रम डिग्री कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष में दाखिला कराने गई थी। आरोप है कि गैसड़ी बाजार निवासी साहिद (23) पुत्र हबीब व साहिल (16) पुत्र हमीदुल्ला उसे अगवाकर अपने घर ले गए थे। वहां दोनों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। छात्रा की हालत बिगड़ी तो प्राइवेट डॉक्टर बुलाकर उसका घर पर इलाज कराया। देर शाम छात्रा को रिक्शे पर बैठा कर उसके घर भेज दिया।  और उस छात्रा की दलित हिंदू बेटी की रास्ते में ही मौत हो गई, जो दरिंदे ने यह क्या किया है उनको मौत के सिवाय उनकी इस से कम कोई सजा नहीं बनती है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सभी जात की राजनीति करने वाले विपक्षी  नेताओं से निवेदन है बलरामपुर जाएं और दलित बेटी को न्याय दिलाएं हाथरस के बहाने बलरामपुर का कृत्य छुपाने का कार्य ना करें ।साहिल ,हबीब और शाहिद को मृत्युदंड जिस तरह निर्भया केस में मिला उस तरह इनको भी मृत्युदंड की सजा से कम इनके कृत का सबसे बड़ा दंड है। लेकिन निर्भया जैसा केस लंबा चला इतना लंबा ना चल कर इनको शीघ्र कानून के दायरे में रखकर इनको मृत्युदंड की सजा दी जाए ,मुझे अफसोस होता है लोग राजनीति के कारण अपने सिद्धांतों को अपने विचारों को भूल कर क्षेत्रीय पार्टी जातिगत राजनीति उत्तर प्रदेश में चलाती आई हैं जो मुख्य वोट बैंक का था कांग्रेसका वह मायावती कि बसपा ने और सपा की मुलायम सिंह जी ने उनका वोट बैंक हथिया लिया है । अब उस विषात को कांग्रेसी फैला रही है। कि हमारा जनाधार उत्तर प्रदेश में किस तरह वापस लौटे हाथरस की घटना बलात्कार हुआ यह हाथरस की घटना में बिल्कुल नहीं है ।परंतु जहां पर सच्चाई बलरामपुर में जो साहिल हबीब शाहिद ने चौक नवनाथ याद किया है उसके संबंध में पूरा मीडिया जानता है परंतु बलरामपुर की घटनाओं को क्यों नहीं तूल पकड़ा क्यों नहीं मीडिया ने इसको पर उठाया वहां भी दलित बेटी थी हाथरस में भी दलित बेटी थी तो बलरामपुर की घटना और हाथरस की घटना में बहुत सी भिन्नता हैं हाथरस झूठ का पुलिंदा है और बलरामपुर सच्ची और सत्य घटना है जिस पर मीडिया वाले कान में रुई लगाए बैठे हैं। आप याद करो पुराना इतिहास पढ़ो जब जब मुगल शासक इस देश के रहे हैं उन्होंने कितने अत्याचार किए हैं ,आज सत्य की बात उठाने के लिए आपको जाति का सहारा लेना पड़ रहा है कांग्रेश जाति के आधार पर सपा जाति के आधार पर बसपा जाति के आधार पर और भाजपा सभी जाती  को लेकर चलने के लिए कार्य कर रही है ,जिस तरह में दिखाई दे रहा है साडे 6 साल में नरेंद्र मोदी जी की कार्यशैली और योगी जी की निष्पक्षता पूर्ण कार्य करने की शैली स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रही है। पर लेकिन कुछ लोग हिंदू को दलित नाम देकर वोट बैंक बांटने का काम कर रहे हैं हिंदू हिंदू है और दलित हो जाए ब्राह्मण हो जाए बाल्मीकि या ठाकुर हो  पंडित होबहुत सी जातियां हैं जो हिंदू में आती है कोई भी जात का है वह सर्वप्रथम देश का हिंदू है हिंदू होने के नाते मैं भी आप सभी से यही कह सकता हूं ।  सच्चाई देखिए हिंदू हिंदू है ना हो तलित है ना ठाकुर है  देश में हिंदू हिंदू बनकर कार्य करें जाति के आधार पर हिंदू वटेगे तो  वह दिन दूर नहीं जब एक और पाकिस्तान तैयार होगा।के देश को बांटने का काम ना करें ,क्यों सत्ता तो मिल सकती है जात के आधार पर लेकिन उस सत्ता का अंत बहुत जल्दी होता है क्योंकि जाति के आधार पर की टिकी हुई सत्ता कब अंत हो जाए। जब हमारी नीव कमजोर होगी बिल्डिंग धराशाई कब हो जाए भरोसा नहीं है। आज पूरा देश हाथरस की घटना से स्पष्ट तौर पर समझ गया है यह तूल विपक्ष द्वारा बढ़ाया गया है।  जहां पर सच्चाई है बलरामपुर में जहां पर बलात्कार हुआ है गैंगरेप हुआ वहां पर कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता नहीं गया हाथरस में कांग्रेश के मुखिया कांग्रेश के बारिश कांग्रेश के आका कांग्रेश के मालिक कांग्रेस के सब कुछ करता धरता हाथरस में जाकर अपना डंका बजाया और यह दिखाया कि मैं दलित की बिटिया के साथ जो हुआ मैं उसके साथ हैं। यह बात बलरामपुर में जाकर यह कांग्रेश के आका कांग्रेश के मालिक कांग्रेश के बारिश बलरामपुर क्यों नहीं गया क्योंकि उनके मन में डर था यह बलरामपुर जाएंगे तो हिंदू-मुस्लिम बात है। वहां हम जाएंगे विपक्षी दल तो हिंदू और मुस्लिम के आधार पर वोट बैंक बट जाएगा हमारी हार फिर होगी इसलिए जातिगत राजनीति फैलाव ओ हिंदू को अलग अलग करने की साजिश रची जा रही है।  हिंदू एक हो जाएंगे और योगी और मोदी मजबूत होंगे इसलिए बलरामपुर जाने की जरूरत नहीं है, हाथरस में ही टेंट लगाकर बैठो यहीं से नैया पार होगी लेकिन एक बात आप सोच लीजिए जनता है यह जनता सब जानती है पहले वाली जनता नहीं है हाथ पकड़ के अंगूठा लगा लिया और सब जमीन अपनी हो गई अब बहुत ही चतुर है जनता सब समझती है।हाथरस का हकीकत क्या है और बलरामपुर में का हकीकत क्या है भारत देश की जनता सब समझ गई है और नहीं समझी है तो धीरे-धीरे  समझ में आ जाएगा कौन हमें गलत तरीके से हमें सच्चाई के रास्ते से भटका रहा है।

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