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Friday, October 16, 2020

सुरक्षा और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना खाद्य दिवस का उद्देश्य

विवि के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित की गई कृषक गोष्ठी 

बांदा, के एस दुबे । कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के अन्तर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र में शुक्रवार को खाद्य एवं कृषि संगठन के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर विश्व खाद्य दिवस का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बीयूएटी के कुलपति डा. यूएस गौतम द्वारा की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यायल के डा. मुकुल कुमार एवं डा. नरेन्द्र सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र के समस्त स्टाफ एवं जनपद के विभिन्न विकास खण्डों से 60 कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों को पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। केन्द्र के वैज्ञानिक डा. मानवेन्द्र सिंह ने सभी का स्वागत किया। केन्द्र के प्रभारी डा. सुभाष चन्द्र सिंह ने विश्व खाद्य दिवस की शुरूआत महत्वपूर्ण उद्देश्यों के बारे में सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी देशो में खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना ही विश्व खाद्य दिवस मनाये जाने का उद्देश्य है। 

कार्यक्रम को संबोधित करते कुलपति यूएस गौतम

डा. मुकुल कुमार ने कृषकों को बायोफोर्टीफाइड फसलों से पोषक तत्वों की उपलब्धता के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा के महत्व के विषय में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या कुपोषण के शिकार है। यह समस्या मुख्यता दक्षिण एशिया एवं अफ्रीकन देशों में है। इस समस्या को दूर करने के लिये उन्होंने मोटे अनाज एवं विभिन्न दालों के मिश्रण के सेवन पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के द्वारा आज के दिन विमोचित 17 बायोफोर्टीफाइड किस्मों के बारे में सभी को अवगत कराया। डा. नरेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भोजन एक बुनियादी एवं मानव अधिकार है। उन्होंने भी कृषि विविधता, जैविक खेती कर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. यूएस गौतम ने इस वर्ष विश्व खाद्य दिवस की थीम बढ़े, पोषण करें एवं साथ चले के भावार्थ से सभी को अवगत कराया। कहा कि करोना बीमारी को देखते हुये खाद्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, जिसकी जिम्मेदारी हमारे किसान भाईयों के कंधों पर है। उन्होंने कृषकों को बुन्देलखण्ड की जलवायु के अनुकूल बायोफोर्टीफाइड प्रजातियों को उगाने हेतु प्रेरित किया साथ ही पोषक तत्वों की आपूर्ति हेतु सहजन की, नीबू, कृृषि विविधिकरण एवं जैविक खेती पर जोर दिया। उन्होंने युवा शक्ति से आवाहन किया कि वे सभी सूचना संचार तकनीकी के माध्यम से कृषि से जुडे़ तथा कृषि के विभिन्न आयामों में कृषि विज्ञान केन्द्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार अर्जित करें। इस अवसर पर विभिन्न ग्रामों के चार कृषक क्रमशः बृजभूषण कुमार, योगेन्द्र कुमार, बबलू तिवारी, राजेन्द्र सिंह ने कुलपति से अपनी कृषि सम्बन्धी समस्याओं को साझा किया। केन्द्र की वैज्ञानिक डा. दीक्षा पटेल ने सभी का आभार जताया। 


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