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Monday, October 19, 2020

किसान महिलाओं को मिले बराबरी का हक तो बदल सकती है खेती किसानी की तस्वीर - डॉ फूल कुमारी

उन्नति कृषि यंत्रों से बढ़ेगी महिलाओं की कॉय क्षमता

महिलाएं है खेती किसानी की रीढ़

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा हमीरपुर में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे कलाम के जन्म दिन को महिला किसान दिवस के रूप में मनाया ।गृह्वैज्ञानिक डॉ फूल कुमारी नेकहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य कृषि में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाना है ,क्योंकि कृषि कार्यो में महिलाओं की सह भागिता के बिना देश मै खुशहाली नही आ सकती है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयने वर्ष 2016 में महिला किसान दिवस मनाने का निर्णय लिया ।ताकि महिला किसानों को जागरूक कर खेती को व्यावसायिक तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें सशक्त बनाया जा सके ।जिले के विभिन्न विकास खंडों से कृषि कार्य मे अग्रणी महिलाओं ने कृषि उत्पाद की प्रदर्शनी लगाई ।महिलाओं के बिना खेती असम्भव विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता,कृषि संबंधी प्रश्नोतरी,रंगोली का आयोजन किया गया। विजयी महिलाओं को पुरुष्कार देकर सम्मानित किया गया।वाद विवाद प्रतियोगिता में श्रीमती नीलम ग्राम उजनेड़ी ब्लाक सुमेरपुर ने प्रथम स्थान पाया ।कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं को उन्नतकिस्म के बीजों की गृह बाटिका किट-रबी मौसम की सब्जियों का बीज दिया गया।गृह वैज्ञानिक डॉ फूल कुमारिने बताया कि इससे किसान महिलाओं की कॉय क्षमता में विकास एवं थकान में कमी होगी क्योंकि ये बीज केन्द्रीय कृषि अभ्यंतीय अनुसन्धान संस्थान भोपाल द्वारा इरगोनोमिकली डिजाइन किया गया है ।केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवम अध्यक्ष ने कहा कि महिलाएं खेती की रीढ़ है ।जो बीज की बोआई से भंडारण व पशुपालन में अहम भूमिका निभाती है ।डॉ प्रशांत कुमार ,डॉ चंचल सिंह,डॉ शालिनी व 36 कृषक महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भागीदारी की। सुलोचना देवी मुस्करा ने प्रदर्शनी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया।खेती में विशेष योगदान करने वाली महिलाओं सुलोचना, कस्तूरी, नीलम,श्याम कली,श्यामा देवी,संगीत को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया ,ताकि अन्य महिलाओं को प्रेरणा मिल सके ।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिसन से प्राची यादव यंग प्रोफेसनल ने महिलाओं का उत्साह वर्धन किया ।वरिष्ठ किसान बलराम दादी ने कार्यक्रम व कृषि विज्ञान केंद्र के प्रयासों की सराहना की ।


अभिभावक की सहमति के बाद ही बच्चे को बुलाये विद्यालय में हमीरपुर । स्कूलों/ कालेजों के खोले जाने के संबंध में  विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक में जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार कक्षा 9 ,10 व 11, 12 के विद्यार्थियों के पठन पाठन हेतु विद्यालय खोले जाने हैं ।इसके लिए विद्यालय दो पारियों में संचालित किए जाए । प्रथम पाली में कक्षा 9 ,10 एवं द्वितीय पाली में कक्षा 11 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाए । एक दिन में प्रत्येक कक्षा के अधिकतम 50 फीसदी  विद्यार्थियों को ही बुलाया जाय । शेष 50 फीसदी विद्यार्थियों को अगले दिन बुलाया जाए ,ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित हो सके। विद्यार्थियों को उनके माता-पिता /अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही पठन-पाठन हेतु बुलाया जाए । किसी विद्यार्थी को विद्यालय आने के लिए बाध्य ना किया जाए । उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बचाव के उपाय के बारे मे विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए तथा कोविड-19  प्रोटोकॉल के अनुसार ही सभी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए । विद्यालय खोले जाने से पूर्व विद्यालयों को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए तथा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए । विद्यालय में सैनिटाइजर, हैंडवाश , थर्मल स्क्रीनिंग तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । यदि किसी विद्यार्थी ,शिक्षक या अन्य कार्मिकों को खांसी ,जुकाम, बुखार के लक्षण दिखे, तो उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने  हेतु समुचित कार्रवाई की जाए। विद्यालयों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखी जाए ।विद्यालय में प्रवेश के समय तथा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। इस हेतु शिक्षकों/ कार्मिकों की ड्यूटी लगा दी जाए ,एक साथ सभी विद्यार्थियों को ना छोड़ा जाए। विद्यालय में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार है ,तो उनका प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि विद्यार्थी स्कूल बस से विद्यालय आता है, तो उसमें निर्धारित क्षमता एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए । विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को 6 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था की जाए तथा इसे प्रोत्साहित किया जाए । जिनके पास आनलाइन पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं है ,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाए। यदि विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन करना चाहता है तो उसे यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।


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